डीआरआई डार्क वेब, सीमापार ई-कॉमर्स से उभरते खतरों के लिए तैयार रहे: राजस्व सचिव

नयी दिल्ली. राजस्व सचिव अरविंद श्रीवास्तव ने मंगलवार को कहा कि राजस्व आसूचना अधिकारियों को अपनी प्रवर्तन कार्रवाइयों को मजबूत करने के लिए प्रच्छन्न आपूर्ति शृंखलाओं, सीमापार ई-कॉमर्स और डार्क वेब से पैदा हो रहे खतरों के मूल्यांकन के लिए उन्नत प्रौद्योगिकी साधनों का इस्तेमाल करना चाहिए. श्रीवास्तव ने राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) के नए मुख्यालय भवन के उद्घाटन पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि सिंडिकेट (संगठित गिरोह) अपारदर्शी व्यापारिक गतिविधियों का दोहन करते हैं.

उन्होंने कहा, ”ऐसे में यह यह जरूरी हो जाता है कि डीआरआई का प्रवर्तन कार्य छुपाने की गतिविधि से एक कदम आगे रहे.” राजस्व सचिव ने कहा, ”मैं डीआरआई को प्रच्छन्न आपूर्ति शृंखलाओं, सीमापार ई-कॉमर्स, डार्क वेब, क्रिप्टोकरेंसी के दुरुपयोग, मादक पदार्थों की आवाजाही और डिजिटल मंचों के दुरुपयोग से पैदा हो रहे खतरों का मूल्यांकन करने के लिए संसाधन सर्मिपत करने को प्रोत्साहित करूंगा.” उन्होंने कहा कि डीआरआई को डेटा-संचालित खुफिया जानकारी और उन्नत प्रौद्योगिकी साधनों के उपयोग के साथ आगे बढ़ने की जरूरत है. इसके अलावा प्रवर्तन में नवाचार को भी अपराध में नवाचार से तालमेल बिठाना होगा.

पिछले साल, डीआरआई ने कई तलाशी अभियानों में 1,382 किलोग्राम सोना जब्त करने के साथ कई गिरोहों के प्रमुख सदस्यों को गिरफ्तार किया था. वर्ष 2024 में डीआरआई ने 62 किलोग्राम हेरोइन, 85 किलोग्राम कोकीन, 10,000 किलोग्राम से अधिक गांजा और 600 किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थ जब्त किए थे.

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