किसानों के मार्च से पहले पुलिस के बैरिकेड लगाने की वजह से दिल्ली-नोएडा सीमा पर भारी यातायात जाम

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 02 Dec 2024 09:05 PM
किसानों के मार्च से पहले पुलिस के बैरिकेड लगाने की वजह से दिल्ली-नोएडा सीमा पर भारी यातायात जाम

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नयी दिल्ली/नोएडा. राष्ट्रीय राजधानी की ओर किसानों के विरोध मार्च के मद्देनजर पुलिस द्वारा कई बैरिकेड लगाने और भारी सुरक्षा तैनाती के चलते सोमवार को दिल्ली-नोएडा सीमा पार करने वाले यात्रियों को भारी यातायात जाम का सामना करना पड़ा. किसान दादरी-नोएडा लिंक रोड पर महामाया फ्लाईओवर पर एकत्र हुए और सरकार द्वारा अधिग्रहीत उनकी जमीनों के लिए भूमि आवंटन और बढ़े हुए मुआवजे सहित अन्य मांगों को लेकर पूर्वाह्न करीब 11.30 बजे अपना मार्च शुरू किया. विरोध प्रदर्शन का आह्वान भारतीय किसान परिषद (बीकेपी) ने किया था.

बीकेपी के अनुसार, अलीगढ़ और आगरा सहित उत्तर प्रदेश के 20 जिलों के किसानों ने मार्च में हिस्सा लिया. विभिन्न किसान समूहों के बैनर और झंडे लेकर सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने नोएडा पुलिस द्वारा लगाए गए शुरुआती बैरिकेड को पार कर लिया. कुछ लोग बैरिकेड पर चढ़ गए, जबकि अन्य ने उन्हें धक्का दिया. आखिरकार पुलिस ने उन्हें दिल्ली के एक प्रवेश बिंदु चिल्ला बॉर्डर से करीब एक किलोमीटर दूर नोएडा लिंक रोड पर दलित प्रेरणा स्थल के पास रोक दिया. वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी किसानों को शांत करने की कोशिश की.

किसानों के विरोध प्रदर्शन और पुलिस की जांच के कारण चिल्ला बॉर्डर, डीएनडी फ्लाईवे, दिल्ली गेट और कालिंदी कुंज से गुजरने वाले यात्रियों को घंटों भारी जाम का सामना करना पड़ा. ग्रेटर नोएडा की निवासी अपराजिता सिंह ने कहा कि चिल्ला बॉर्डर पर लगाए गए बैरिकेड से यात्रियों को असुविधा हुई. उन्होंने कहा, ”मुझे उस हिस्से से गुजरने में लगभग एक घंटा लग गया. पुलिस ने दिल्ली-नोएडा सीमा के दोनों ओर बैरिकेड लगाये हैं, जिससे यातायात जाम लग गया, खासकर नोएडा से दिल्ली की ओर जाने वाले मार्ग पर.”

नोएडा के एक अन्य यात्री अमित ठाकुर ने कहा कि उन्होंने काम पर जाने के लिए अपनी कार के बजाय मेट्रो का इस्तेमाल किया. उन्होंने कहा, ”जब मैंने मध्य दिल्ली में अपने कार्यालय जाने से पहले यातायात की स्थिति पता की, तो चिल्ला सीमा के पास जाम दिखा, जिससे यात्रा समय एक घंटा बढ़ गया. इसलिए, मैंने मेट्रो से जाने का फैसला किया.” रविवार को नोएडा पुलिस ने यातायात परामर्श जारी करके यात्रियों को मार्ग बंद होने और मार्ग परिवर्तन के बारे में जानकारी दी.

दिल्ली पुलिस ने भी नोएडा लिंक रोड पर चिल्ला सीमा पर, डीएनडी फ्लाईवे और कालिंदी कुंज सीमा पर कई बैरिकेड लगाए थे और सुरक्षार्किमयों को तैनात किया था. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सीमा पर जांच की जा रही है और निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है.

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (पूर्व) सागर सिंह कलसी ने कहा, ”हमने पूर्वी दिल्ली की सीमाओं पर पर्याप्त व्यवस्था की है और दंगा-रोधी उपकरणों सहित सभी एहतियाती कदम उठाए हैं. हम निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं और इलाके में वाहनों की सुचारू आवाजाही के लिए यातायात पुलिस के साथ समन्वय भी कर रहे हैं.” संयुक्त पुलिस आयुक्त (दक्षिणी रेंज) एस.के. जैन ने कहा कि पुलिस नोएडा पुलिस के साथ भी समन्वय कर रही है. उन्होंने कहा, ”दक्षिण-पूर्वी जिले में हमारी दो प्रमुख सीमाएं हैं – डीएनडी सीमा और कालिंदी कुंज. चूंकि नयी दिल्ली क्षेत्र में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 163 लागू है और संसद सत्र भी चल रहा है, इसलिए बिना अनुमति के विरोध प्रदर्शन सख्त र्विजत है.”

उन्होंने कहा, ”इसे प्रबंधित करने के लिए, हमने दोनों सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ा दी है. उचित बैरिकेड, अवरोधक और हाइड्रा क्रेन तैनात किए गए हैं. हम उन लोगों को रोकेंगे, जो शहर में जबरदस्ती घुसने की कोशिश करेंगे.” जैन ने कहा कि फिलहाल राज्य की सीमा पर स्थिति सामान्य है. संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) के नेतृत्व में पंजाब के किसानों के एक समूह ने छह दिसंबर को दिल्ली की ओर मार्च का आह्वान किया है. यह समूह 13 फरवरी से पंजाब और हरियाणा के बीच शंभू और खनौरी सीमा पर डेरा डाले हुए है.

