बिहार के ‘अग्निपथ’ योजना के खिलाफ प्रदर्शन हिंसक हुआ, प्रदर्शनकारियों ने ट्रेनों में लगाई आग

पटना/नयी दिल्ली/बुलंदशहर/बलिया/गुरुग्राम/इंदौर/जयपुर. बिहार में केंद्र सरकार की सैन्य बलों में भर्ती की नई योजना ‘अग्निपथ’ के खिलाफ लगातार दूसरे दिन बृहस्पतिवार को भी विरोध-प्रदर्शन जारी रहा. इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों ने ट्रेनों में आग लगा दी और पथराव किया. प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और रेलवे पटरियों पर धरना देने वाले युवाओं को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया.

वहीं, नवादा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की विधायक अरुणा देवी एक अदालत जा रही थीं, तभी उनके वाहन पर प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया, जिसमें विधायक सहित पांच लोग घायल हो गए. अरुणा ने कहा, ‘‘प्रदर्शनकारी मेरी गाड़ी पर लगे पार्टी के झंडे को देखकर भड़क गए, उन्होंने झंडे को भी निकाल दिया. मेरे चालक, दो सुरक्षा कर्मी और निजी स्टाफ के कई सदस्यों को चोटें आई हैं.’’ सशस्त्र बलों में भर्ती की नई प्रणाली से नाराज प्रदर्शनकारियों ने रेलवे संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया.

प्रदर्शनकारियों ने भभुआ और छपरा स्टेशन पर बोगियों में आग लगा दी और कई जगहों पर डिब्बों के शीशे तोड़ दिए. भोजपपुर जिला मुख्यालय आरा में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने रेलवे स्टेशन को घेर लिया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे. हाजीपुर में पूर्व मध्य रेलवे के मुख्यालय से प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रेल सेवाएं बाधित हुईं. पटना-गया, बरौनी-कटिहार और दानापुर-डीडीयू जैसे व्यस्त मार्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हुए.

दिल्ली में युवाओं ने नांगलोई स्टेशन की पटरियों पर लेटकर रेल मार्ग बाधित किया

केंद्र की ‘अग्निपथ’ योजना के विरोध में बाहरी दिल्ली के नांगलोई रेलवे स्टेशन पर बृहस्पतिवार को एक दर्जन से अधिक सेना में भर्ती के आकांक्षी युवाओं ने पटरियों पर लेटकर रेल का मार्ग अवरुद्ध किया. पुलिस के मुताबिक रेलवे भर्ती परीक्षाओं में देरी और अग्निपथ योजना के विरोध में सुबह करीब नौ बजकर 45 मिनट पर नांगलोई रेलवे स्टेशन पर करीब 15-20 लोग जमा हुए. पुलिस ने कहा कि उन्होंने एक ट्रेन को रोका जो हरियाणा के जींद से पुरानी दिल्ली के लिए जा रही थी.

उन्होंने बताया कि पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची जहां जीआरपी के कर्मचारी भी मौजूद थे और अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्वक रेलवे ट्रैक खाली करने को कहा. पुलिस उपायुक्त (बाहरी) समीर शर्मा के अनुसार, ”प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उन्होंने दो- तीन साल पहले सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन किया था, लेकिन भर्ती के लिए परीक्षाएं अभी तक आयोजित नहीं की गयी हैं और उन्होंने अब न्यूनतम पात्रता उम्र पार कर ली है.” अधिकारी ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और सभी छात्रों को रेलवे ट्रैक से हटा लिया गया है.

बुलंदशहर और बलिया जिलों में युवाओं ने ‘अग्निपथ’ योजना के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया

सैन्य बलों में चार साल के लिए भर्ती की केंद्र की‘अग्निपथ’ योजना के खिलाफ उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर और बलिया जिलों में बृहस्पतिवार को युवाओं ने प्रदर्शन किया. बलिया में युवाओं के प्रदर्शन के कारण वाराणसी छपरा रेल प्रखंड पर दिल्ली से जयनगर जा रही स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एक्सप्रेस समेत अन्य ट्रेन प्रभावित हुई . स्थानीय लोगों के अनुसार, बुलंदशहर के खुर्जा इलाके और शहरी क्षेत्र में युवाओं के समूह एकत्र हुए और ‘अग्निपथ’ योजना को वापस लेने के लिए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की.

बुलंदशहर के पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने कहा, “कुछ युवा सुबह विरोध प्रदर्शन करने के लिए एकत्र हुए. उन्होंने अधिकारियों के आश्वासन पर धरना समाप्त कर दिया.” इसी तरह का विरोध प्रदर्शन बलिया जिले में भी होने की जानकारी मिली है .

केंद्र की अग्निपथ योजना के खिलाफ हरियाणा के पलवल में पथराव, कई जगह राजमार्ग जाम

रक्षा सेवाओं में भर्ती के लिए पेश की गई अग्निपथ योजना के खिलाफ बृहस्पतिवार को हरियाणा के गुरुग्राम, रेवाड़ी और पलवल में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए तथा राजमार्गों को अवरुद्ध कर दिया. इस दौरान पलवल में हुई पत्थरबाजी में पुलिस का एक वाहन क्षतिग्रस्त हो गया और राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर आगरा चौक को अवरुद्ध कर दिया गया.

