‘मां, कुश्ती जीत गई, मैं हार गई’ विनेश ने खेल को अलविदा कहा

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 08 Aug 2024 09:01 PM
‘मां, कुश्ती जीत गई, मैं हार गई’ विनेश ने खेल को अलविदा कहा
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पेरिस/नयी दिल्ली. भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट ने पेरिस ओलंपिक में स्वर्ण पदक मुकाबले से पहले अयोग्य ठहराये जाने के बाद अपनी मां को संबोधित एक भावुक संदेश में कुश्ती को अलविदा कहने की घोषणा की और कहा कि अब आगे खेलने की ताकत नहीं है.
विनेश को बुधवार को महिलाओं के 50 किग्रा वर्ग के फाइनल से पहले 100 ग्राम अधिक वजन होने के कारण अयोग्य ठहराया गया था. उन्होंने ‘एक्स’ पर संन्यास की घोषणा की.

अपनी मां प्रेमलता को संबोधित करते हुए 29 वर्षीय विनेश ने लिखा, ”मां, कुश्ती मेरे से जीत गई, मैं हार गई. माफ करना. आपका सपना मेरी हिम्मत सब टूट चुके. इससे ज्यादा ताकत नहीं रही अब. ” दो बार की विश्व चैम्पियनशिप कांस्य पदक विजेता ने कहा, ”अलविदा कुश्ती 2001-2024. मैं आप सभी की हमेशा ऋणी रहूंगी. मुझे माफ कर दीजिए. ” विनेश ने बुधवार को खेल पंचाट (कैस) में ओलंपिक फाइनल से खुद को अयोग्य ठहराए जाने के खिलाफ अपील की और मांग की कि उन्हें संयुक्त रजत पदक दिया जाए.
ओलंपिक खेलों या उद्घाटन समारोह से पहले 10 दिनों की अवधि के दौरान उत्पन्न होने वाले किसी भी विवाद के समाधान के लिए यहां खेल पंचाट का तदर्थ विभाग स्थापित किया गया है जो अगले कुछ घंटों में उनकी अपील पर सुनवाई करेगा.

विनेश ने दिन का एक बड़ा हिस्सा खेल गांव के अंदर पॉलीक्लिनिक में बिताया, क्योंकि वजन कम करने के उपाय के कारण उनके शरीर में पानी की कमी हो गई. इन उपायों में भूखा रहना, तरल पदार्थों से परहेज करना और पसीना बहाने के लिए पूरी रात जागना शामिल था. सेमी फाइनल में विनेश से हारने वाली क्यूबा की पहलवान युसनेलिस गुज.मैन लोपेज. ने फाइनल में भारतीय खिलाड़ी की जगह ली जहां वह अमेरिका की सारा एन हिल्डेब्रांट से हार गई. विनेश अब लोपेज के साथ संयुक्त रजत पदक विजेता बनने के लिए खेल पंचाट पर भरोसा कर रही हैं.

कुश्ती की अंतरराष्ट्रीय संचालन संस्था यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) ने हालांकि स्पष्ट कर दिया है कि वजन से जुड़े वर्तमान नियमों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा. विश्व संस्था ने अपने अध्यक्ष नेनाद लालोविच के भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की प्रमुख पीटी उषा से मुलाकात के बाद बुधवार देर रात जारी बयान में कहा, ”आईओए हमने सुझाव दिया किसी दिन खिलाड़ी के वजन की जरूरत को पूरा किया जाता है उस दिन के पहलवान के परिणाम को अयोग्य नहीं ठहराया जाना चाहिए.”

यूडब्ल्यूडब्ल्यू ने कहा,”यूडब्ल्यूडब्ल्यू भी उचित मंच पर इस सुझाव पर चर्चा करेगा लेकिन यह पूर्व के नियमों पर लागू नहीं किया जा सकता.” विनेश ने ओलंपिक फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनकर इतिहास रचा था . सुबह तक उनका कम से कम रजत पदक पक्का लग रहा था लेकिन उन्हें फाइनल में भाग लेने के अयोग्य ठहरा दिया गया. विनेश का यह तीसरा ओलंपिक था. वह एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता है. हरियाणा की रहने वाली विनेश का पेरिस ओलंपिक तक का सफर आसान नहीं रहा.

भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर प्रदर्शन की अगुवाई करने पर उनकी काफी आलोचना हुई . मामला पुलिस और अदालत तक पहुंचा. यही नहीं पेरिस ओलंपिक में उन्हें अपने पसंदीदा 53 किग्रा की बजाय 50 किग्रा में उतरना पड़ा. इस बार वर्ग में अंतिम पंघाल ने पेरिस ओलंपिक का कोटा हासिल किया जो पहले दौर में हार कर बाहर हो गई.

