पीएमके ने ”तमिलनाडु नाश्ता योजना का खर्च प्रधानाध्यापकों पर डालने” संबंधी आदेश की निंदा की

Author: Nandkishoryadav
UPDATED: Sat, 12 Sep 2026 04:17 PM
पीएमके ने ”तमिलनाडु नाश्ता योजना का खर्च प्रधानाध्यापकों पर डालने” संबंधी आदेश की निंदा की
ऑडियो सुनें

चेन्नई: पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) के अध्यक्ष अंबुमणि रामदास ने स्कूल शिक्षा विभाग के उस कथित निर्देश की शनिवार को कड़ी निंदा की, जिसमें संस्थानों के प्रधानाध्यापकों को पेरुंथलैवर कामराजर नाश्ता योजना के विस्तार का खर्च अपनी जेब से उठाने को कहा गया है।

अंबुमणि ने एक बयान में कहा कि यह योजना सितंबर 2022 में सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा एक से पांच तक के विद्यार्थियों के लिए शुरू की गई थी और अगस्त 2023 में इसे सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों तक बढ़ाया गया था। अब 17 सितंबर से इसका विस्तार कक्षा आठ तक किया जाना है।

उन्होंने आरोप लगाया, ”सरकार ने बिना कोई आर्थिक मदद दिए प्रधानाध्यापकों को बुनियादी जरूरतों का इंतजाम करने का आदेश दिया है।” विभाग के परिपत्र का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि विद्यालयों से नए नामपट्ट लगाने, रसोई एवं भंडारण कक्षों में बुनियादी कमियां दूर करने और विद्यार्थियों के लिए पेयजल, रोशनी, प्लेट एवं गिलास की व्यवस्था करने को कहा गया है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि छात्रों की संख्या के आधार पर इन जरूरतों को पूरा करने में प्रति स्कूल आठ हजार से 10 हजार रुपये तक का खर्च आने का अनुमान है। अंबुमणि ने कहा, ”यह हैरानी की बात है कि जिस सरकार ने नाश्ते की योजना के लिए करोड़ों रुपये दिए हैं उसने इन शुरूआती इंतजामों के लिए एक रुपया भी नहीं दिया।” उन्होंने कहा कि प्रधानाध्यापकों पर इस तरह आर्थिक बोझ डालना गलत है और उनके लिए यह खर्च वहन करना संभव नहीं है।

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Nandkishoryadav