भारतीय टीम ने चीन को हराकर पांचवीं बार एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी जीती

हुलुनबुइर (चीन). टूर्नामेंट में अजेय रही भारतीय हॉकी टीम ने मंगलवार को मेजबान चीन को कड़े मुकाबले में 1 . 0 से हराकर पांचवीं बार एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी खिताब जीता . पहले तीन क्वार्टर तक कोई टीम गोल नहीं कर सकी . आखिर में डिफेंडर जुगराज सिंह ने फील्ड गोल करके टीम को जीत दिलाई .

हरमनप्रीत सिंह की टीम के लिये यह मुकाबला कतई आसान नहीं था . पहले तीन क्वार्टर में चीनी डिफेंडरों ने भारत को गोल करने का कोई मौका नहीं दिया . पेरिस ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता भारतीय टीम के लिये 51वें मिनट में जुगराज ने गोल किया . चीन दूसरी बार ही किसी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट का फाइनल खेल रहा था . इससे पहले उसने एशियाई खेल 2006 फाइनल खेला था जिसमें उसने कोरिया ने 3 . 1 से हराया था .

इससे पहले पाकिस्तान ने कोरिया को 5 . 2 से हराकर छह टीमों के टूर्नामेंट में तीसरा स्थान हासिल किया . इसके साथ ही भारत टूर्नामेंट के इतिहास की सबसे कामयाब टीम हो गई है जिसने पांच बार खिताब जीता . इससे पहले 2016 और 2018 में लगातार खिताब जीते थे . हॉकी इंडिया ने इस जीत पर हर खिलाड़ी को तीन लाख रूपये और सहयोगी स्टाफ को डेढ लाख रूपये नकद पुरस्कार देने का ऐलान किया है . खिताब के प्रबल दावेदार के रूप में उतरी भारतीय टीम ने पहले लीग मैच में चीन को 3 . 0 से हराया था लेकिन फाइनल मुकाबला काफी कठिन रहा . पहले दो क्वार्टर में भारत ने गोल करने के कई मौके बनाये लेकिन चीन भी जवाबी हमले में पीछे नहीं था . राजकुमार पाल ने पहला हमला बोला जिसे चीन के गोलकीपर वांग वेइहाओ ने बचा लिया .

राजकुमार ने दसवें मिनट में भारत को पहला पेनल्टी कॉर्नर दिलाया लेकिन हरमनप्रीत सिंह गोल नहीं कर सके . दो मिनट बाद नीलाकांता शर्मा का शॉट वांग ने बचाया और अगले मिनट सुखजीत सिंह को गोल नहीं करने दिया . पहले क्वार्टर से कुछ सेकंड पहले भारत ने पेनल्टी कॉर्नर गंवाया लेकिन कृशन बहादुर पाठक गोल के सामने मुस्तैद थे . दूसरे क्वार्टर में भी कहानी यही रही जब गेंद पर नियंत्रण में भारत ने बाजी मारी लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी . भारत को 27वें मिनट में सुखजीत ने पेनल्टी कॉर्नर दिलाया लेकिन हरमनप्रीत का शॉट गोलपोस्ट से टकरा गया .

दूसरे हाफ में चीनी फारवर्ड पंक्ति ने लगातार हमले बोले और 38वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर बनाया लेकिन भारतीय डिफेंस चौकस था .
चीन को 40वें मिनट में लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर मिले जिन पर भारतीय गोलकीपर पाठक ने गोल नहीं होने दिया . भारत के गोल के सूत्रधार हरमनप्रीत रहे जो जबर्दस्त स्टिक वर्क दिखाते हुए चीनी सर्कल में घुसे और जुगराज को गेंद सौंपी जिसने गोल करने में कोई चूक नहीं की . हूटर से चार मिनट पहले चीन ने अपने गोलकीपर को हटाकर अतिरिक्त खिलाड़ी को उतारा लेकिन बराबरी का गोल नहीं कर सका .

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