
श्रीनगर/डूरू. नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) अध्यक्ष फारुक अब्दुल्ला ने बुधवार को कहा कि उनकी पार्टी ने भाजपा की ”सांप्रदायिक और विभाजनकारी राजनीति” से मुकाबला करने के लिए जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस के साथ गठबंधन किया है.
पूर्व मुख्यमंत्री ने दक्षिण कश्मीर की डूरू सीट से कांग्रेस उम्मीदवार जी ए मीर के समर्थन में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की. इस दौरान मंच पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी मौजूद थे.
अब्दुल्ला ने कहा, ”वे (भाजपा) लोगों को धर्म के नाम पर बांट रहे हैं. इसलिए हमने यह गठबंधन किया है. हम सम्मानजनक जिंदगी चाहते हैं. इसलिए हम सभी को एक साथ आना होगा.” उन्होंने नेकां के मतदाताओं से गठबंधन के उम्मीदवार मीर को वोट देने का आग्रह किया.
फारुक ने कहा, ”आपको कांग्रेस या नेकां को देखने की जरूरत नहीं है. आपको इन विभाजनकारी ताकतों से लड़ने के लिए एक साथ हाथ आना होगा.” इससे पहले, डूरू रैली में भाग लेने के लिए अपने आवास से निकलते समय श्रीनगर में अब्दुल्ला ने संवाददाताओं से कहा कि कांग्रेस के साथ उनकी पार्टी का गठबंधन कोई मजबूरी नहीं है, बल्कि जम्मू-कश्मीर के विकास और केंद्र शासित प्रदेश को राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए समय की जरूरत है. उन्होंने यह भी कहा कि गांधी का केंद्र शासित प्रदेश का दौरा उन लोगों के मुंह पर तमाचा है जो जम्मू-कश्मीर के मुख्यधारा के नेताओं को पाकिस्तानी या खालिस्तानी कहते हैं.
रैली को संबोधित करते हुए अब्दुल्ला ने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में जम्मू-कश्मीर के लोगों ने बेहद कठिन दौर देखा है. उन्होंने कहा, ”एक बात याद रखें, इन 10 वर्षों में जो मुश्किल हालात रहे हैं उसके बावजूद हम जिंदा है यह खुशी की बात है. उन्होंने हमारा जीना दुश्वार कर दिया. सभी अधिकारी बाहर से हैं. वे इस जगह के बारे में क्या जानते हैं. हमें इन लुटेरों से खुद को बचाने की जरूरत है.” पूर्व मुख्यमंत्री ने लोगों से बड़ी संख्या में मतदान करने का आग्रह किया ताकि ”हमारी बहनें, हमारी माताएं और हमारे बच्चे सम्मान और गरिमा के साथ रह सकें”. अब्दुल्ला ने केंद्र द्वारा 2019 में किए गए जम्मू और कश्मीर के पुनर्गठन का भी उल्लेख किया.
उन्होंने कहा, ”मैंने कभी नहीं सुना कि किसी राज्य को केंद्र शासित प्रदेश में बदल दिया गया हो. हम मुस्लिम बहुल राज्य हैं और इसलिए वे हमें तोड़ना चाहते हैं.” श्रीनगर में नेकां-कांग्रेस गठबंधन के बारे में पूछे जाने पर अब्दुल्ला ने कहा, ”यह कोई मजबूरी नहीं है. यह समय की जरूरत है. हम जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए सभी को साथ लेकर चलना चाहते हैं.”
उन्होंने कहा, ”वह (राहुल) हमारे देश के लिए एक बड़ी आवाज हैं. यह उन लोगों के मुंह पर तमाचा है, जिन्होंने हम पर पाकिस्तानी या खालिस्तानी होने का आरोप लगाया था. मैं आशा करता हूं कि देश के लोग समझेंगे कि हम राज्य (जम्मू और कश्मीर) को इस मुश्किल दौर से बाहर निकलना और विकास करना चाहते हैं.” एक सवाल के जवाब में अब्दुल्ला ने कहा कि विधानसभा चुनावों से पहले नेकां को अन्य पार्टियों की तरह नेताओं की खींचतान का सामना नहीं करना पड़ा क्योंकि लोगों को एहसास हो गया है कि उनकी पार्टी कुछ अच्छा करने की स्थिति में है. पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) प्रमुख महबूबा मुफ्ती द्वारा नेकां के खिलाफ दिए गए बयानों पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि ”वह अलग-अलग बयान देती रहती हैं.”



