मंगलुरु में ‘हनी ट्रैप’ में फंसे व्यवसायी ने आत्महत्या की, आरोपियों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी

मंगलुरु. मंगलुरु के पूर्व विधायक मोहिउद्दीन बावा के व्यसायी भाई मुमताज अली ने कथित तौर पर ‘हनी ट्रैप’ में फंसने के बाद फाल्गुनी नदी में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली. पुलिस ने मामले में आरोपी महिला समेत छह लोगों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी कर उनकी तलाश तेज कर दी है. पुलिस ने बताया कि अली (52) का शव 12 घंटे की तलाश के बाद सोमवार को फाल्गुनी नदी के मुहाने से बरामद हुआ.

पुलिस आयुक्त अनुपम अग्रवाल ने यहां संवाददाता सम्मेलन में बताया कि अली की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने परिवार की शिकायत पर जिन छह व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी, उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) जारी किया गया है.
उन्होंने बताया कि कथित तौर पर ‘हनी ट्रैप’ में फंसे मुमताज अली रविवार की सुबह अपनी बीएमडब्ल्यू कार से कुल्लूर पुल पहुंचे और वहां से वह फाल्गुनी नदी में कूद गए. अग्रवाल ने बताया कि मामले के संबंध में कवूर पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी.

अग्रवाल ने कहा, “शव बरामद होने के बाद हमने इस मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा जोड़ दी है. हम आगे की जांच करेंगे. प्राथमिकी में नामजद सभी छह लोग फिलहाल फरार हैं. हमारी टीम उनकी तलाश कर रही हैं और उम्मीद है कि हम उन्हें जल्द ही पकड़ लेंगे.” अग्रवाल ने बताया, ”मुमताज अली के परिवार ने कवूर पुलिस थाने में एक शिकायत दर्ज कराई है जिसमें आरोप लगाया गया कि उन्हें छह लोगों द्वारा एक ‘हनी ट्रैप’ में योजनाबद्ध तरीके से फंसा कर ब्लैकमेल किया जा रहा था. परिवार ने आरोप लगाया है कि ये व्यक्ति उन्हें उस वीडियों के जरिये लगातार ब्लैकमेल कर रहे थे, जिसमें अली एक महिला के साथ नजर आ रहे हैं.”

पुलिस के मुताबिक, आत्महत्या से पहले अली ने व्हाट्सअप पर अपने परिवार के समूह को एक ‘वॉयस मैसेज’ भेजा जिसमें उन्होंने खुलासा किया कि उन्होंने पहले ही आरोपियों को 50 लाख रुपये दे दिए थे और बाद में 25 लाख रुपये का अतिरिक्त भुगतान करने के लिए एक चेक भी जारी कर दिया था. आरोपी लगातार अली पर और अधिक धन देने का दबाव बना रहे थे और मांगें नहीं मानने पर उनकी कथित वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी दे रहे थे.

आयुक्त ने बताया, ”अपने वॉयस मैसेज में अली ने आरोपी सत्तार सहित कई लोगों का नाम लिया है. हम पूरे मामले की गहन जांच कर रहे हैं.” रविवार को कुल्लूर पुल के निकट के सीसीटीवी की जांच में पता चला कि मुमताज की बीएमडब्ल्यू कार पहले एमसीएफ गेट के पास एक निजी बस से टकरा गयी थी, जिसके बाद वह वापस कुल्लूर पुल पर पहुंचे और फिर उन्होंने फाल्गुनी नदी में छलांग लगा दी.

अग्रवाल ने बताया कि सभी छह आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ पुलिस ने लुकआउट सर्कुलर जारी किया है, जिससे वह देश छोड़कर न भाग सकें. उन्होंने बताया कि आरोपी महिला रहमत समेत अन्य आरोपियों की पहचान अब्दुल सत्तार, शफी, मुस्तफा, शोएब और सत्तार के कार चालक सिराज के रूप में की गयी है. अली एक प्रमुख व्यवसायी और ‘मिस्बाह ग्रुप ऑफ एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस’ के अध्यक्ष तथा स्थानीय समुदाय में एक रसूखदार व्यक्ति थे.

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