नयी दिल्ली. सरकार ने बुधवार को लोकसभा को अवगत कराया कि लेटरल एंट्री के जरिये चुने गए 51 विशेषज्ञ केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में काम कर रहे हैं. केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि 2018 में लेटरल भर्ती की शुरुआत के बाद से अब तक विभिन्न सरकारी विभागों में अनुबंध/प्रतिनियुक्ति के आधार पर संयुक्त सचिव/निदेशक/उप सचिव के स्तर पर 63 नियुक्तियां की गई हैं.
उन्होंने कहा, ”वर्तमान में 51 अधिकारी विभिन्न मंत्रालयों/ विभागों में कार्यरत हैं.” यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार ने अपने विभागों के कामकाज और दक्षता पर लेटरल एंट्री के प्रभाव का अध्ययन किया है, सिंह ने कहा, ”समय-समय पर आंतरिक मूल्यांकन किए जाते हैं. हालांकि, ऐसा कोई अध्ययन (फिलहाल) नहीं किया गया है.” गौरतलब यूपीएससी लेटरल एंट्री के जरिए सीधे उन पदों पर उम्मीदवारों की नियुक्ति करता है, जिन पदों पर भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारियों की तैनाती होती है. इसमें निजी क्षेत्रों से अलग अलग क्षेत्र के विशेषज्ञों को विभिन्न मंत्रालयों व विभागों में सीधे ज्वाइंट सेक्रेटरी और डायरेक्टर व डिप्टी सेक्रेटरी के पद नियुक्ति की जाती है.