रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से युद्ध चल रहा है और अब इसे शुरू हुए करीब 5 साल होने वाले हैं. इस जंग को रोकने के लिए अमेरिका समेत कई देश कोशिश कर चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है. अब भारत ने एक बार फिर शांति की कोशिश में अपनी भूमिका मजबूत की है. यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने भारत के युद्धविराम प्रस्ताव को अमेरिका, तुर्की और मिस्र के प्रस्तावों के मुकाबले सबसे ज्यादा असर वाला बताया है.
भारत के प्रस्ताव में सिर्फ गोलीबारी रोकने की बात नहीं है. इसमें युद्ध से जुड़े कुछ अहम मुद्दों पर पहले सहमति बनाने की कोशिश की गई है. इनमें ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकना, आम नागरिकों को निशाना न बनाना और ब्लैक सी यानी काला सागर में सामान्य गतिविधियां शुरू करना शामिल है. इसके बाद स्थायी शांति की दिशा में आगे बढ़ने की बात है. हालांकि, प्रस्ताव की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि रूस भारत के इन सुझावों को कितना स्वीकार करता है.
भारत के प्रस्ताव में क्या है?
भारत का प्लान दो चरणों में समझा जा सकता है. पहले ऐसे मुद्दों पर सहमति बनाने की कोशिश होगी, जिन पर तुरंत कदम उठाया जा सकता है. इसके बाद दोनों देशों के बीच स्थायी शांति को लेकर बातचीत आगे बढ़ाने की कोशिश होगी. यूक्रेन के विदेश मंत्री के मुताबिक भारत का प्रस्ताव अमेरिका, तुर्की और मिस्र के प्रस्तावों की तुलना में सबसे ज्यादा असर वाला है. हालांकि, इसकी पूरी डिटेल अभी सामने नहीं आई है. इसलिए इसे अभी अंतिम शांति योजना कहना जल्दबाजी होगी.