
नयी दिल्ली/पटना. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को भारतीय जनता पार्टी पर गृह मंत्री अमित शाह के डॉ बी आर आंबेडकर संबंधित बयान के मुद्दे से ध्यान भटकाने के प्रयास करने का आरोप लगाया और कहा कि शाह को माफी मांगनी चाहिए एवं इस्तीफा देना चाहिए. उन्होंने यहां पार्टी मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में यह आरोप भी लगाया कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सोच संविधान और बाबासाहेब आंबेडकर के खिलाफ है.
उन्होंने कहा, “भाजपा और आरएसएस की सोच संविधान और आंबेडकर विरोधी है. ये लोग आंबेडकर की स्मृति और योगदान को मिटाना चाहते हैं.” गांधी ने दावा किया कि संसद परिसर में आज जो हुआ, वो शाह के बयान से ध्यान भटकाने के लिए किया गया.
कांग्रेस नेता ने कहा कि गृह मंत्री को मांगनी चाहिए और उन्हें इस्तीफा देना चाहिए.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने संवाददाताओं से कहा, “आज की सरकार और गृह मंत्री बाबासाहेब के बारे में जो बयान दे रहे हैं, वह बहुत दुखदायक है. तथ्यों की जांच किए बिना बातें की जा रही हैं.” खरगे ने कहा, “आज तक उन्होंने (भाजपा नेताओं ने) बाबासाहेब और जवाहरलाल नेहरू के बारे में जो कहा है वो सब झूठ है.” उन्होंने कहा, “14 दिन तक हमने सदन चलाने का दृढ़ संकल्प दिखाया और (सदन के) बाहर प्रदर्शन किया. हम अदाणी का मुद्दा उठा रहे थे… गृह मंत्री ने फिर बाबासाहेब का मजाक बनाया.” कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि बयान देने के बाद शाह अपनी गलती पर सफाई नहीं दे रहे हैं.” उन्होंने आरोप लगाया कि मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए भाजपा नेता दूसरे मुद्दे उठा रहे हैं.
कांग्रेस प्रमुख ने दावा किया कि विपक्ष के सांसदों के ऊपर हमला किया गया और उन्हें धक्का दिया गया. खरगे ने कहा, “अब उल्टा हमारे ऊपर आरोप लगा रहे हैं.” उन्होंने कहा कि बाबासाहेब से जुड़े मुद्दे के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन किया जाएगा. गृह मंत्री अमित शाह की बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर से संबंधित टिप्पणी को लेकर विरोध जताते हुए विपक्षी सदस्यों ने मार्च निकाला तो भाजपा सांसदों ने कांग्रेस पर बाबासाहेब के अपमान का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया.
संसद भवन के ‘मकर द्वार’ के निकट सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्य एक दूसरे के सामने आ गए और जमकर नारेबाजी की.
भारतीय जनता पार्टी का आरोप है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने धक्का-मुक्की की जिस वजह से उसके बुजुर्ग सांसद प्रताप सारंगी चोटिल हुए. सारंगी को राममनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया. दूसरी तरफ, राहुल गांधी ने दावा किया कि भाजपा सांसदों ने उन्हें और अन्य विपक्षी सदस्यों को संसद भवन में जाने से रोका और धक्का-मुक्की की.
कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दलों का आरोप है कि शाह ने ‘भारत के संविधान की 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा’ विषय पर राज्यसभा में दो दिन तक चली चर्चा का जवाब देते हुए मंगलवार को अपने संबोधन के दौरान बाबासाहेब का अपमान किया. मुख्य विपक्षी दल ने शाह के संबोधन का एक वीडियो अंश भी जारी किया, जिसमें गृह मंत्री विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए यह कहते सुने जा सकते हैं, ”अभी एक फैशन हो गया है- आंबेडकर, आंबेडकर…. इतना नाम अगर भगवान का लेते तो सात जन्मों तक स्वर्ग मिल जाता.” दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा बाबासाहेब का अपमान किया और उन्हें चुनाव में हरवाया था.
अमित शाह की खाल बचाने के लिए साजिश रची गई: प्रियंका गांधी
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने राहुल गांधी द्वारा धक्का-मुक्की करने संबंधी भारतीय जनता पार्टी के आरोपों को खारिज करते हुए बृहस्पतिवार को दावा किया कि यह सब गृह मत्री अमित शाह की खाल बचाने के लिए रची गई साजिश है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सांसदों ने ‘गुंडागर्दी’ की और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को धक्का मारकर नीचे गिरा दिया.
प्रियंका गांधी ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ”राहुल जी आंबेडकर की तस्वीर लेकर और ‘जय भीम’ के नारे लगाते हुए संसद में जा रहे थे. उन्हें संसद में जाने से किसने रोका? हम कई दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन किसी को नहीं रोका.” उन्होंने दावा किया, ”सिर्फ अमित शाह जी की खाल बचाने के लिए यह साजिश रची गयी है कि भैया (राहुल) ने किसी को धक्का मारा है. मेरी आंखों के सामने खरगे जी को धक्का मारकर जमीन पर गिरा दिया गया. इसके बाद माकपा के एक सांसद को धक्के मारकर उनके ऊपर गिरा दिया गया.”
अमित शाह को इस्तीफा दे देना चाहिए, राजनीति छोड़ देनी चाहिए : लालू
राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने बाबा साहब आंबेडकर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की टिप्पणी को लेकर उनपर निशाना साधते हुये कहा कि उन्हें कैबिनेट से इस्तीफा दे देना चाहिए और “राजनीति छोड़ देनी चाहिए”. बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके प्रसाद इस सप्ताह के शुरुआत में राज्यसभा में शाह के भाषण पर उठे विवाद के बारे में संवाददाताओं के सवालों का जवाब दे रहे थे.
उन्होंने कहा, ”अमित शाह पागल हो गए हैं. वे हमारे पूज्य बाबा साहब के प्रति नफरत से भरे हुए हैं. मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं.” यह पूछे जाने पर कि क्या वे भी शाह के इस्तीफे की मांग के पक्ष में हैं, प्रसाद ने कहा, ”शाह को कैबिनेट से बाहर किया जाना चाहिए. उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए. यही नहीं, उन्हें राजनीति भी छोड़ देनी चाहिए.” प्रसाद की यह टिप्पणी कांग्रेस के उस आरोप के बाद आई है, जिसमें कहा गया है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में ‘भारत के संविधान की 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा’ विषय पर दो दिन तक चली चर्चा का जवाब देते हुए मंगलवार को बाबासाहेब का अपमान किया.
मुख्य विपक्षी दल ने शाह के संबोधन का एक वीडियो अंश भी जारी किया जिसमें गृह मंत्री विपक्ष पर कटाक्ष करते यह कहते सुने जा सकते हैं कि, ”अभी एक फैशन हो गया है- आंबेडकर, आंबेडकर…. इतना नाम अगर भगवान का लेते तो सात जन्मों तक स्वर्ग मिल जाता.” इससे पहले बुधवार को शाह ने कांग्रेस पर भ्रम फैलाने और लोगों को गुमराह करने के लिये उनकी टिप्पणियों को गलत तरीके से पेश करने आरोप लगाया .



