असम: न्यायाधिकरण के फैसले के बाद 28 विदेशियों को ‘ट्रांजिट कैंप’ में भेजा गया

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 03 Sep 2024 08:13 PM
असम: न्यायाधिकरण के फैसले के बाद 28 विदेशियों को ‘ट्रांजिट कैंप’ में भेजा गया
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बारपेटा. असम के बारपेटा जिले से नौ महिलाओं सहित कुल 28 लोगों को न्यायाधिकरण द्वारा विदेशी घोषित किए जाने के बाद गोवालपारा के एक ‘ट्रांजिट कैंप’ में भेजा गया है. पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी. परिवार के सदस्यों के लिए यह एक हृदय विदारक दृश्य था, जब उनके प्रियजनों को सोमवार को पुलिस अधीक्षक के कार्यालय से एक बस में भरकर ‘ट्रांजिट कैंप’ ले जाया गया.

बारपेटा के पुलिस अधीक्षक सुशांत विश्व शर्मा ने कहा, “विदेशी न्यायाधिकरण ने उचित सुनवाई के बाद इन लोगों को विदेशी घोषित किया है. न्यायाधिकरण के आदेश के अनुसार हमने इन विदेशी नागरिकों को शिविर में स्थानांतरित कर दिया.” न्यायाधिकरण अर्द्ध-न्यायिक निकाय है, जो असम में रहने वाले उन व्यक्तियों की नागरिकता की स्थिति पर निर्णय लेते हैं जिनके विदेशी होने का संदेह है.
असम में करीब 100 विदेशी न्यायाधिकरण कार्यरत हैं. नियम के अनुसार, यदि ये लोग गुवाहाटी उच्च न्यायालय में अपील नहीं करते हैं, तो विदेश मंत्रालय द्वारा उचित प्रक्रिया के बाद इन्हें उनके देश में वापस भेजा जाएगा.

शर्मा ने बताया कि नौ महिलाओं और 19 पुरुषों वाले इस समूह को भारी सुरक्षा के बीच गोलपाड़ा जिले के मटिया स्थित ‘ट्रांजिट कैंप’ ले जाया गया. सरकार ने असम में पाए जाने वाले संदिग्ध और घोषित विदेशियों को रखने के लिए गोलपाड़ा जिले के मटिया में पहला सर्मिपत ‘ट्रांजिट कैंप’ बनाया है. इस ‘ट्रांजिट कैंप’ में 400 महिलाओं सहित 3,000 कैदियों को रखा जा सकता है.

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