
गुवाहाटी. असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद देश की जवाबी कार्रवाई के मद्देनजर विदेशी धरती पर भारत का पक्ष रखने के लिए शशि थरूर, असदुद्दीन ओवैसी और सुप्रिया सुले जैसे विपक्षी नेताओं की सोमवार को प्रशंसा की, लेकिन कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर देश और सशस्त्र बलों के साथ ”विश्वासघात” करने का आरोप लगाया. राज्य विधानसभा में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता पर एक प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान शर्मा ने कहा कि राहुल गांधी लगातार भारत को हुए नुकसान के बारे में पूछ रहे हैं, लेकिन कभी यह नहीं जानना चाहा कि सैन्य संघर्ष में पाकिस्तान को कितना नुकसान हुआ.
उन्होंने कहा, ”मैं कांग्रेस और अन्य विपक्षी नेताओं, विशेषकर शशि थरूर का आभारी हूं, जिन्होंने विदेशी धरती पर भारत का पक्ष दृढ़ता से रखा है. न केवल उन्होंने, बल्कि असदुद्दीन ओवैसी और सुप्रिया सुले जैसे नेताओं ने भी विदेशी धरती पर भारत का प्रतिनिधित्व किया और राष्ट्र का पक्ष रखा.” भाजपा नेता शर्मा ने आरोप लगाया, ”वे सभी भारत के लिए खड़े थे. लेकिन लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ऐसा नहीं किया. उन्होंने देश के साथ विश्वासघात किया है. उन्होंने सशस्त्र बलों के साथ विश्वासघात किया है.” उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान के साथ सशस्त्र संघर्ष में भारत के नुकसान पर कथित तौर पर सवाल उठाने के लिए गांधी की आलोचना की. गांधी पर हमला करते हुए शर्मा ने दावा किया, ”सैन्य संघर्ष के बाद नुकसान के बारे में पूछना एक अलग बात है, लेकिन उन्होंने उस समय भारत के नुकसान के बारे में पूछा, जब यह लड़ाई चल रही थी. हालांकि, उन्होंने कभी पाकिस्तान के नुकसान के बारे में नहीं पूछा.”
असम सरकार अवैध विदेशियों की पहचान के लिए अभियान तेज करेगी : हिमंत
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार अवैध विदेशियों की पहचान करने और उन्हें देश से बाहर निकालने के लिए 1950 के कानून को लागू करेगी. मुख्यमंत्री शर्मा ने दावा किया कि यह कानून जिला आयुक्तों को अवैध विदेशियों को अवैध घोषित करने और उन्हें देश से बाहर निकालने का अधिकार देता है.
विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र के दौरान शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नागरिकता को महत्व नहीं देती, क्योंकि इसके एक नेता के परिवार के चार सदस्यों में से तीन विदेशी हैं. यह टिप्पणी कांग्रेस की असम इकाई के अध्यक्ष गौरव गोगोई पर एक स्पष्ट कटाक्ष था, जो उस समय विधानसभा में सत्तापक्ष की बेंचों के सामने, आगंतुक दीर्घा में बैठे थे. अवैध विदेशियों की पहचान करने और उन्हें वापस भेजने के मुद्दे पर जवाब देते हुए शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार इस उद्देश्य के लिए अप्रवासी (असम से निष्कासन) अधिनियम, 1950 को लागू करेगी. यह कानून जिला आयुक्त को अवैध विदेशियों को अवैध घोषित करने और उन्हें देश से बाहर निकालने का अधिकार देता है.
शर्मा ने कहा कि उच्चतम न्यायालय की संवैधानिक पीठ ने हाल ही में फैसला दिया है कि यह अधिनियम प्रभावी है और सरकार इसके प्रावधानों के तहत कार्रवाई कर सकती है. उन्होंने कहा कि हाल के महीनों में 300 से अधिक अवैध बांग्लादेशियों को वापस भेजा गया है.
ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) विधायक रफीकुल इस्लाम ने कहा था कि विदेशी नागरिकों की पहचान की प्रक्रिया बेहद सावधानी से की जानी चाहिए, क्योंकि नागरिकता किसी भी व्यक्ति की सबसे मूल्यवान संपत्ति होती है. इसका जवाब देते हुए मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कांग्रेस पर अपने हमले और तेज कर दिए.
उन्होंने कहा, “रफीकुल इस्लाम ने कहा है कि नागरिकता सबसे मूल्यवान संपत्ति है, लेकिन कांग्रेस के लिए ऐसा नहीं हो सकता, क्योंकि उनके यहां एक परिवार में चार सदस्यों में से तीन विदेशी हैं.” शर्मा लगातार दावा कर रहे हैं कि कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई की पत्नी ने अपनी ब्रिटिश नागरिकता बनाए रखी है और उनके दो बच्चे भी भारतीय नागरिक नहीं हैं.



