माओवादियों के साथ वार्ता के प्रस्ताव पर कांग्रेस में अंदरूनी चर्चा के बाद होगा निर्णय: रेवंत रेड्डी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 28 Apr 2025 10:09 PM
माओवादियों के साथ वार्ता के प्रस्ताव पर कांग्रेस में अंदरूनी चर्चा के बाद होगा निर्णय: रेवंत रेड्डी
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हैदराबाद. तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने सोमवार को कहा कि माओवादियों के साथ संघर्ष विराम और शांति वार्ता की वकालत करने वाले बुद्धिजीवियों के एक समूह के प्रस्ताव पर राज्य सरकार द्वारा निर्णय लिये जाने से पहले सत्तारूढ़ कांग्रेस के भीतर इसपर चर्चा की जाएगी.

यहां मीडियार्किमयों के साथ अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने ‘ऑपरेशन कगार (छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों में माओवाद विरोधी अभियान)’ पर राष्ट्रीय स्तर पर बहस की भी वकालत की. रविवार को एक रैली में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) द्वारा की गयी आलोचना का जवाब देते हुए रेड्डी ने इसे गुस्से का इजहार के रूप में खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि राव के भाषण में कोई सार नहीं था. इस रैली में राव ने दावा किया था कि तेलंगाना की कांग्रेस सरकार सभी मोर्चों पर विफल रही है.

केसीआर की इस टिप्पणी पर कि कांग्रेस सरकार विधानसभा में ‘बच्चों’ (उनके बेटे और बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के टी रामा राव का स्पष्ट संदर्भ) के सवालों का जवाब देने में विफल रही है, रेड्डी ने आश्चर्य जताया कि ”बच्चों” को विधानसभा में क्यों भेजा जाता है जबकि केसीआर दूर रहते हैं. मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि वह अगले 20 वर्षों तक राजनीति में सक्रिय रहने की योजना बना रहे हैं.

उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि उनकी सरकार ने दिसंबर 2023 में सत्ता संभालने के बाद से कई अच्छी योजनाएं शुरू की हैं. उन्होंने कहा कि उन योजनाओं को अब सुव्यवस्थित किया जा रहा है. उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ अपने अच्छे संबंधों की भी पुष्टि की और कहा कि उन्हें इसके बारे में किसी को समझाने की जरूरत नहीं है.

माओवादियों के मुद्दे पर रेवंत रेड्डी की प्रतिक्रिया से एक दिन पहले बुद्धिजीवियों और जन संगठनों के एक समूह ने उनसे भेंट की थी और उनसे केंद्र को युद्धविराम की घोषणा करने और भाकपा (माओवादियों) के साथ शांति वार्ता के लिए राजी करने की अपील की थी.
मुख्यमंत्री ने उनसे कहा था कि उनकी सरकार नक्सलवाद को कानून और व्यवस्था के मुद्दे के रूप में देखने के बजाय सामाजिक दृष्टिकोण से देखती है. रेवंत रेड्डी ने सोमवार को वरिष्ठ कांग्रेस नेता के जन रेड्डी से मुलाकात कर माओवादियों के साथ शांति वार्ता करने के अनुरोध पर चर्चा की.

जन रेड्डी ने 2014 में अविभाजित आंध्र प्रदेश के गृह मंत्री के रूप में माओवादियों के साथ शांति वार्ता की थी. माओवादियों के साथ शांति वार्ता का अनुरोध छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों में सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे गहन माओवादी विरोधी अभियानों की पृष्ठभूमि में किया गया है. छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर लगभग 10,000 सुरक्षार्किमयों की मदद से नक्सलियों के खिलाफ एक व्यापक अभियान चल रहा है.

माओवादियों ने शुक्रवार को पांचवें दिन कथित तौर पर एक बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने अभियान को रोकने और ‘शांति वार्ता’ करने का आह्वान किया. माओवादियों ने हाल में एक कथित प्रेस नोट में कहा था कि केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार ने उनके ‘क्रांतिकारी आंदोलन’ के खिलाफ संयुक्त रूप से एक ऑपरेशन ‘कगार’ शुरू किया है. माओवादी अपनी गतिविधियों को ‘क्रांतिकारी आंदोलन’ कहते हैं.

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