दक्षिण कोरिया में ‘मार्शल लॉ’ लगाने का निर्णय संवैधानिक व्यवस्था की रक्षा के लिये : राष्ट्रपति

सियोल. दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ने मार्शल लॉ लगाने के अपने आदेश का बृहस्पतिवार को बचाव करते हुये विद्रोह के आरोपों से इनकार किया तथा कहा कि देश के लोकतंत्र एवं संवैधानिक व्यवस्था की रक्षा करने के उद्देश्य से यह निर्णय किया गया था. मुख्य विपक्षी दल डेमोक्रेटिक पार्टी ने यून के बयान को तुरंत खारिज करते हुए इसे ”भ्रामक” और ”झूठा प्रचार” बताया.

इस बीच दक्षिण कोरिया की संसद ने कहा है कि देश के छह विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति यून सुक येओल के खिलाफ महाभियोग चलाने के लिए एक नया संयुक्त प्रस्ताव पेश किया है. नेशनल असेंबली ने कहा कि डेमोक्रेटिक पार्टी और पांच छोटे विपक्षी दलों ने बृहस्पतिवार की दोपहर महाभियोग प्रस्ताव पेश किया. इन दलों ने कहा कि उनका लक्ष्य शनिवार को सदन में इस प्रस्ताव पर मतदान कराना है.

विपक्ष नियंत्रित संसद ने बृहस्पतिवार को ‘मार्शल लॉ’ लागू करने के मामले में पुलिस प्रमुख और न्याय मंत्री के खिलाफ महाभियोग चलाने और उन्हें निलंबित करने के प्रस्ताव भी पारित कर दिए, जिससे यून की सरकार पर दबाव और बढ़ गया. दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ने तीन दिसंबर को ‘मार्शल लॉ’ लगाने का आदेश देकर सबको हैरान कर दिया था और इसके बाद से ही देश में राजनीतिक अराजकता की स्थिति है और उनके निष्कासन की मांग को लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं.

यून ने अपने फैसले के बचाव में कहा, ”मैं अंत तक लड़ूंगा ताकि देश की सरकार को पंगु बनाने और देश की संवैधानिक व्यवस्था को बाधित करने के लिए जिम्मेदार ताकतों और आपराधिक समूहों को कोरिया गणराज्य के भविष्य के लिए खतरा बनने से रोका जा सके.” राष्ट्रपति ने कहा कि ‘मार्शल लॉ’ लागू करने का उद्देश्य देश के विपक्षी दल से लोकतंत्र और संवैधानिक व्यवस्था की रक्षा करना था. यून ने उन पर लगाए जा रहे विद्रोह के आरोपों को भी खारिज किया.

यून ने कहा, ” विपक्ष अब अराजकता फैला रहा है और दावा कर रहा है कि मार्शल लॉ की घोषणा विद्रोह की कार्रवाई है. लेकिन क्या यह सच है.” उन्होंने कहा कि नेशनल असेंबली में लगभग 300 सैनिकों की तैनाती व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई थी, न कि उसे पंगु बनाने के लिए.

डेमोक्रेटिक पार्टी की ‘टास्क फोर्स’ के प्रमुख किम मिन-सोक ने राष्ट्रपति पर दक्षिणपंथी ताकतों द्वारा यून के पक्ष में दंगे भड़काने का प्रयास करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि डेमोक्रेटिक पार्टी शनिवार को यून के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पारित करवाने पर ध्यान केंद्रित करेगी. विपक्षी दलों के पास कुल 192 सीट हैं, जो नेशनल असेंबली के 300 सदस्यों में से दो-तिहाई बहुमत से आठ वोट कम है.

यून पर महाभियोग चलाने का पिछला प्रयास विफल हो गया था, क्योंकि यून की सत्तारूढ़ पीपुल्स पावर पार्टी (पीपीपी) के ज्यादातर सांसदों ने मतदान का बहिष्कार किया था. पूर्व रक्षा मंत्री किम योंग ‘ुन को विद्रोह में अहम भूमिका निभाने और सत्ता का दुरुपयोग करने के आरोप में बुधवार को गिरफ्तार किया गया था. राष्ट्रीय पुलिस प्रमुख चो जी हो और सियोल महानगर पुलिस प्रमुख को हिरासत में ले लिया गया है.

न्याय मंत्री पार्क सुंग पर विपक्ष द्वारा संदेह जताया गया है कि वह यून के ‘मार्शल लॉ’ के आदेश की योजना बनाने और उसे लागू करने में शामिल थे. पार्क ने आरोपों से इनकार किया है. नेशनल असेंबली ने बृहस्पतिवार को एक विधेयक पारित किया, जिसके तहत विद्रोह के आरोपों में यून की मंजूरी के बिना उनके खिलाफ जांच के लिए एक स्वतंत्र वकील को नियुक्त किया जा सकता है. न्याय मंत्रालय ने सोमवार को यून पर विदेश यात्रा करने पर प्रतिबंध लगा दिया. दक्षिण कोरिया का कानून राष्ट्रपति को पद पर रहते हुए विद्रोह या देशद्रोह के आरोपों को छोड़कर किसी भी तरह के अभियोजन से छूट देता है. इसका मतलब यह है कि यून से जांच एजेंसियां ??’मार्शल लॉ’ के आदेश के संबंध में पूछताछ कर सकती हैं और उन्हें हिरासत में ले सकती हैं.

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