सिंधु जल संधि के निलंबन से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को नुकसान होगा

जबलपुर: मध्यप्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित करने के भारत सरकार के फैसले से पड़ोसी देश की अर्थव्यवस्था को व्यापक नुकसान होगा।

विजयवर्गीय ने संवाददाताओं से कहा कि जिस तरह से उन्होंने (आतंकवादियों ने) समाज को बांटने की कोशिश की है, उसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता और इस मामले में सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। विजयवर्गीय ने कहा, “पाकिस्तान में जिस तरह से आतंकवाद बढ़ रहा है, उस पर पूरी दुनिया ने ंिचता जताई है।

पड़ोसी देशों में आतंकवाद ने जो खतरा पैदा किया है, वह निश्चित रूप से ंिचता का विषय है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बहुत कड़ा रुख अपनाया है तथा देश भी चाहता है कि इस मुद्दे पर कड़ी कार्रवाई की जाए।” केंद्र के फैसले के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “मैं समझता हूं कि सिंधु जल संधि को निलंबित करने से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी।’’

मंत्री ने कहा कि जिस तरह से उन्होंने (आतंकवादियों ने) आतंकवाद के जरिए समाज को बांटने की कोशिश की है, वह अस्वीकार्य है। उन्होंने दावा किया, “इससे (पानी की आपूर्ति बंद होने से) बहुत फर्क पड़ेगा, पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था गड़बड़ा जाएगी। पाकिस्तान की जीडीपी को झटका लगेगा और उनकी कृषि आधारित अर्थव्यवस्था लगभग शून्य पर पहुंच जाएगी।”

विजयवर्गीय ने कहा, “पाकिस्तान को दिन के उजाले में तारे दिख जाएंगे।” मंगलवार को दक्षिण कश्मीर में पहलगाम के पास एक प्रमुख पर्यटन स्थल पर आतंकवादियों ने हमला किया, जिसमें 26 लोग मारे गए, जिनमें से अधिकतर पर्यटक थे। भारत ने बुधवार को पाकिस्तान के साथ राजनयिक संबंधों को कमतर कर दिया और कई उपायों की घोषणा की, जिनमें सिंधु जल संधि को निलंबित करना और अटारी भूमि-पारगमन चौकी को तत्काल बंद करना शामिल है।

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