नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को आरोप लगाया कि अमेरिकी उद्योगपति जॉर्ज सोरोस के साथ गांधी परिवार के ‘संबंधों’ से जनता का ध्यान भटकाने के लिए कांग्रेस उपराष्ट्रपति को पद से हटाने का प्रस्ताव लेकर आई है और ऐसा करके उसने जगदीप धनखड़ को ‘बदनाम’ और जाट एवं किसान समुदाय का अपमान करने का प्रयास किया है.
कांग्रेस के खिलाफ आक्रामक रुख जारी रखते हुए सत्तारूढ़ पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका में रह रहे अरबपति जॉर्ज सोरोस और नेहरू-गांधी परिवार के बीच संबंध गहरे हैं जो फोरम ऑफ डेमोक्रेटिक लीडर्स – एशिया पैसिफिक (एफडीएल-एपी) के सह-अध्यक्ष के रूप में सोनिया गांधी की ‘भूमिका’ से कहीं अधिक आगे तक फैले हैं.
सत्तारूढ़ पार्टी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा, ”सोरोस की तरह हंगरी की फोरी नेहरू ने जवाहरलाल नेहरू के चचेरे भाई बी के नेहरू से शादी की थी और इस लिहाज से वह कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं विपक्ष के नेता राहुल गांधी की नजदीकी रिश्तेदार हुईं.” भाजपा ने दावा किया कि जॉर्ज सोरोस ने फोरी नेहरू से मुलाकात की थी और उनके साथ लंबे समय तक पत्राचार बनाए रखा था. पार्टी के कहा कि यह संबंध तब से हैं जब बी के नेहरू ने संयुक्त राज्य अमेरिका में भारत के राजदूत के रूप में कार्य किया था.
भाजपा ने आरोप लगाया, ”यह सवाल उठाता है कि नेहरू-गांधी परिवार ने अपने विस्तारित परिवार के वित्तीय और उद्यमशीलता के हितों को लाभ पहुंचाने के लिए दशकों से भारत के रणनीतिक हितों से किस हद तक समझौता किया है.” भाजपा ने विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ द्वारा हाल में हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) से छेड़छाड़ के आरोपों को लेकर उच्चतम न्यायालय जाने के फैसले पर कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि यह दिखाता है कि उनके मन में संविधान के प्रति कोई सम्मान नहीं है.
भाजपा मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा सांसद एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने धनखड़ के खिलाफ विपक्षी दलों के नोटिस और ईवीएम मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय जाने के ‘इंडिया’ गठबंधन के फैसले को ‘दुखद और तकलीफदेह’ बताया.
उन्होंने कहा, ”कांग्रेस ईवीएम के मुद्दे को बार-बार उच्चतम न्यायालय ले जाती है और हार कर लौटती है. हर बार जब इसने निर्वाचन आयोग को कोसने और घसीटने की कोशिश की तो उसे र्शिमंदगी का सामना करना पड़ा … फिर भी कांग्रेस इस मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय जा रही है.” उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पता चलता है कि कांग्रेस के मन में भारत के संविधान के प्रति कोई ‘सम्मान’ नहीं है.
पात्रा ने आरोप लगाया कि भाजपा द्वारा गांधी-नेहरू परिवार के जॉर्ज सोरोस के साथ संबंध और जॉर्ज सोरोस फाउंडेशन से चंदा लेकर देश को अस्थिर करने की साजिश का मुद्दा उठाए जाने के बाद कांग्रेस ने विपक्ष के अपने सहयोगियों के साथ मिलकर मंगलवार को उपराष्ट्रपति धनखड़ को हटाने संबंधी प्रस्ताव वाला नोटिस जल्दबाजी में दिया.
उन्होंने दावा किया, ”सोनिया गांधी और राहुल गांधी- पूरा नेहरू-गांधी परिवार इसमें शामिल है.” भाजपा नेता ने कहा कि यह दुखद है कि कांग्रेस ने धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की कोशिश की है जो एक ‘साधारण पृष्ठभूमि’ से आते हैं. उन्होंने कहा, ”यह एक किसान के बेटे का अपमान है, एक आदमी जो एक विनम्र पृष्ठभूमि से आता है.” उन्होंने कहा, ”और आप (कांग्रेस) जाति के बारे में बात करते हैं?” पात्रा ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी धनखड़ के खिलाफ नोटिस लाये हैं और उन्हें यह अच्छी तरह से पता है कि यह सदन के पटल पर औंधे मुंह गिर जाएगा क्योंकि उनके पक्ष में पर्याप्त संख्या नहीं है.
उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने पहली बार राज्यसभा में अपने सभापति के खिलाफ इस तरह का नोटिस सिर्फ जाट समुदाय का अपमान करने के लिए दिया है. उन्होंने कहा, ”जाट देशभक्त होते हैं. जाटों ने हिंदुस्तान की आजादी के लिए और हिंदुस्तान के लिए अपना खून बहाया है. आज आप एक जाट उपराष्ट्रपति के खिलाफ ऐसे आरोप लगा रहे हैं. कहीं न कहीं आप यह कहकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं कि वह अपना काम ठीक से नहीं कर रहे हैं.” उन्होंने कहा, ”मैं आपको बता दूं कि किसान का बेटा और जाट कभी नहीं झुकता. वह कभी नहीं झुकेंगे और भारत में जाटों का सम्मान हमेशा बरकरार और दृढ़ रहेगा… संसद उत्तर देगी. लोग जवाब देंगे.”