आंबेडकर पर शाह के बयान को लेकर कांग्रेस का ओडिशा समेत कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन, इस्तीफे की मांग

कांग्रेस कार्य समिति करेगी 'आंबेडकर के अपमान' पर चर्चा, गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग जारी रखेगी

भुवनेश्वर/हैदराबाद/नयी दिल्ली. कांग्रेस ने बाबासाहेब आंबेडकर के बारे में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा दिये गए कथित विवादास्पद बयान को लेकर मंगलवार को ओडिशा, असम, तेलंगाना, झारखंड और जम्मू-कश्मीर सहित कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन किया और उनके इस्तीफे की मांग की.

कांग्रेस की ओडिशा इकाई ने मंगलवार को राज्य भर में ‘आंबेडकर सम्मान मार्च’ निकाला. आंबेडकर के पोस्टर और तस्वीरें लेकर कांग्रेस नेताओं और समर्थकों ने भुवनेश्वर, कोरापुट, ढेंकनाल और मल्कानगिरी में विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने शाह पर पिछले हफ्ते राज्यसभा में संविधान पर बहस के दौरान आंबेडकर का अपमान करने का आरोप लगाया और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की. बाद में कांग्रेस नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने अतिरिक्त जिलाधिकारी (एडीएम), भुवनेश्वर के माध्यम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें शाह से माफी और इस्तीफे की मांग की गई है.

इस बीच, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की भुवनेश्वर इकाई ने भी इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया और शाह का पुतला जलाया. माकपा के राज्य सचिव सुरेश पाणिग्रही ने गृह मंत्री की टिप्पणियों की निंदा करते हुए इसे ‘अत्यधिक दुर्भाग्यपूर्ण, आदिवासी विरोधी और दलित विरोधी’ करार दिया. कांग्रेस की झारखंड इकाई ने शाह की हालिया टिप्पणी के विरोध में सभी जिला मुख्यालयों में मार्च निकाला. ‘बाबासाहेब आंबेडकर सम्मान मार्च’ रैली यहां कांग्रेस मुख्यालय से निकाली गई और जिला कलक्ट्रेट पर संपन्न हुई.
बैनर और पोस्टर लिए पार्टी कार्यकर्ताओं ने शाह के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे भी लगाए.

रांची में झारखंड कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने मार्च की शुरुआत से पहले डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. राज्य कांग्रेस के नेताओं ने शाह के इस्तीफे की मांग करते हुए रांची के उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक ज्ञापन सौंपा. कमलेश ने कहा, ”यह आश्चर्यजनक है कि जिस गृह मंत्री पर संविधान की रक्षा की जिम्मेदारी है, वह संविधान के निर्माता का अपमान कर रहे हैं.” पार्टी की तेलंगाना इकाई ने भी शाह के बयान के विरोध में हैदराबाद में मार्च निकाला.

तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (टीपीसीसी) के अध्यक्ष बी महेश कुमार गौड़ और पार्टी के अन्य नेताओं ने विरोध शुरू करने से पहले हुसैन सागर झील पर आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके उन्हें श्रद्धांजलि दी. भाजपा और अमित शाह के खिलाफ नारे लगाते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हैदराबाद जिला कलेक्टर कार्यालय तक मार्च किया. कांग्रेस ने कहा कि अमित शाह देश के गृह मंत्री बने रहने के लायक नहीं हैं और उन्हें संविधान और इसके मुख्य वास्तुकार भीमराव आंबेडकर के प्रति अपनी ‘नफरत’ के लिए या तो इस्तीफा दे देना चाहिए या बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए.

कांग्रेस महासचिव जी ए मीर ने श्रीनगर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा, ”पूरा देश, कांग्रेस पार्टी और ‘इंडिया’ गठबंधन मिलकर मांग कर रहे हैं कि अमित शाह को देश के गृह मंत्री बने रहने का कोई अधिकार नहीं है क्योंकि जो व्यक्ति गृह मंत्री की कुर्सी पर बैठता है उसे संविधान की रक्षा करनी होती है.” मीर ने कहा, ”हमारी मांग है कि शाह को गृह मंत्री बने रहने का कोई अधिकार नहीं है और उन्हें या तो खुद इस्तीफा दे देना चाहिए या राष्ट्रपति को उन्हें बर्खास्त कर देना चाहिए. इसके बाद शाह को देश से माफी मांगनी चाहिए.” कांग्रेस की असम इकाई ने कहा कि बाबासाहेब आंबेडकर के खिलाफ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की कथित टिप्पणी के खिलाफ उनका विरोध तब तक जारी रहेगा जब तक वह सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते और इस्तीफा नहीं देते.

