प्याज की बढ़ती कीमतों पर सरकार का बड़ा कदम, 453 टन प्याज लेकर दिल्ली पहुंची कांदा एक्सप्रेस

Author: www.navabharat.news
UPDATED: Fri, 28 Aug 2026 02:23 PM
प्याज की बढ़ती कीमतों पर सरकार का बड़ा कदम, 453 टन प्याज लेकर दिल्ली पहुंची कांदा एक्सप्रेस
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दिल्ली-एनसीआर में बढ़ती प्याज की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने आपूर्ति बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। नासिक से करीब 453.65 टन प्याज लेकर कांदा एक्सप्रेस की पहली खेप दिल्ली पहुंच गई है। सरकार इस प्याज को रियायती दर पर बाजार में उपलब्ध कराकर आम उपभोक्ताओं को राहत देने की कोशिश कर रही है।

नासिक से भेजी गई इस खेप में 21 वैगन शामिल हैं। दिल्ली पहुंचने के बाद प्याज का वितरण दिल्ली-एनसीआर के साथ-साथ आसपास के कुछ प्रमुख शहरों में भी किया जाएगा। सरकार के अनुसार, इस प्याज को करीब 35 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से उपलब्ध कराने की योजना है।

दिल्ली में प्याज की कीमतों में तेजी

हाल के दिनों में दिल्ली में प्याज की खुदरा कीमतों में काफी बढ़ोतरी देखने को मिली है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में प्याज की कीमत एक साल पहले के करीब 33 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 62 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई। वहीं, देशभर में प्याज की औसत खुदरा कीमत भी 46 रुपये प्रति किलो से अधिक दर्ज की गई।

कीमतों में अचानक आई तेजी को देखते हुए सरकार बफर स्टॉक को बाजार में उतार रही है, ताकि मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाया जा सके।

1.21 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक

केंद्र सरकार के पास मूल्य स्थिरीकरण कोष के तहत करीब 1.21 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक मौजूद है। इसी स्टॉक का इस्तेमाल उन शहरों में प्याज की आपूर्ति बढ़ाने के लिए किया जा रहा है जहां कीमतों में तेजी देखी जा रही है।

सरकार का अनुमान है कि बफर स्टॉक से प्याज की अतिरिक्त आपूर्ति होने पर दिल्ली में खुदरा कीमतों में आने वाले दिनों में कमी आ सकती है।

कई शहरों तक पहुंचेगी कांदा एक्सप्रेस

दिल्ली के बाद प्याज की आपूर्ति दूसरे बड़े शहरों तक पहुंचाने की तैयारी भी की जा रही है। चेन्नई के लिए एक और रेल रैक भेजने की योजना है। इसके अलावा मदुरै, एर्नाकुलम और गुवाहाटी जैसे शहरों में भी बफर स्टॉक पहुंचाया जाएगा।

कांदा एक्सप्रेस के जरिए बड़ी मात्रा में प्याज को एक साथ परिवहन करने से सड़क परिवहन पर निर्भरता कम करने और आपूर्ति व्यवस्था को तेज करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

कांदा एक्सप्रेस से क्या होगा फायदा?

कांदा एक्सप्रेस का मुख्य उद्देश्य उन क्षेत्रों में प्याज की उपलब्धता बढ़ाना है जहां कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। रेलवे के जरिए बड़ी मात्रा में प्याज भेजे जाने से कम समय में अधिक स्टॉक प्रमुख बाजारों तक पहुंचाया जा सकता है।

सरकार ने पहले भी इस व्यवस्था का इस्तेमाल किया है। पिछले चरण में कई रेल रैक के जरिए हजारों टन प्याज अलग-अलग शहरों तक पहुंचाया गया था। अब इस पहल का विस्तार करते हुए ज्यादा शहरों को इसके दायरे में लाने की तैयारी है।

आगे प्याज के दाम घटने की उम्मीद

सरकार का कहना है कि देश में प्याज की उपलब्धता को लेकर फिलहाल बड़ी चिंता नहीं है। 2025-26 में प्याज का अनुमानित उत्पादन करीब 307.37 लाख टन रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के उत्पादन के लगभग बराबर है।

ऐसे में सरकार को उम्मीद है कि बफर स्टॉक और कांदा एक्सप्रेस जैसी पहलों के जरिए बाजार में अतिरिक्त आपूर्ति बनाए रखी जा सकेगी। इससे प्याज की बढ़ती कीमतों पर दबाव कम हो सकता है और आने वाले दिनों में आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

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