
नयी दिल्ली. ‘इंडियन स्कूल र्सिटफिकेट एग्जामिनेशन’ (सीआईएससीई) की कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षा के नतीजे बुधवार को घोषित किए गए जिसमें लड़किया लड़कों से फिर आगे रहीं. कक्षा 10वीं की परीक्षा में लड़कियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 99.45 और लड़कों का उत्तीर्ण प्रतिशत 98.64 रहा.
इसी तरह 12वीं कक्षा में भी लड़कियों ने लड़कों से बेहतर प्रदर्शन किया, जिसमें लड़कियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 99.45 और लड़कों का उत्तीर्ण प्रतिशत 98.64 रहा. आईसीएसई परीक्षा (कक्षा 10) 67 लिखित विषयों में आयोजित की गई थी, जिनमें से 20 भारतीय भाषाएं और 14 विदेशी भाषाएं थीं और एक शास्त्रीय भाषा थी. आईएससी परीक्षा (कक्षा 12) 47 लिखित विषयों में आयोजित की गई थी, जिनमें से 12 भारतीय भाषाएं, चार विदेशी भाषाएं और दो शास्त्रीय भाषाएं थीं.
मुख्य कार्यकारी जोसफ इमैनुएल ने कहा, ”उम्मीदवार और पक्षकार सीआईएससीई वेबसाइट या बोर्ड के करियर पोर्टल पर परिणाम देख सकते हैं. परिणाम डिजिलॉकर के माध्यम से भी देखे जा सकते हैं.” कक्षा 10 (आईसीएसई) और कक्षा 12 (आईएससी) के लिए सुधार परीक्षा जुलाई में आयोजित की जाएगी. कुल 2,803 स्कूलों के 2,52,557 उम्मीदवारों ने कक्षा 10 की परीक्षा दी, जिनमें से 2,308 उम्मीदवार अनुत्तीर्ण रहे.
सीखने में कठिनाई (डिस्लेक्सिया) से पीड़ित 1,184 उम्मीदवारों में से 112 ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं. दृष्टिबाधित 48 उम्मीदवारों में से 13 ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं. पश्चिमी क्षेत्र ने कक्षा 10 की परीक्षा में 99.83 प्रतिशत के साथ सर्वश्रेष्ठ उत्तीर्ण प्रतिशत हासिल किया है, इसके बाद दक्षिणी क्षेत्र 99.73 प्रतिशत उत्तीर्ण प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर है. कक्षा 12 की परीक्षा में 1460 स्कूलों के 99,551 उम्मीदवार थे और उनमें से 973 परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर सके.
सीखने में परेशानी से पीड़ित कक्षा 12वीं की परीक्षा में शामिल हुए 257 विद्यार्थियों में से 29 ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए. दृष्टिबाधित 17 में से छह विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए. कक्षा 12 के उत्कृष्ट परिणामों में दक्षिणी क्षेत्र का उत्तीर्ण प्रतिशत 99.76 प्रतिशत रहा, जबकि पश्चिमी क्षेत्र का उत्तीर्ण प्रतिशत 99.72 प्रतिशत रहा.



