‘भेदभावपूर्ण बजट’ के खिलाफ ‘इंडिया’ गठबंधन के सांसदों ने प्रदर्शन किया

नयी दिल्ली. विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के घटक दलों के सांसदों ने केंद्रीय बजट में विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्यों के साथ किए गए ”भेदभाव और अन्याय” के खिलाफ बुधवार को संसद भवन परिसर में प्रदर्शन किया.

इस विरोध प्रदर्शन में राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कई अन्य विपक्षी दलों के सांसद शामिल हुए. विपक्षी सांसदों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की. कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि यह बजट जनविरोधी है.

उन्होंने कहा, “किसी को न्याय नहीं मिला है. बिहार और आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा तो मिला नहीं.” राहुल गांधी ने इस विरोध प्रदर्शन का हवाला देते हुए अपने व्हाट्सएप चैनल पर कहा, ”आज, इंडिया जनबंधन के सांसदों के साथ संसद भवन के परिसर में राजग के ‘कुर्सी बचाओ बजट’ के विरुद्ध प्रदर्शन किया.” उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट भारत के संघीय ढांचे की गरिमा पर आघात है, सत्ता बचाने के लोभ में देश के अन्य राज्यों की उपेक्षा है, उनके साथ पक्षपात है.

कांग्रेस नेता ने कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन हिंदुस्तान के हर राज्य को समान न्याय दिलाने के लिए आवाज. उठाता रहेगा. खरगे के आवास पर मंगलवार शाम ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दलों के सदन के नेताओं की बैठक में इस मुद्दे को लेकर संसद के बाहर और भीतर विरोध जताने का फैसला किया गया था.

कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इसी मुद्दे को लेकर मंगलवार को कहा था कि 27 जुलाई को नीति आयोग की होने वाली बैठक का कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री बहिष्कार करेंगे. उन्होंने यह आरोप भी लगाया था कि संवैधानिक सिद्धांतों के प्रति इस सरकार का रवैया पूरी तरह से ‘अनैतिक’ है. इससे पहले द्रविड़ मुनेत्र कषगम(द्रमुक) के अध्यक्ष और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के.स्टालिन ने भी नीति आयोग की बैठक का बहिष्कार करने की घोषणा की थी.

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