
पेरिस/नयी दिल्ली. भारतीय पहलवान विनेश फोगाट ने ओलंपिक खेलों में बड़ा उलटफेर करते हुए अब तक अपराजेय मौजूदा चैम्पियन युई सुसाकी को हराया और उसके बाद यूक्रेन की ओक्साना लिवाच को हराकर पेरिस ओलंपिक में महिला कुश्ती स्पर्धा के 50 किलोवर्ग के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया .
तोक्यो खेलों की स्वर्ण पदक विजेता और चार बार की विश्व चैंपियन सुसाकी ने इससे पहले अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 82 मुकाबलों में से किसी में भी हार का सामना नहीं किया था. जापान की इस शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ी को शायद ही इस बात का अंदाजा था कि इन खेलों के पहले मुकाबले में ही उन्हें किस चुनौती का सामना करना है. विनेश ने आखिरी कुछ सेकेंडों में मैच का पासा पलटते हुए 3-2 की यादगार जीत दर्ज की.
उन्होंने इसके बाद क्वार्टर फाइनल में पूर्व यूरोपीय चैंपियन और 2018 विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता लिवाच की चुनौती को 7-5 से खत्म किया. अपना तीसरा ओलंपिक खेल रही 29 साल की विनेश इन खेलों में अपने पहले पदक से अब केवल एक जीत दूर है. विनेश के पास ओलंपिक छोड़ हर बड़े खेल का पदक है. इसमें राष्ट्रमंडल खेलों का स्वर्ण, एशियाई खेल का खिताब, विश्व चैंपियनशिप के दो कांस्य के साथ एशियाई चैम्पियनशिप के आठ पदक शामिल हैं. वह रियो और तोक्यो ओलंपिक में हालांकि पदक नहीं जीत सकी थी.
भारत के राष्ट्रीय कोच वीरेंद्र दहिया ने अंतिम पंघाल के ड्रॉ के लिए रवाना होने से पहले कहा, ”यह एक चमत्कार है, विनेश ने आज जो किया है, वह किसी चमत्कार से कम नहीं है. निशा की चोट के कारण सोमवार का दिन बहुत दुखद था, लेकिन विनेश ने उस दर्द को कुछ कम किया है.” जापान की पहलवान के खिलाफ जीत के बाद सिर्फ भारतीय खेमा ही नहीं बल्कि ड्रॉ के इस हाफ में शामिल अन्य पहलवान भी जश्न मना रहे थे.
विनेश के खिलाफ अंतिम आठ में 5-7 की करीबी हार के बाद लिवाच ने कहा, ”विश्व चैंपियन के बाहर होने के बाद, मुझे लगा कि अब मेरे पास बेहतर मौका होगा लेकिन विनेश बहुत मजबूत थी. मैंने पूरा दमखम लगाने की कोशिश की लेकिन मैं कुछ गलतियां भी कर बैठी.” सुसाकी के पास विनेश के खिलाफ मुकाबले में आखिरी कुछ सेकेंड से पहले तक 2-0 की बढ.त थी. विनेश अपने अनुभव का पूरा इस्तेमाल कर आखिरी नौ सेकेंड में जापान की चैम्पियन पहलवान को टेकडाउन कर दो अंक हासिल करने में सफल रही.
जापान की टीम ने इसके खिलाफ अपील भी की लेकिन रेफरी ने वीडियो रीप्ले देखने के बाद उसे खारिज कर दिया जिससे विनेश को एक और अंक मिला और उन्होंने 3-2 से जीत हासिल कर ली. विनेश ने शुरुआती एक मिनट में सुसाकी को पकड़ बनाने का कोई मौका नहीं दिया. सुसाकी हालांकि दूसरे मिनट में बढ.त बनाने में सफल रही. विनेश ने सुसाकी के आक्रमण का अपने मजबूत रक्षण से शानदार जवाब दिया.
दूसरे पीरियड में भी सुसाकी विनेश के रक्षण को भेदने में सफल नहीं रही लेकिन उन्होंने एक पेनल्टी अंक हासिल कर 2-0 की बढ.त बना ली. विनेश ने अपना सर्वश्रेष्ठ आखिरी कुछ सेकेंडों के लिए बचा रखा था और उनके अचानक से अपनाये गये आक्रामक रवैये ने जापान की पहलवान को संभलने का मौका नहीं दिया.
विनेश ने इस जीत का जश्न हवा में कूदने के बाद मैट पर बैठ कर बनाया. वह इस दौरान भावुक हो गयी और उन्होंने बेल्जियम के अपने कोच वॉलेर अकोस को गले लगा लिया. विनेश पिछले साल भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व प्रमुख बृज भूषण सिंह शरण पर यौन दुर्व्यवहार का आरोप लगाने के बाद उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए काफी समय मैट से दूर बिताया था. विनेश ओलंपिक में पहली बार 50 किग्रा वर्ग में चुनौती पेश कर रही है. इससे पहले वह 53 किग्रा वर्ग में खेलती थी. क्वार्टर फाइनल में विनेश लिवाच के खिलाफ पहले पीरियड में 2-0 की बढ.त बनाने के बाद विनेश ने दूसरे पीरियड की शुरुआत में अपनी बढ.त 4-0 की कर ली.
