
जयपुर: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की किताब को भारत में प्रकाशित होने से दबाव डालकर रोका जा रहा है और यह अभिव्यक्ति की आजादी की हत्या के समान है। गहलोत ने कहा कि ”सोनिया गांधी का जीवन त्याग और बलिदान की मिसाल है”।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने एक बयान में कहा,”सोनिया गांधी की आने वाली किताब को ‘पेंगुइन वर्ल्डवाइड’ कंपनी मूलस्वरूप में दुनियाभर में छापने को तैयार है पर ‘पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया’ भारत में इसे लॉन्च करने के लिए बदलाव करवाना चाहता है।” गहलोत ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा,”आखिर ऐसी कौन-सी वजह या कौनसा दबाव है जो दुनिया-भर में छापा जा रहा है उसे भारत में नहीं छाप सकते?” कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी के जीवन को त्याग व बलिदान की मिसाल बताते हुए गहलोत ने कहा कि जिस शुचिता और गरिमा से उन्होंने देश सेवा की है वह एक मिसाल है।
उन्होंने कहा,”ऐसे व्यक्तित्व की धनी, देश की वरिष्ठ राजनेता एवं नेता प्रतिपक्ष रहीं श्रीमती सोनिया गांधी जी की किताब को दबाव डालकर रोकना अभिव्यक्ति की आजादी की हत्या के समान है।” पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि इसके लिए प्रकाशक पर दबाव डाला गया है। उन्होंने कहा,”असली मुद्दा यह है कि पेंगुइन इंडिया पर दबाव डाला गया कि मोदी, आरएसएस और चीन द्वारा मोदी राज में भारतीय भूभाग पर कब्जे से जुड़े हिस्से हटाए जाएं। यह लोकतंत्र की हत्या है।”
उन्होंने कहा,”इस सच को आखिर भारत की जनता के सामने आने से क्यों छिपाया जा रहा है? क्या मोदी सरकार प्रकाशकों पर दबाव डालकर तथ्यों को भी बदलवा देगी?” गहलोत का यह बयान एक मीडिया रिपोर्ट के बाद आया जिसमें दावा किया गया था कि सोनिया गांधी द्वारा पांडुलिपि में ”संपादकीय बदलाव” करने से इनकार करने के बाद प्रकाशक पीछे हट गया। सोनिया गांधी की आत्मकथा ‘बिलॉंिन्गग: ए जर्नी आॅफ लव’ का प्रकाशन किया जाना है।



