राहुल गांधी हमेशा सांप्रदायिक तत्वों को बचाना चाहते हैं: हिमंत

डिब्रूगढ़. असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस पर “हमेशा सांप्रदायिक तत्वों की रक्षा करने” और राज्य में मंदिरों में मांस के टुकड़े फेंकने की हालिया घटनाओं में शामिल लोगों को “बचाने” का मंगलवार को आरोप लगाया.

मुख्यमंत्री ने यह टिप्पणी इस महीने की शुरुआत हुई में इस तरह की घटना की प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई द्वारा आलोचना किए जाने के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में की. गोगोई ने दावा किया था कि इन घटनाओं और उसके बाद हुई झड़पों ने भाजपा नीत सरकार के खुफिया तंत्र की विफलता को उजागर कर दिया है.

शर्मा ने कहा कि जो लोग यह दावा करने की कोशिश कर रहे हैं कि हिंदू गाय को मार सकते हैं और फिर उसके अंगों को मंदिर में रख सकते हैं, वे “प्रतिक्रिया के भी लायक नहीं हैं.” उन्होंने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ”ऐसे लोगों की मानसिकता बहुत अलग होती है.” गोगोई ने आरोप लगाया था कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले आरएसएस के लोग असम के हर गांव में पैठ बना चुका है और समुदायों के बीच दुश्मनी पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं.

शर्मा ने कहा, “क्या कोई हिंदू व्यक्ति गाय का वध करके उसका एक हिस्सा मंदिर में रख देगा? बचे हुए हिस्सों का क्या होगा? वे कहां गए?” मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि स्थानीय लोगों ने स्वीकार किया है कि कुछ ”गुमराह युवक” इन घटनाओं में शामिल थे.
उन्होंने आरोप लगाया, “इसलिए, मुझे नहीं पता कि कांग्रेस इन तत्वों को बचाने की कोशिश क्यों कर रही है. यह राहुल गांधी की खासियत है. वे हमेशा सांप्रदायिक तत्वों को बचाना चाहते हैं और लोगों के बीच सामाजिक सद्भाव नहीं चाहते.” शर्मा ने आठ जून को दावा किया था कि ईद के दौरान कई स्थानों पर कथित तौर पर अवैध रूप से मवेशियों का वध किया गया और मांस के कुछ हिस्से पूजा स्थलों पर फेंके गए. पुलिस ने अब तक इन घटनाओं के सिलसिले में धुबरी में 50 और गुआलपाड़ा में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है.

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