‘जनता की कमाई को किश्तों में लूटा जा रहा है’, ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी पर खरगे का केंद्र पर हमला

नई दिल्ली: देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को लेकर सियासत तेज हो गई है। लगातार आठ दिनों में तीसरी बार ईंधन के दाम बढ़ने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को केंद्र सरकार पर जनता की कमाई किस्तों में लूटने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें कम होने के बावजूद सरकार ने लोगों को राहत नहीं दी, बल्कि टैक्स बढ़ाकर जनता पर बोझ डाला।

खरगे ने क्या किया पोस्ट?
खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हिंदी में पोस्ट करते हुए कहा कि देश में नेतृत्व का संकट है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब पश्चिम एशिया में युद्ध जैसी स्थिति बनी और दुनिया के कई देशों ने अपने नागरिकों को राहत दी, तब भारत में भाजपा सरकार लगातार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाकर आम लोगों की जेब पर चोट कर रही है।

खरगे ने क्या दावा किया?
उन्होंने कहा कि पेट्रोल अब कई जगहों पर 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच चुका है और सरकार किस्तों में जनता की कमाई लूट रही है। खरगे ने दावा किया कि पेट्रोल-डीजल पर केंद्र सरकार रोजाना लगभग 1,000 करोड़ रुपये का टैक्स वसूल रही है। उन्होंने कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम थीं, तब सरकार ने उसका फायदा जनता तक नहीं पहुंचाया।

कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि संकट के समय भाजपा नेतृत्व चुनावों में व्यस्त रहा और चुनाव खत्म होते ही लोगों को “त्याग” का संदेश दिया जाने लगा। उन्होंने कहा कि सिर्फ आठ दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें तीन बार बढ़ा दी गईं।

किन देशों का दिया उदाहरण?

खरगे ने कई देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि इटली ने ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी घटाकर लोगों को राहत दी।
ऑस्ट्रेलिया ने भी टैक्स कम कर पेट्रोल की कीमतों में करीब 17 रुपये प्रति लीटर तक राहत दी।
उन्होंने कहा कि जर्मनी ने तेल पर टैक्स घटाकर कीमतों में 17 से 19 रुपये प्रति लीटर तक कमी की।
ब्रिटेन ने परिवारों को 100 पाउंड की सहायता देने के साथ ईंधन और बिजली पर टैक्स कम किए।
आयरलैंड ने भी राहत पैकेज देकर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती की।खरगे ने केंद्र पर साधा निशाना
खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए पूछा कि इस किस्तों वाली लूट में हिस्सा किस-किस को मिल रहा है? उन्होंने कहा कि अब 140 करोड़ भारतीय समझ चुके हैं कि सरकार का असली संकट नेतृत्व का है।

दरअसल, शनिवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी की गई। सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर तक का इजाफा किया। इससे पिछले दस दिनों में ईंधन की कीमतों में कुल मिलाकर लगभग 5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है।

इससे पहले 15 मई को पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद 19 मई को फिर करीब 90 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि हुई। अब तीसरी बढ़ोतरी के बाद आम लोगों पर महंगाई का दबाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button