
नयी दिल्ली. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मंगलवार को दिल्ली की एक अदालत को बताया कि ओल्ड राजेंद्र नगर में एक कोचिंग संस्थान की इमारत में पानी भरने से तीन छात्रों की मौत के मामले में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सबूत हैं.
राष्ट्रीय राजधानी में भारी बारिश के बीच कोचिंग संस्थान की इमारत के बेसमेंट में पानी भर जाने से छात्रों की मौत हो गई थी. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंजू बजाज चांदना ने सीबीआई की दलीलें सुनीं, जिसमें अदालत से मामले में दाखिल आरोपपत्र का संज्ञान लेने का आग्रह किया गया.
सीबीआई ने कोचिंग संस्थान ‘राऊज आईएएस स्टडी र्सिकल’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अभिषेक गुप्ता और इसके समन्वयक देशपाल सिंह समेत अन्य के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है. हालांकि, बचाव पक्ष के वकील ने सीबीआई की दलीलों का विरोध करते हुए दावा किया कि आरोपपत्र अधूरा है. दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपपत्र का संज्ञान लेने के लिए सुनवाई 29 अक्टूबर को निर्धारित की. कोचिंग की इमारत के बेसमेंट में पानी भरने से 27 जुलाई को उत्तर प्रदेश की श्रेया यादव (25), तेलंगाना की तान्या सोनी (25) और केरल के नेविन डेल्विन (24) की मौत हो गई थी.



