
नयी दिल्ली. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोमवार को हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनावों में अपने दल को निर्णायक जनादेश मिलने की उम्मीद जताई और दावा किया कि इस साल के विधानसभा चुनावों के नतीजों के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सत्ता से विदाई की उल्टी गिनती शुरू हो जाएगी.
रमेश ने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ विशेष बातचीत में यह आरोप भी लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) हरियाणा और जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में भी ध्रुवीकरण का सहारा ले रही है, लेकिन जनता उसे वही सबक सिखाएगी जो इस साल लोकसभा चुनाव में सिखाया था.
उन्होंने कहा, ”आठ अक्टूबर को हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के नतीजे आएंगे. चार जून, 2024 को प्रधानमंत्री को पहला धक्का लगा था. आठ अक्टूबर को दूसरा धक्का लगेगा. तीसरा धक्का महाराष्ट्र और झारखंड के विधानसभा चुनाव में मिलेगा.” उन्होंने उम्मीद जताई कि हरियाणा में कांग्रेस को और जम्मू-कश्मीर में उसके गठबंधन को ‘निर्णायक जनादेश’ मिलेगा. कांग्रेस महासचिव ने दावा किया कि ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया’ महाराष्ट्र और झारखंड में भी आगे है. इन दोनों राज्यों में नवंबर में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है.
रमेश ने कहा, ”महाराष्ट्र और झारखंड में हम आगे हैं. हमारा चुनाव प्रचार चल रहा है. मैं कोई भविष्यवाणी नहीं करता. लेकिन हमें पूरा विश्वास है कि नवंबर में जब महाराष्ट्र और झारखंड में नतीजे आएंगे तो प्रधानमंत्री का ‘काउंटडाउन’ (उल्टी गिनती) शुरू हो जाएगा.” यह पूछे जाने पर कि यदि विधानसभा चुनावों के नतीजे भाजपा के खिलाफ होते हैं तो क्या वह केंद्र सरकार के लिए कोई खतरा देखते हैं, रमेश ने कहा, ”जो साफ साफ नजर आ रहा है, उसे देखने की क्षमता प्रधानमंत्री को होनी चाहिए. चार जून का जनादेश उनके पक्ष में तो नहीं था, उनके खिलाफ था.” उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए ‘डेमोक्रेसी’ (लोकतंत्र) कुछ और नहीं, बल्कि ‘डेमोकुर्सी’ है.
रमेश ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू का परोक्ष रूप से हवाला देते हुए कटाक्ष किया, ”आगे देखिए कि पटना और अमरावती में ऊंट किस करवट बैठेगा?” उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी की यात्रा और सभाओं का हरियाणा के चुनाव में सकारात्मक असर होगा. रमेश ने कांग्रेस महासचिव कुमारी सैलजा की पिछले दिनों की कथित नाराजगी से जुड़े सवाल पर कहा, ”सैलजा जी वरिष्ठ नेता हैं. उन्होंने खुद कहा है कि कांग्रेस उनके खून में हैं और उनका डीएनए नहीं बदल सकता. वह चुनाव में पूरी तरह लगी हुई हैं.”



