तेलंगाना: फार्मा प्लांट विस्फोट में नौ लोग अभी भी लापता, DNA से होगी पहचान

हैदराबाद: तेलंगाना के पशम्यलारम में सिगाची इंडस्ट्रीज के फार्मा प्लांट में हुए विस्फोट में नौ लोग अभी भी लापता हैं। इसमें पांच श्रमिक ओडिशा के हैं। विस्फोट के बाद मिले अज्ञात शवों की पहचान के लिए डीएनए का मिलान किया जाएगा। इसके साथ ही विस्फोट के कारणों का पता लगाने के लिए राज्य सरकार की विशेष टीम गुरुवार को घटनास्थल का दौरा करेगी। विस्फोट में अब तक 40 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

एसपी पंकज ने कहा कि नौ लोग लापता हैं। लेकिन जब हमें एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लैब) से हड्डियों और अन्य चीजों की रिपोर्ट मिल जाएगी, तब चीजें स्पष्ट हो जाएंगी। मलबा हटाने का 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और अब आगे किसी शव के मिलने की आशंका नहीं है। वहीं विस्फोट में ओडिशा के चार श्रमिकों की मौत हो चुकी है। जबकि पांच अन्य श्रमिक लापता हैं। उनके रिश्तेदार अज्ञात शवों के डीएनए मिलान के लिए घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। चार लापता व्यक्तियों के रिश्तेदारों ने डीएनए नमूने दे दिए हैं, जबकि पांचवें व्यक्ति के रिश्तेदार आज तेलंगाना पहुंचेंगे। लापता लोगों में नबरंगपुर जिले के दो, गंजम के दो और कटक का एक श्रमिक शामिल है।

ओडिशा परिवार निदेशालय के विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) प्रीतिश पांडा ने बताया कि प्रशासन के मुताबिक विस्फोट के वक्त फैक्टरी में 143 लोग काम कर रहे थे। ओडिशा के कुछ लोग अलग-अलग सेक्शन में काम कर रहे थे। उनमें से चार की मौत हो गई, चार घायल हो गए, जिनमें से एक की हालत गंभीर है और पांच अन्य अभी भी लापता हैं। ओडिशा के मृतकों की पहचान गंजम जिले के छत्रपुर निवासी आर जगनमोहन, कटक जिले के तिगिरिया निवासी लग्नजीत दुआरी, बालासोर जिले के सिमुलिया निवासी मनोज राउत और जाजपुर जिले के धर्मशाला निवासी डोलगोविंद साहू के रूप में हुई है।

घायलों में गंजम जिले के समीर पाधी, भद्रक के चंदन कुमार नायक, नबरंगपुर के नीलांबर भद्रा और चित्रसेन बत्रा शामिल हैं। समीर पाधी की हालत गंभीर है और वह 35 प्रतिशत तक जल गया है तथा उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया है। हम राज्य के लोगों को आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए संगारेड्डी जिले में हैं। उन्होंने कहा कि ओडिशा के लोगों के शवों को एंबुलेंस से उनके पैतृक स्थानों पर भेज दिया गया है।

टीम को एक महीने में देनी होगी रिपोर्ट

घटना की जांच के लिए राज्य सरकार ने टीम गठित की है। समिति की अध्यक्षता सीएसआईआर-भारतीय रासायनिक प्रौद्योगिकी संस्थान के एमेरिटस वैज्ञानिक डॉ बी वेंकटेश्वर राव करेंगे। टीम को एक महीने के भीतर सरकार को विशिष्ट सुझावों और सिफारिशों के साथ एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है।

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