गुरुग्राम के बिलासपुर और सिधरावली में प्रदर्शनकारियों ने बस अड्डों को घेर लिया और बिलासपुर चौक पर विरोध प्रदर्शन किया, जिसके चलते गुरुग्राम-जयपुर राजमार्ग पर यातायात अवरुद्ध हो गया. प्रदर्शनों को रोकने के लिए इन स्थानों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है.

इंदौर में युवाओं ने तिरंगे झंडों के साथ सड़क पर उतरकर “अग्निपथ” पर जताया आक्रोश

कम अवधि के लिए संविदा नियुक्ति के आधार पर सैन्य बलों में भर्ती की नयी ‘‘अग्निपथ’’ योजना के खिलाफ इंदौर के करीब 150 युवा बृहस्पतिवार को सड़क पर उतरे. उन्होंने शहर के एक व्यस्त चौराहे पर तिरंगे झंडों के साथ प्रदर्शन कर इस योजना पर आक्रोश जताया.
सैन्य बलों में भर्ती की लम्बे समय से तैयारी कर रहे युवाओं ने मरीमाता चौराहे पर प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार से मांग की कि ‘‘अग्निपथ’’ योजना को तुरंत वापस लिया जाए. मौके पर पहुंचे पुलिस बल में शामिल एक आला अफसर ने पुलिस की गाड़ी से उद्घोषणा करते हुए आक्रोशित प्रदर्शनकारियों से अपील की कि वे ज्ञापन देकर शांति से अपनी मांग रखें. पुलिस की इस अपील के बाद प्रदर्शनकारियों ने मौके पर मौजूद अफसरों को ‘‘अग्निपथ’’ योजना के खिलाफ ज्ञापन सौंपा.

प्रदर्शनकारियों में शामिल एक युवा ने कहा,‘‘कोई लोकसभा सांसद केवल पांच साल पद पर रहकर जीवन भर पेंशन पाता है. फिर अग्निपथ योजना के तहत सेना में भर्ती में होने वाले युवाओं के लिए पेंशन का प्रावधान क्यों नहीं है?” सेना में भर्ती की तैयारी कर रहे युवा ने कहा कि अगर नौजवानों के भविष्य के फैसले सांसद ले रहे हैं, तो सांसदों को ही देश की सरहदों पर तैनात कर दिया जाए.

अग्निपथ योजना के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने गुरुग्राम-जयपुर राजमार्ग पर जाम लगाया

केंद्र द्वारा इस सप्ताह की शुरुआत में संविदा के आधार पर सैनिकों की भर्ती के लिए शुरू की गई ‘अग्निपथ’ योजना के विरोध में बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में गुरुग्राम और रेवाड़ी के बिलासपुर और सिधरावाली इलाकों के युवा सड़कों पर उतर आए.
इस योजना के तहत थलसेना, नौसेना और वायुसेना में चार साल के लिए नयी र्भितयां होंगी. चार साल के बाद 75 फीसदी सैनिकों को पेंशन जैसी सुविधाओं के बगैर ही सेवानिवृत्त कर दिया जाएगा. शेष 25 प्रतिशत को भारतीय सेना में नियमित रखने का प्रावधान किया गया है.

प्रदर्शनकारियों ने गुरुग्राम-जयपुर राजमार्ग पर बस अड्डे और सड़कों पर घेराबंदी करते हुए बिलासपुर चौक पर विरोध प्रदर्शन किया.
गुरुग्राम यातायात पुलिस ने एक परामर्श में कहा, ”स्थानीय विरोध के कारण बिलासपुर चौक (एनएच-48) पर यातायात को परिर्वितत किया गया है. इस मार्ग का उपयोग करने वाले सभी यात्रियों से वैकल्पिक मार्ग लेने का अनुरोध किया जाता है.”

‘अग्निपथ’ योजना के खिलाफ राजस्थान में कई जगह युवाओं का प्रदर्शन

अल्पकालिक अवधि के लिए संविदा नियुक्ति के आधार पर सेनाओं में युवाओं की भर्ती की केंद्र सरकार की नई ‘अग्निपथ’ योजना के खिलाफ राजस्थान के अनेक हिस्सों में युवाओं ने बृहस्पतिवार को विरोध-प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की.
पुलिस अधिकारियों का दावा है कि प्रदर्शन के दौरान कहीं से किसी अप्रिय घटना की अभी तक कोई खबर नहीं है. कभी केंद्र में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का हिस्सा रही राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के कार्यकर्ता भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए. पार्टी ने ‘अग्निपथ’ योजना का विरोध करते हुए जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन की घोषणा की थी.

युवाओं ने विशेष रूप से राजधानी जयपुर सहित सीकर, नागौर, अजमेर, जोधपुर, जैसलमेर तथा झुंझुनू जैसे जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया. जयपुर में बड़ी संख्या में युवाओं ने जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया और केंद्र की प्रस्तावित योजना के खिलाफ नारेबाजी की. अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपे गए.

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