
नयी दिल्ली. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट)-स्नातक का प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में बृहस्पतिवार को पहली बार गिरफ्तारियां कीं और पटना से दो लोगों को हिरासत में लिया. अधिकारियों ने बताया कि मनीष कुमार और आशुतोष कुमार ने परीक्षा से पहले अ्भ्यियथयों को सुरक्षित परिसर कथित तौर पर मुहैया कराए जहां उन्हें लीक हुए प्रश्नपत्र तथा उत्तर पुस्तिकाएं दी गईं.
उन्होंने कहा कि दोनों को पटना में विशेष अदालत में पेश किया गया, जिसने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया. अधिकारियों ने कहा कि सीबीआई अब पूछताछ के लिए उनकी हिरासत मांगेगी. उन्होंने बताया कि आशुतोष कुमार ने कथित तौर पर पटना में ‘लर्न ब्वॉयज हॉस्टल एंड प्ले स्कूल’ किराए पर लिया था, जहां से बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई ने नीट-यूजी के आधे जले हुए प्रश्नपत्र बरामद किए थे.
अधिकारियों ने कहा कि सीबीआई ने पाया है कि आशुतोष कुमार को पता था कि परिसर का इस्तेमाल नीट अ्भ्यियथयों को प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के लिए किया जा रहा है. मनीष कुमार के बारे में उन्होंने कहा कि उसने कथित तौर पर उन अ्भ्यियथयों से सौदा किया था जो प्रश्नपत्र पहले से प्राप्त करने के लिए पैसे देने को तैयार थे.
उन्होंने बताया कि इसके बाद वह इन अ्भ्यियथयों को छात्रावास ले गया जहां उन्हें प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिका उपलब्ध कराई गई.
अधिकारियों ने बताया कि अभ्यर्थी परीक्षा तक छात्रावास में ही रहे और पांच मई को होने वाली परीक्षा की तैयारी की. सीबीआई ने नीट परीक्षा लीक मामले में छह प्राथमिकियां दर्ज की हैं.
नीट-यूजी परीक्षा देशभर में सरकारी तथा निजी संस्थानों में एमबीबीएस, बीडीएस, आयुष और अन्य पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित की जाती है. इस साल यह परीक्षा दूसरे देशों के 14 शहरों समेत कुल 571 शहरों में 4,750 केंद्रों पर पांच मई को आयोजित की गई. 23 लाख से अधिक परीक्षार्थियों ने यह परीक्षा दी थी.
सीबीआई ने इस मामले में पहली प्राथमिकी रविवार को दर्ज की थी. इससे एक दिन पहले सरकार ने घोषणा की थी कि वह परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच सीबीआई को सौंपेगी. प्रदर्शनकारी छात्रों का एक वर्ग सीबीआई से इस मामले की जांच कराने की मांग कर रहा था.



