नयी दिल्ली. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह द्वारा बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर के संदर्भ में की गई टिप्पणी को लेकर बुधवार को कहा कि देश संविधान निर्माता का अपमान सहन नहीं करेगा तथा गृह मंत्री को माफी मांगनी चाहिए.
उन्होंने यह दावा भी किया कि भाजपा संविधान और बाबासाहेब द्वारा किए गए काम को खत्म करना चाहती है.
राहुल गांधी ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ”भाजपा और उनके नेता शुरू से ही कह रहे थे कि हम संविधान बदल देंगे. ये लोग संविधान के खिलाफ हैं. ये लोग आंबेडकर जी और उनकी विचारधारा के खिलाफ हैं.” उन्होंने दावा किया, ” उनका एकमात्र काम संविधान और आंबेडकर जी द्वारा किए गए काम को खत्म करना है. यह बात पूरा देश जानता है.” इससे पहले, राहुल गांधी ने संसद परिसर में विपक्ष के विरोध प्रदर्शन की तस्वीर साझा करते हुए अपने व्हाइट्सएप चैनल पर पोस्ट किया, ”बाबासाहेब संविधान निर्माता हैं, देश को दिशा देने वाले महापुरुष हैं. उनका अपमान, उनके द्वारा तैयार किए गए संविधान का अपमान देश नहीं सहेगा. गृह मंत्री माफी मांगें.”
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”आंबेडकर जी का नाम लेने से अधिकार मिलते हैं. आंबेडकर जी का नाम लेना मानवीय गरिमा का प्रतीक है. आंबेडकर जी का नाम करोड़ों दलितों-वंचितों के आत्मसम्मान का प्रतीक है.” कांग्रेस और विपक्षी दलों का आरोप है कि शाह ने राज्यसभा में ‘भारत के संविधान की 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा’ विषय पर दो दिन तक चली चर्चा का जवाब देते हुए मंगलवार को अपने संबोधन के दौरान बाबासाहेब का अपमान किया.
मुख्य विपक्षी दल ने शाह के संबोधन का एक वीडियो अंश जारी किया जिसमें गृह मंत्री विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए यह कहते सुने जा सकते हैं , ”अभी एक फैशन हो गया है- आंबेडकर, आंबेडकर…. इतना नाम अगर भगवान का लेते तो सात जन्मों तक स्वर्ग मिल जाता.” संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने अमित शाह की टिप्पणी को लेकर संसद की कार्यवाही बाधित करने के लिए कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि विपक्ष गृह मंत्री की टिप्पणियों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहा है.
‘सांठगांठ वाले समूहों’ को प्राथमिकता देने से विनिर्माण क्षेत्र में सुस्ती, महंगाई बढ़ रही : राहुल
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की आलोचना करते हुए बुधवार को कहा कि कारोबार जगत में समान अवसर वाली स्थिति के बजाय सांठगांठ वाले व्यावसायिक समूहों को प्राथमिकता देने से विनिर्माण क्षेत्र सुस्त है और डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोर हो रहा है तथा महंगाई बेतहाशा बढ़ रही है. उन्होंने एक खबर का हवाला भी दिया जिसमें कहा गया है कि व्यापार घाटा और आयात अब तक के उच्चतम स्तर पर है.
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि क्या होता है जब कोई सरकार समान अवसर वाली स्थिति के बजाय व्यवसायों पर सांठगांठ वाले समूहों को प्राथमिकता देती है? उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे में विनिर्माण क्षेत्र कमजोर होता है, भारतीय मुद्रा कमजोर होती है, व्यापार घाटा रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचता है, ब्याज दरें बढ़ती हैं, खपत में गिरावट आती है और मुद्रास्फीति बढ़ती है.
अक्टूबर में दोहरे अंक की वृद्धि दर्ज करने के बाद, नवंबर में भारत का निर्यात सालाना आधार पर 4.85 प्रतिशत घटकर 32.11 अरब डॉलर हो गया, जबकि सोने के आयात में रिकॉर्ड वृद्धि के कारण व्यापार घाटा बढ़कर 37.84 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया. वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, नवंबर में आयात साल-दर-साल 27 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 69.95 अरब डॉलर हो गया.