ओलंपिक: महिलाओं के बाद पुरुष तीरंदाजी टीम ने भी किया निराशा

पेरिस. महिला टीम के बाद भारतीय पुरुष टीम का भी ओलंपिक में निराशाजनक प्रदर्शन जारी रहा जिसमें अनुभवी तरूणदीप राय, धीरज बोम्मदेवरा और प्रवीण जाधव की तिकड़ी सोमवार को यहां क्वार्टर फाइनल में तुर्किये से 2-6 से हारकर प्रतियोगिता से बाहर हो गई. विश्व कप फाइनल में कोरिया पर टीम की ऐतिहासिक जीत के साथ धीरज की तोक्यो ओलंपिक के रजत पदक विजेता मौरो नेस्पोली पर जीत से भारतीय तीरंदाज बढ़े हुए आत्मविश्वास और विश्व रैंकिंग में दूसरे स्थान की टीम के रूप में यहां पहुंची थी.
यह टीम हालांकि एक बार फिर ओलंपिक के दबाव का सामना नहीं कर सकी और क्वार्टर फाइनल से बाहर हो गयी.

सियोल 1988 में पदार्पण करने के बाद, भारतीय तीरंदाज नौ ओलंपिक में कभी भी क्वार्टर फाइनल की बाधा नहीं पार कर सके. पेरिस में भारत की पूरी तीरंदाजी टीम है ऐसे में तीरंदाजों के पास तीन और पदक स्पर्धाएं है जिसमें पुरुष और महिला व्यक्तिगत और मिश्रित टीम फाइनल बची हैं. यह मुकाबले हालांकि टीम स्पर्धा से अधिक चुनौतीपूर्ण होंगे. मौजूदा प्रदर्शन को देखते हुए अगर धीरज और दीपिका अपने अभियान को पदक दौर तक बढ़ा पाये तो यह किसी उलटफेर की तरह होगा.भारतीय टीम ने इस मुकाबले को 53-57, 52-55, 55-54, 54-58 से गंवाया. टीम इस दौरान तीसरे सेट में सबसे ज्यादा 55 अंक ही जुटा सकी जो तीरंदाजी की शीर्ष स्तर की स्पर्धाओं में औसत माना जाता है.

इससे पहले भजन कौर, अंकिता भकत और दीपिका कुमारी की महिला तिकड़ी को नीदरलैंड ने 6-0 से हराकर बाहर किया था . महिला टीम सिर्फ एक बार 50 से अधिक का स्कोर कर सकी थी. महिलाओं की स्पर्धा में अनुभवी दीपिका और अंकिता बुरी तरह पिछड़ गईं, वहीं सोमवार को भारत के नंबर एक तीरंदाज धीरज असफल रहे. पिछले महीने विश्व कप में कांस्य पदक जीतने वाले ने क्वालीफिकेशन में 720 में से 681 अंकों के साथ तीसरा स्थान हासिल किया था. वह क्वार्टर फाइनल में संघर्ष करते हुए केवल दो बार 10 अंक हासिल कर सके और दो बार सात अंक के निशाने लगाये.

एथेंस 2004 में पदार्पण करने वाले चार बार के ओलंपियन तरुणदीप ने भी अपने अनुभव का फायदा नहीं उठा सके और केवल एक बार 10 का स्कोर किया. धीरज ने जहां अपने कोटे के 80 में से 69 अंक बनाये वहीं तरूणदीप ने 70 का निराशाजनक स्कोर किया. टीम में इन दोनों के मुकाबले कमजोर माने जा रहे जाधव सबसे अधिक प्रभावशाली रहे और केवल पांच अंक गंवाये. उन्होंने दो एक्स (केंद्र के करीब) सहित 10 अंक वाले चार शॉट लगाए.

भारत ने इसके साथ ही पदक जीतने का शानदार मौका भी गंवा दिया पदक के लिए टीम को केवल दो मैच जीतने थे और फाइनल से पहले कोरिया से उसका सामना होने की संभावना नहीं थी. कोलंबिया को शूटऑफ में पछाड़कर क्वार्टर फाइनल में पहुंची निचली रैंक की टीम तुर्किये की टीम में मौजूदा ओलंपिक और विश्व चैंपियन मेटे गाजोज 21 वर्षीय र्बिकम तुमर और 20 वर्षीय अब्दुल्ला यिल्देरिमिस शामिल थे. दोनों युवा खिलाड़ियों ने गाजोज का अच्छे से साथ दिया.

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