अमरावती कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बारे में विवादित बयान देने के लिए बुधवार को भाजपा के राज्यसभा सदस्य अनिल बोंडे के खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया. पुलिस ने यह जानकारी दी. बोंडे ने आरक्षण के बारे में गांधी की टिप्पणियों को “खतरनाक” बताते हुए उनकी जीभ दागने की बात कहकर विवाद खड़ा कर दिया. बोंडे का कहना है कि आरक्षण के संबंध में राहुल गांधी के बयान से बहुजन और बहुसंख्यक समुदायों की भावनाएं आहत हुई हैं.
शहर के पुलिस आयुक्त के कार्यालय के बाहर अमरावती के सांसद बलवंत वानखेड़े, विधायक यशोमति ठाकुर, पूर्व मंत्री सुनील देशमुख समेत कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं के धरने के बाद बोंडे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई. अमरावती के राजापेठ थाने में सांसद अनिल बोंडे के खिलाफ धारा 192 (दंगा भड़काने के इरादे से जानबूझकर उकसाना), धारा 351 (2) (जानबूझकर किसी अन्य व्यक्ति को आपराधिक बल के प्रयोग के लिए विवश करना) और 356 (मानहानि के लिए सजा) के तहत मामला दर्ज किया गया है.
बोंडे ने मंगलवार को शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ द्वारा राहुल गांधी के खिलाफ की गई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा था, “जीभ काटने जैसी भाषा उचित नहीं है, लेकिन राहुल जी ने आरक्षण के खिलाफ जो कहा, वह खतरनाक है.”
आरक्षण पर ‘खतरनाक’ टिप्पणी के लिए राहुल गांधी की जुबान दाग दी जानी चाहिए: बोंडे
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सदस्य अनिल बोंडे ने विवादास्पद बयान देते हुए कहा है कि राहुल गांधी की जुबान दाग दी जानी चाहिए क्योंकि उन्होंने आरक्षण के बारे में जो कहा है वह ”खतरनाक” है. विपक्षी दलों ने अनिल बोंडे की इस विवादित टिप्पणी की आलोचना की. बोंडे ने यह टिप्पणी बुलढाणा से शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ के उस बयान के बाद की है जिसमें उन्होंने आरक्षण को लेकर राहुल गांधी के बयान के लिए उनकी जीभ काटने वाले को 11 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी.
अमेरिका की अपनी हाल की यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय में छात्रों से कहा था कि कांग्रेस तभी आरक्षण खत्म करने के बारे में सोचेगी, जब देश में सभी को समान अवसर मिलने लगेंगे. उन्होंने कहा था, ”फिलहाल भारत में ऐसी स्थिति नहीं है.” भाजपा नेता बोंडे ने गायकवाड़ के राहुल गांधी की जीभ काटने संबंधी बयान पर महाराष्ट्र के अमरावती में मंगलवार को प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, ”जीभ काटने की भाषा उचित नहीं है लेकिन राहुल जी ने आरक्षण के खिलाफ जो कहा वह खतरनाक है.”
उन्होंने कहा, ”इसलिए अगर कोई विदेश में कुछ भी बेतुका बोलता है तो उसकी जीभ काटने की बजाय दाग दी जानी चाहिए. ऐसे लोगों की जीभ दागना तो जरूरी ही है चाहे वह राहुल गांधी हों, ज्ञानेश महाराव हों या श्याम मानव हों या फिर बहुजनों और बहुसंख्यकों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले लोग ही क्यों न हों.” लेखक महाराव पर हाल में हिंदू देवी-देवताओं पर अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप है, जबकि मानव अंधविश्वास विरोधी कार्यकर्ता हैं. विपक्षी दलों ने बोंडे की इस टिप्पणी की कड़ी आलोचना की. सांसद को अपनी ही पार्टी भाजपा से इस बयान को लेकर समर्थन नहीं मिला.
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि वह राहुल गांधी के खिलाफ बोंडे और शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ के बयानों का समर्थन नहीं करते. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी को ”भारत विरोधी बयान” देने से बचना चाहिए और उनसे आरक्षण के मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए.
बावनकुले ने कहा, ”मैं शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ और भाजपा के राज्यसभा सदस्य अनिल बोंडे द्वारा दिए गए बयानों का समर्थन नहीं करता हूं. उन्हें भविष्य में ऐसे बयान देने से बचना चाहिए.” गायकवाड़ ने आरक्षण के संदर्भ में टिप्पणी करने वाले राहुल गांधी की जीभ काटने वाले को 11 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा करके विवाद खड़ा कर दिया था, जबकि बोंडे ने कहा कि कांग्रेस नेता की जीभ को दाग दिया जाना चाहिए.
इस बीच, कांग्रेस के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बोंडे के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर अमरावती पुलिस आयुक्तालय के बाहर प्रदर्शन दिया. अमरावती के सांसद बलवंत वानखड़े, अमरावती विधायक यशोमति ठाकुर और पूर्व मंत्री सुनील देशमुख समेत कांग्रेस के कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हुए. उन्होंने मांग की कि बोंडे के खिलाफ उनकी टिप्पणी के लिए मामला दर्ज किया जाना चाहिए.