
नयी दिल्ली. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को कहा कि ”मणिपुर की स्थिति में आज भी सुधार नहीं हुआ है और वह दो टुकड़ों में बंटा हुआ है”, ऐसे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को राज्य का दौरा कर लोगों की तकलीफ सुननी चाहिए और शांति की अपील करनी चाहिए.
उन्होंने यह भी कहा कि ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के घटक दल मणिपुर में शांति की ज.रूरत को संसद में पूरी शक्ति के साथ उठाकर, सरकार पर इस त्रासदी को खत्म करने का दबाव बनाएंगे. राहुल गांधी ने गत सोमवार को मणिपुर का दौरा कर हिंसा पीड़ितों से मुलाकात की थी. उन्होंने अपने इस दौरे का एक वीडियो बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा किया. उन्होंने कहा कि 22 जुलाई से आरंभ हो रहे संसद के मानसून सत्र में मणिपुर का मुद्दा उठाएंगे.
उन्होंने वीडियो साझा करते हुए पोस्ट किया, ”मणिपुर में हिंसा शुरू होने के बाद, मैं तीसरी बार यहां आ चुका हूं, मगर अफसोस स्थिति में कोई सुधार नहीं है – आज भी प्रदेश दो टुकड़ों में बंटा हुआ है. घर जल रहे हैं, मासूम ज.दिंगियां खतरे में हैं और हज.ारों परिवार राहत शिविर में जीवन काटने पर मजबूर हैं.” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को खुद मणिपुर आ कर प्रदेशवासियों की तकलीफ. सुनने के साथ ही शांति की अपील करनी चाहिए.
राहुल गांधी ने यह भी कहा, ”कांग्रेस पार्टी और ‘इंडिया’ गठबंधन मणिपुर में शांति की ज.रूरत को संसद में पूरी शक्ति के साथ उठाकर, सरकार पर इस त्रासदी को खत्म करने का दबाव बनाएंगे.” वीडियो के मुताबिक, जब राहल गांधी ने महिलाओं के एक समूह के समक्ष सवाल किया कि हिंसा क्यों शुरू हुई तो उन्होंने कहा कि गहतफहमी के कारण शुरू हुई और हिंसा से किसी का फायदा नहीं है.



