स्वामी विवेकानंद ने सनातन वैदिक संस्कृति को वैश्विक स्तर पर दिया बढ़ावा : आदित्यनाथ

गोरखपुर. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को भारत के औपनिवेशिक काल के दौरान सनातन वैदिक संस्कृति को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए स्वामी विवेकानंद की सराहना की और उनकी प्रतिमा का अनावरण किया. मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय युवा दिवस पर सरस्वती शिशु मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण करते हुए इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे युवा भिक्षु ने अपने साहसिक विचारों और कार्यों के माध्यम से राष्ट्रीय चेतना को जागृत किया.

उन्होंने बताया, ”औपनिवेशिक शासन के दौरान भी स्वामी विवेकानंद ने कहा कि गर्व से कहो, हम हिंदू हैं. यह सनातन मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है.” शिकागो शिखर सम्मेलन में विवेकानंद के प्रभावशाली भाषण को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कैसे दुनिया भारत की प्राचीन परंपराओं की उनकी अभिव्यक्ति से मोहित हो गई थी.

उन्होंने कहा, ”स्वामी जी ने सिखाया कि हमारा सबसे पहला कर्तव्य राष्ट्रधर्म है. यह राष्ट्रीय कर्तव्य है.” आदित्यनाथ ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को प्रेरित करने के लिए विवेकानंद के विचारों को श्रेय दिया और संस्थानों के विशाल नेटवर्क के माध्यम से विवेकानंद की शिक्षा को संरक्षित करने के लिए सरस्वती शिशु मंदिरों की प्रशंसा की.

मुख्यमंत्री ने कहा, ”चुनौतियां हमसे प्रयास की मांग करती हैं और जीत दृढ़ता से मिलती है. विवेकानंद के आदर्शों से प्रेरित होकर भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित हो रहा है. स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत दो करोड़ युवाओं को अपने कौशल को बढ़ाने के लिए टैबलेट और स्मार्टफोन मिल रहे हैं.” उन्होंने राष्ट्रीय गौरव की भावना जगाने के लिए गोरखपुर में सरस्वती शिशु मंदिर की स्थापना में नानाजी देशमुख की भूमिका की भी सराहना की. उन्होंने देशमुख के नाम पर एक पार्क की आधारशिला रखे जाने का उल्लेख किया.

कार्यक्रम में दो हस्तलिखित पत्रिकाओं का विमोचन और देवी दुर्गा पर एक नृत्य नाटिका का प्रदर्शन किया गया. इस अवसर पर सांसद रवि किशन, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेता और स्कूल के अधिकारी समेत अनेक गणमान्य लोग मौजूद थे. आदित्यनाथ ने भारत रत्न नानाजी देशमुख पार्क की आधारशिला भी रखी, जिसे नेताजी सुभाष चंद्र बोस नगर कॉलोनी में नगर निगम द्वारा 1.72 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से विकसित किया जाएगा. यह पार्क 1,800 वर्ग मीटर में फैला होगा और पूरा होने पर इसमें नानाजी देशमुख की आदमकद प्रतिमा स्थापित की जाएगी.

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