विनेश को ओलंपिक क्वालीफायर से पहले कई ट्रायल मुकाबले खेलने पड़े और इस बीच उन्हें घुटने की सर्जरी भी करानी पड़ी.
विनेश का ओलंपिक सफर काफी पीड़ा दायक रहा है. उन्होंने पहली बार रियो ओलंपिक 2016 में हिस्सा लिया था जिसके क्वार्टर फाइनल मैच में वह चोटिल हो गई और उन्हें मैट से स्ट्रेचर पर बाहर लाया गया. उन्होंने इसके बाद तोक्यो ओलंपिक पर ध्यान लगाया और उसकी तैयारी में जुट गई. कॉविड-19 के कारण 2021 में खेले गए इन खेलों में विनेश क्वार्टर फाइनल से आगे नहीं बढ. पाईं. पेरिस ओलंपिक में उन्होंने शुरू से अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन आखिर में भाग्य ने उनका साथ नहीं दिया.

बबीता फोगाट ने चचेरी बहन विनेश से संन्यास के फैसले पर फिर विचार करने को कहा

राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता पहलवान बबीता फोगाट ने बृहस्पतिवार को अपनी चचेरी बहन विनेश से आग्रह किया कि कुश्ती से संन्यास लेने के अपने फैसले पर फिर से विचार करें. विनेश को पेरिस ओलंपिक में 50 किग्रा वर्ग की स्पर्धा के स्वर्ण पदक मुकाबले से पहले वजन मापने के दौरान 100 ग्राम अधिक पाया गया जिससे उन्हें अयोग्य करार दिया गया. विनेश का ओलंपिक सपना चकनाचूर हो गया जिसके बाद 29 वर्षीय इस पहलवान ने अपने अंतरराष्ट्रीय कुश्ती करियर को अलविदा कह दिया और कहा कि अब उनमें इसे जारी रखने की ताकत नहीं है.

पूर्व विश्व चैम्पियनशिप की कांस्य पदक विजेता बबीता ने पीटीआई वीडियो से कहा, ”2012 में मैं भी एशियाई चैंपियनशिप में नहीं खेल पाई थी क्योंकि मेरा वजन 200 ग्राम अधिक था. ऐसे कई अन्य उदाहरण हैं जिसमें पहलवानों को अधिक वजन के कारण अयोग्य घोषित किया गया है. पूरी दुनिया जानती है कि ऐसा कुश्ती के नियमों के कारण हुआ. ” बबीता ने कहा कि देश विनेश के कुश्ती को अलविदा कहने के फैसले से दुखी है और उम्मीद है कि वह अपने फैसले पर फिर विचार करेंगी और 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए ट्रेनिंग करेंगी.

बिंद्रा ने विनेश के बारे में कहा, आप योद्धा की सच्ची भावना का प्रतीक हैं
भारत के पहले व्यक्तिगत ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने बृहस्पतिवार को पहलवान विनेश फोगाट की सराहना करते हुए कहा कि उनकी लड़ाई उनके दिल को छू गई और वह ‘योद्धा की सच्ची भावना’ की प्रतीक हैं.

बिंद्रा ने उनसे मुलाकात की कुछ तस्वीरों के साथ ‘एक्स’ पर लिखा, ”ऐसा कहा जाता है कि खेल मानवीय इच्छाशक्ति का उत्सव है. मैंने अपने करियर में कई बार यह सच होते देखा है लेकिन आज से ज्यादा कभी भी यह सच नहीं हुआ. जब मैं अपने चारों ओर देखता हूं, तो मुझे एक राष्ट्र और उसके लोग आपके दृढ़ संकल्प का जश्न मनाते हुए दिखाई देते हैं.” उन्होंने लिखा, ”आप एक योद्धा हैं – मैट पर और मैट से बाहर भी. आपके माध्यम से हम सीख रहे हैं कि हार के बावजूद भी अपने अंदर की लड़ाई को कभी नहीं हारना क्या मायने रखता है. आप एक योद्धा की सच्ची भावना को मूर्त रूप देती हैं.”

विनेश से अनुरोध करता हूं कि वह दुखी मन से संन्यास लेने का फैसला नहीं लें: डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष संजय
भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) प्रमुख संजय सिंह ने बृहस्पतिवार को हताश महिला पहलवान विनेश फोगाट से आग्रह किया कि वह ‘दुखी मन’ से खेल से संन्यास लेने जैसा फैसला नहीं करें. वह विनेश से व्यक्तिगत रूप से मिलना चाहते हैं. संजय सिंह ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा, ”मुझे सोशल मीडिया पर विनेश के संन्यास के बारे में पता चला और मैं यह देखकर भी हैरान हूं कि उन्होंने खुद ही संन्यास लेने का फैसला किया.” उन्होंने कहा, ”मैं भारतीय कुश्ती महासंघ की ओर से उनसे आग्रह करूंगा कि वह दुखी मन से इतना बड़ा फैसला नहीं लें और इस निराशा से मानसिक रूप उबरने के बाद ही तर्कसंगत फैसला करें. हम उनसे इस बारे में बात करेंगे. ”

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