लिवाच ने भी अंक हासिल कर मैच में वापसी करने की कोशिश की और उन्होंने विनेश की बढ.त को दो अंकों (5-3) तक सीमित कर दिया. विनेश पर इस समय थकान हावी हो रही थी और उन्होंने अपने कोच से पिछले अंक के खिलाफ चैलेंज लेने के लिए कहा. रेफरी ने वीडियो देखने के बाद इसे खारिज कर दिया और विनेश को एक और अंक का खामियाजा भुगतना पड़ा. उन्हें हालांकि इस दौरान खुद को तरोताजा करने के लिए कुछ सेकेंड मिल गये.
विनेश ने यूक्रेन की पहलवान को बाहर धकेल कर दो अंक हासिल कर अपनी बढ.त को 7-4 कर लिया. लिवाच इसके बाद एक अंक हासिल करने में सफल रही लेकिन यह विनेश को रोकने के लिए काफी नहीं था. उनका सेमीफाइनल मुकाबला आज रात को खेला जायेगा, जिसमें उनके सामने क्यूबा की युस्नेलिस गुजमैन लोपेज की चुनौती होगी.
सुसाकी के खिलाफ विनेश ने वह कर दिखाया जिसके बारे में शायद कम ही लोगों ने सोचा होगा. ओलंपिक से पहले उन्होंने स्पेनिश ग्रां प्री में भाग लिया था और उसमें जीत दर्ज की थी. इस स्पर्धा में हालांकि शीर्ष पहलवान नहीं थे, फिर भी इससे उन्हें मैट में समय बिताने का मौका मिला. निशा दहिया सोमवार को महिलाओं के 68 किग्रा में कंधे की चोट के कारण क्वार्टर फाइनल में हार के बाद पहले ही प्रतियोगिता से बाहर हो गई हैं.
विनेश फोगाट भारत की शेरनी है: बजरंग
तोक्यो ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता पहलवान बजरंग पूनिया ने पेरिस ओलंपिक में अपने शुरुआती दो जीत के साथ सेमीफाइनल में जगह पक्की करने वाली पहलवान विनेश फोगाट को मंगलवार को ‘भारत की शेरनी’ करार दिया. बजरंग ने ‘एक्स’ पर लिखा, ” विनेश फोगाट भारत की वो शेरनी जिसने आज लगातार दो मैचों में जीत दर्ज की. उन्होंने चार बार की विश्व चैम्पियन और मौजूदा ओलंपिक चैम्पियन को हराया. उसके बाद क्वार्टरफाइनल में पूर्व विश्व चैम्पियन (कांस्य पदक विजेता) को हराया.” बजरंग, विनेश और पूर्व ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह द्वारा महिला पहलवानों के कथित यौन उत्पीड़न के खिलाफ पिछले साल की शुरुआत में दिल्ली में लंबे धरने का नेतृत्व किया था.
बजरंग ने लिखा, ”मगर एक बात बताऊं, ये लड़की अपने देश में लातों से कुचली गई थी, ये लड़की अपने देश में सड़कों पर घसीटी गई थी. ये लड़की दुनिया जीतने वाली है मगर इस देश में ‘सिस्टम’ से हार गई थी.” विनेश ने क्वार्टर फाइनल में पूर्व यूरोपीय चैंपियन और 2018 विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता लिवाच को 7-5 से हराया बजरंग ने इसके बाद एक अन्य पोस्ट में लिखा, ” विनेश की जीत पर समझ नहीं पा रहा हूं कि कैसी प्रतिक्रिया दूं. पता नहीं चल पा रहा है कि हम खुश हो रहे हैं या रो रहे हैं. सारा भारत ही इस पदक की राह देख रहा है. हर किसी की आंखें नम हैं. ऐसा लग रहा है जैसे विनेश अकेली नहीं बल्कि सारे देश की सभी महिलाएं लड़ रही हों.”
उन्होंने लिखा, ” विनेश, आप सच में ही रिकॉर्ड कायम करने के लिए पैदा हुई हैं. इतनी मुश्किलें झेलने के बाद भी आप लक्ष्य पर आंख गड़ाए बैठी हो. हमारी यही दुआ है कि बस यह सोना भारत आए.” विनेश अंतिम चार मुकाबले में आज रात में क्यूबा की युस्नेलिस गुजमैन लोपेज का सामना करेंगी. इस मुकाबले में जीत से उनका रजत पदक पक्का हो जायेगा. जबकि हार के बाद उन्हें कांस्य पदक का प्लेऑफ खेलना होगा.



