तेलंगाना सरकार ने कौशल विश्वविद्यालय के लिए अदाणी के 100 करोड़ रुपये के दान को ठुकराया

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 25 Nov 2024 08:45 PM
तेलंगाना सरकार ने कौशल विश्वविद्यालय के लिए अदाणी के 100 करोड़ रुपये के दान को ठुकराया
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हैदराबाद. तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए.रेवंत रेड्डी ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार यहां स्थापित की जा रही ‘यंग इंडिया स्किल यूनिर्विसटी’ के लिए अदाणी समूह के अध्यक्ष गौतम अदाणी द्वारा दिए जाने वाले 100 करोड़ रुपये के दान को स्वीकार नहीं करेगी.
मुख्यमंत्री ने यह घोषणा ऐसे समय में की है जब अदाणी समूह के अध्यक्ष पर अमेरिकी अदालत में अभियोग लगाया गया है.

राज्य सरकार के विशेष मुख्य सचिव (उद्योग) जयेश रंजन ने अदाणी फाउंडेशन की अध्यक्ष प्रीति अदाणी को लिखे पत्र में कहा कि उन्हें ”मुख्यमंत्री द्वारा वर्तमान परिस्थितियों और उत्पन्न विवादों के मद्देनजर धन हस्तांतरण प्राप्त न करने का निर्देश दिया गया है.” अधिकारी ने कौशल विश्वविद्यालय के लिए 100 करोड़ रुपये का दान देने संबंधी घोषणा के लिए प्रीति अदाणी का धन्यवाद देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने अब तक किसी भी दानदाता से धन का भौतिक हस्तांतरण करने के लिए नहीं कहा है क्योंकि विश्वविद्यालय को धारा 80 जी के तहत आयकर छूट नहीं मिली है. विश्वविद्यालय को हालांकि हाल ही में आयकर छूट का आदेश मिल गया है.

रेड्डी ने हैदराबाद में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि यह निर्णय इसलिए लिया गया है क्योंकि कांग्रेस सरकार अदाणी समूह पर लगे आरोपों के बीच खुद को किसी भी अनचाहे विवाद में शामिल नहीं होने देना चाहती है. उन्होंने कहा कि अभी तक तेलंगाना सरकार ने अदाणी समूह सहित किसी भी संगठन से अपने खाते में एक भी रुपया स्वीकार नहीं किया है. रेड्डी ने कहा, ”मैं और मेरे मंत्रिमंडल के सहयोगी ऐसी अनावश्यक चर्चाओं और स्थितियों में शामिल नहीं होना चाहते हैं, जिससे राज्य सरकार या मेरी छवि को नुकसान पहुंचे. ” गौतम अदाणी ने 18 अक्टूबर को यहां मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी और कौशल विश्वविद्यालय को दान के लिए प्रतीकात्मक रूप से 100 करोड़ रुपये का चेक सौंपा था.

भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की इस टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर कि राज्य सरकार को तेलंगाना में अदाणी समूह के निवेश प्रस्तावों को रद्द कर देना चाहिए, इसके जवाब में रेड्डी ने कहा कि सरकार को किसी भी समझौते को रद्द करने के लिए कानूनी सलाह लेनी होगी क्योंकि दूसरा पक्ष समझौतों को एकतरफा तरीके से समाप्त करने पर अदालत का रुख कर सकता है. रेड्डी ने बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामा राव की उस टिप्पणी का भी जवाब दिया जिसमें उन्होंने कहा है कि पिछली बीआरएस सरकार ने अदाणी समूह को राज्य में आने की अनुमति नहीं दी थी. इसके जवाब में रेड्डी ने पत्रकारों को गौतम अदाणी के साथ पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव और रामा राव की तस्वीरें दिखाईं. उन्होंने अदाणी समूह के निवेश प्रस्तावों की सूची भी पढ.ी, जिन्हें कथित तौर पर बीआरएस सरकार ने स्वीकार भी किया था.

रेड्डी ने पूछा, ”क्या वह (रामा राव) इस पर जांच का सामना करने के लिए तैयार हैं?” यह पूछे जाने पर कि तेलंगाना सरकार ने अदाणी समूह के साथ निवेश प्रस्तावों पर चर्चा की जबकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी कई वर्षों से अदाणी पर सवाल उठाते रहे हैं, तो इस पर रेड्डी ने कहा कि कांग्रेस किसी भी निवेश प्रस्ताव या कॉरपोरेट घराने के खिलाफ नहीं है बल्कि सांठगांठ वाले पूंजीवाद और नियमों के उल्लंघन के खिलाफ है.

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