पुलिस ने दिल्ली जाने से किसानों को रोका, दलित प्रेरणा स्थल पर डाला डेरा
अपनी दस प्रमुख मांगों को लेकर दिल्ली कूच के लिए निकले गौतमबुद्ध नगर के किसानों को दिल्ली की दहलीज में पहुंचने से पहले ही पुलिस ने रोक दिया. महामाया फ्लाईओवर के रास्ते दिल्ली जा रहे किसानों को नोएडा पुलिस ने दलित प्रेरणा स्थल से आगे नहीं बढ़ने दिया. इस कारण नाराज किसान बीच सड़क पर ही धरना देकर बैठ गए. शाम को पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने शासन स्तर पर किसानों को वार्ता कराने का आश्वासन देकर दिल्ली-नोएडा लिंक रोड को खुलवाया.

हालांकि, किसान दलित प्रेरणा स्थल के अंदर ही अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं. रात होते-होते किसानों ने वहां पर डेरा जमा लिया. किसानों ने वहां पर खाना बनाने की व्यवस्था की तथा ठंड से बचने के लिए रजाई कंबल आदि लेकर धरने पर बैठे हैं. किसान वहां पर रागिनी गाकर और जोशीले भाषण से एक दूसरे का मनोबल बढ.ा रहे हैं. ठंड से बचने के लिए किसानों ने अलाव भी जला लिया है.
नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ बीते रविवार को वार्ता विफल होने के बाद संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े संगठनों ने सोमवार को दिल्ली कूच करने की घोषणा कर दी थी. जिसके बाद पुलिस-प्रशासन सतर्क हो गया.

किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए दलित प्रेरणा स्थल के मुख्य गेट के सामने अवरोधक लगाकर सोमवार सुबह से ही रास्ता बंद कर दिया गया. अपराह्न करीब एक बजे महामाया फ्लाईओवर के रास्ते किसानों का हुजूम दिल्ली की तरफ बढ़ा, जिसे दलित प्रेरणा स्थल के सामने रोक दिया गया.

किसानों ने अवरोधक तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने किसानों को आगे नहीं जाने दिया. शाम करीब पांच बजे तक दलित प्रेरणा स्थल के सामने ही किसानों और पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों के बीच वार्ता का दौर चलता रहा. किसान एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर खलीफा ने बताया कि अधिकारियों ने शासन के सचिव स्तर पर वार्ता कराने का आश्वासन दिया है.
उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के भीतर यदि वार्ता नहीं कराई गई तो किसान फिर दिल्ली में जाकर संसद का घेराव करने के लिए निकलेंगे.

दिल्ली कूच कर रहे किसानों को रोकने के लिए नोएडा पुलिस ने दलित प्रेरणा स्थल के सामने अवरोधक लगाकर रास्ते बंद कर दिए. वहीं, दिल्ली पुलिस ने चिल्ला बॉर्डर पर दस लेयर अवरोधक लगाकर किसानों को रोकने की पूरी तैयारी की थी. दिल्ली में प्रवेश करने वाले एक-एक वाहन पर पुलिस की कड़ी निगरानी रही. वहीं, दिल्ली-नोएडा के चिल्ला बॉर्डर पर बड़ी संख्या में पुलिसर्किमयों को तैनात किया गया था. किसानों के दिल्ली कूच करने की घोषणा पहले ही कर दी गई थी. ऐसे में पुलिस-प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया. किसानों के दिल्ली कूच को देखते हुए नोएडा के कई स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाएं हुईं.

किसानों के दिल्ली कूच के कारण नोएडा की यातायात व्यवस्था चरमरा गई. नोएडा-ग्रेटर नोएडा को दिल्ली से जोड़ने वाले लिंक रोड पर महामाया फ्लाईओवर से आगे वाहनों को जाने नहीं दिया गया. जिसकी वजह से नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे की दिल्ली की ओर जाने वाली सड़क पर लंबा जाम लग गया. पुलिस ने यमुना एक्सप्रेस-वे से नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे होकर दिल्ली जाने वाले सभी व्यावसायिक वाहनों और सिरसा से परी चौक होकर सूरजपुर जाने वाले रास्ते पर भी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई है.
किसानों की 10 प्रमुख मांगों में जमीन अधिग्रहण से प्रभावित सभी किसानों को 10 फीसदी विकसित भूखंड, नए भूमि अधिकरण कानून के तहत लाभ मिलना, रोजगार और पुर्नवास में लाभ, हाई पावर कमेटी की सिफारिश जैसी और भी कई मांगे शामिल है.

किसान नेता सुखबीर खलीफा ने कहा कि कड़ाके की ठंड में भी किसान धरने पर जोर-शोर से डटे हुए हैं. उन्होंने कहा कि दलित प्रेरणा स्थल पर धरनारत किसानों के खाने-पीने की व्यवस्था की गई है. लोग यहां के प्राधिकरणों द्वारा किसानों पर किए गए अत्याचारों को अपने भाषण के माध्यम से वहां मौजूद लोगों को बता रहे हैं, तथा रागिनी आदि की सहायता से धरना पर बैठे किसानों का जोश बढ.ा रहे हैं. वहीं कुछ राजनीतिक दलों ने भी किसानों के धरना प्रदर्शन का समर्थन किया है. पुलिस उपायुक्त-यातायात लाखन सिंह यादव ने बताया कि किसान दलित प्रेरणा स्थल पर धरने पर बैठ गए हैं. यातायात को पूरी तरह से सुचारू कर दिया गया है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसानों के धरना प्रदर्शन के चलते यातायात पुलिस द्वारा जारी किए गए परामर्श को देखकर ही घर से निकलें.

By Yogesh Kumar Sahu