केरल की अदालत ने नाबालिग से बलात्कार के मामले में ‘ट्यूशन’ शिक्षक को 111 साल की सजा सुनाई

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 31 Dec 2024 09:55 PM
केरल की अदालत ने नाबालिग से बलात्कार के मामले में ‘ट्यूशन’ शिक्षक को 111 साल की सजा सुनाई

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तिरुवनंतपुरम. केरल के तिरुवनंतपुरम की विशेष त्वरित अदालत ने पांच साल पहले 11वीं कक्षा की छात्रा को बहला-फुसलाकर उससे बलात्कार करने के जुर्म में एक शिक्षक (ट्यूशन शिक्षक) को 111 साल के सश्रम कारावास की मंगलवार को सजा सुनाई तथा उसपर 1.05 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया.

अदालत के आदेश अनुसार, यदि दोषी मनोज (44) जुर्माना नहीं भर पाता है तो उसे एक साल की और सजा काटनी होगी. मनोज की पत्नी को जब पता चला कि उसके पति ने एक नाबालिग से बलात्कार किया है तो उसने आत्महत्या कर ली. न्यायाधीश आर.रेखा ने अपने फैसले में कहा कि मनोज पर किसी भी तरह की दया नहीं की जा सकती. यह घटना 2 जुलाई, 2019 की है. अभियोजन के पक्ष के अनुसार, दोषी मनोज एक सरकारी कर्मचारी है और वह अपने घर पर ‘ट्यूशन’ पढ.ाता था.

मनोज ने छात्रा को विशेष कक्षा का बहाना बनाकर अपने घर पर बुलाया और उससे बलात्कार किया तथा उसने अपने मोबाइल से उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें भी खींच लीं. दुष्कर्म की घटना के बाद बच्ची बहुत डर गई थी और उसने ट्यूशन आना बंद कर दिया था. इसके बाद आरोपी ने तस्वीरें वायरल कर दीं. घटना की जानकारी होने पर बच्चे के परिजनों ने फोर्ट थाने में शिकायत दर्ज कराई.

पुलिस ने मनोज को गिरफ्तार कर लिया और उसका फोन जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया, जिसके बाद फोन में पीड़ित नाबालिग की आपत्तिजनक तस्वीरें मिलीं. दूसरी ओर, मनोज ने दावा किया कि घटना के दिन वह कार्यालय में था तथा उसने हस्ताक्षर सहित पंजीकृत अवकाश रिकार्ड भी प्रस्तुत किया. हालांकि, अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत आरोपी के फोन के कॉल रिकॉर्ड से पता चला कि घटना के दिन मनोज ट्यूशन पढ.ा रहा था.

By Yogesh Kumar Sahu