झारखंड में मुठभेड़ में एक करोड़ रुपये के इनामी उग्रवादी समेत आठ नक्सली ढेर

नयी दिल्ली/रांची. झारखंड के बोकारो जिले में सोमवार को पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के कोबरा कमांडो के साथ मुठभेड़ में आठ नक्सली मारे गए, जिनमें से एक नक्सली उग्रवादियों की शीर्ष केंद्रीय समिति का सदस्य था और उस पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित था. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि यह मुठभेड़ जिले में लालपनिया इलाके के लुगु हिल्स में सुबह करीब साढ़े पांच बजे शुरू हुई.

उन्होंने बताया कि ‘209 कमांडो बटालियन फॉर रेजोल्यूट एक्शन’ (कोबरा) और राज्य पुलिस के अभियान में आठ नक्सली मारे गए और एक एके राइफल, तीन इंसास राइफल, एक ‘सेल्फ लोडिंग राइफल’ (एसएलआर), आठ देसी बंदूक एवं एक पिस्तौल बरामद की गई.
अधिकारियों ने बताया कि मृतकों में उग्रवादी संगठन की केंद्रीय समिति का सदस्य प्रयाग मांझी उर्फ विवेक, विशेष क्षेत्रीय समिति का सदस्य अरविंद यादव उर्फ अविनाश, जोनल समिति का सदस्य साहेबराम मांझी उर्फ राहुल मांझी, महेश मांझी उर्फ मोटा, तालु, रंजू मांझी, गंगाराम और महेश शामिल हैं. उन्होंने बताया कि विवेक पर एक करोड़ रुपए, अरविंद यादव पर 25 लाख रुपए और साहेबराम मांझी पर 10 लाख रुपए का इनाम घोषित था. अधिकारियों ने बताया कि हिंसा के विभिन्न मामलों में उनके खिलाफ मामले दर्ज थे.
उन्होंने कहा कि केंद्रीय समिति माओवादी संगठन की निर्णय लेने वाली शीर्ष संस्था है. अधिकारियों ने बताया कि इस मुठभेड़ में किसी सुरक्षाकर्मी के घायल होने की खबर नहीं है.

झारखंड के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग गुप्ता ने कहा, ”इस मुठभेड़ के साथ ही उत्तरी छोटानागपुर क्षेत्र में माओवादी दस्तों का सफाया हो गया है.” उन्होंने कहा, ”पूरे राज्य से माओवादियों का लगभग सफाया हो चुका है. वे केवल चाईबासा क्षेत्र में बचे हैं. हम सीआरपीएफ, झारखंड जगुआर और झारखंड सशस्त्र पुलिस सहित अपने सभी बलों को सारंडा क्षेत्र में स्थानांतरित कर रहे हैं. हमारा लक्ष्य अगले 15 से 20 दिन में या निश्चित रूप से बरसात के मौसम से पहले क्षेत्र के सभी माओवादी दस्तों को खत्म करना है.”

डीजीपी ने कहा, ”हम चाईबासा के माओवादियों से पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने की अपील करते हैं. आत्मसमर्पण को लेकर उनके लिए एक अच्छी नीति है.” कोबरा सीआरपीएफ की विशेष इकाई है जो जंगलों में युद्ध संबंधी रणनीति में दक्षता के लिए जानी जाती है. यह अभियान मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को खत्म करने की केंद्र सरकार की घोषणा के तहत चलाया गया.

इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सोमवार शाम को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से नयी दिल्ली में नॉर्थ ब्लॉक स्थित उनके कार्यालय में संभवत: मुलाकात करेंगे तथा इस दौरान राज्य में नक्सल विरोधी अभियानों और संबंधित विषयों की व्यापक समीक्षा किए जाने की संभावना है. इस साल, छत्तीसगढ़ में अलग-अलग मुठभेड़ों में 140 से अधिक माओवादी मारे गए हैं. सुरक्षा अधिकारी छत्तीसगढ़ को देश में वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) का ”अंतिम गढ़” कहते हैं.

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