असम कांग्रेस के अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा, लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई और नेता प्रतिपक्ष देबब्रत सैकिया के नेतृत्व में गुवाहाटी, तेजपुर और गोलपारा और अन्य स्थानों पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया. गोगोई ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, ”जब अमित शाह ने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की, तो इसने वास्तव में आरएसएस और हिंदू महासभा की असली तस्वीर दिखाई. इन दोनों संगठनों ने कभी भी भारतीय संविधान को मान्यता नहीं दी.”

कांग्रेस कार्य समिति करेगी ‘आंबेडकर के अपमान’ पर चर्चा, गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग जारी रखेगी

कांग्रेस की शीर्ष नीति निर्धारण इकाई कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की 26 दिसंबर को होने वाली बैठक में महात्मा गांधी के पार्टी अध्यक्ष बनने के 100 साल पूरे होने का उत्सव मनाने के साथ ही गृह मंत्री अमित शाह द्वारा बाबासाहेब आंबेडकर का कथित तौर पर अपमान किए जाने के मुद्दे को भी जोर-शोर से उठाया जाएगा तथा शाह के इस्तीफे व माफी की मांग पर जोर देने का सिलसिला जारी रहेगा.

मुख्य विपक्षी दल का कहना है कि देश यह सवाल लगातार पूछ रहा है कि शाह माफी मांगेंगे या इस्तीफा देंगे? कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने संवाददाताओं से बातचीत में यह भी कहा कि पार्टी शाह की माफी और इस्तीफे की मांग पर जोर देना जारी रखेगी तथा इस पर कार्य समिति की बैठक में विस्तृत चर्चा होगी. उन्होंने यह दावा भी किया कि आंबेडकर के मुद्दे पर भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों का संवाददाता सम्मेलन करना सिर्फ ध्यान भटकाने का प्रयास है. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा का एकमात्र मकसद संविधान को खत्म करना है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस संविधान को खत्म करने के किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने देगी.

पार्टी ने कर्नाटक के बेलगावी में 26 दिसंबर को होने वाली अपनी कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक को ‘नव सत्याग्रह बैठक’ नाम दिया है तथा पार्टी 27 दिसंबर को ‘जय बापू, जय भीम, जय संविधान’ रैली का आयोजन करेगी. वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस कार्य समिति अगले साल के कार्यक्रमों पर चर्चा करेगी. इस विस्तारित कार्य समिति की बैठक कांग्रेस के बेलगावी अधिवेशन के 100 साल पूरे होने के मौके पर हो रही है. उस अधिवेशन में महात्मा गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष चुना गया था.

वेणुगोपाल ने कहा, ”भाजपा और मोदी सरकार ने सिर्फ आंबेडकर का अपमान नहीं किया, बल्कि संविधान के मूल्यों को पूरी तरह खारिज किया. हम जमीनी स्तर पर लोगों की स्वाभाविक प्रतिक्रिया को देख रहे हैं. देश उम्मीद कर रहा था कि गृह मंत्री माफी मांगेंगे. लेकिन भाजपा रोज आंबेडकर जी की विरासत को खत्म करने, संविधान के मूल्यों को कमजोर करने और लोकतंत्रिक सिद्धांतों पर अंकुश लगाने का प्रयास कर रही है.” उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा को शाह का इस्तीफा मांगना चाहिए.

रमेश ने कहा, ”प्रधानमंत्री ने जब पहली बार पुराने संसद भवन में प्रवेश किया था, तो वहां नमन किया था. इसके बाद पुराना संसद खत्म किया और नया संसद बनाया. इसी तरह उन्होंने संविधान को माथे से लगाया और इसका नतीजा क्या होगा?” वेणुगोपाल ने कार्य समिति की बैठक के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इस बैठक में करीब 200 नेता शामिल होंगे.

वेणुगोपाल के अनुसार, 26 दिसंबर को ढाई बजे “नव सत्याग्रह बैठक” शुरू होगी, जिसमें दो प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बताया कि ‘जय बापू, जय भीम, जय संविधान रैली’ का आयोजन 27 दिसंबर को किया जाएगा. गृह मंत्री अमित शाह की बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर से संबंधित टिप्पणी की पृष्ठभूमि में इस रैली का नाम “जय बापू, जय भीम, जय संविधान” दिया गया है. कांग्रेस शाह की टिप्पणी के खिलाफ इन दिनों कई कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है. वह इस सप्ताह को ”आंबेडकर सम्मान सप्ताह” के रूप में मना रही है.

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