वडोदरा पुल हादसा: मृतकों की संख्या बढ़कर 16 हुई, लापता लोगों की तलाश अब भी जारी

वडोदरा/अहमदाबाद. गुजरात के वडोदरा जिले में महिसागर नदी पर बने पुल के ढहने की घटना में मृतकों की संख्या बृहस्पतिवार को बढ़कर 16 हो गई जबकि तीन .चार लापता लोगों की तलाश अब भी जारी है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. बुधवार सुबह पादरा कस्बे के निकट गंभीरा गांव के पास चार दशक पुराने पुल का एक हिस्सा ढह जाने से कई वाहन महिसागर नदी में गिर गए. यह पुल आणंद और वडोदरा जिलों को जोड़ता है.

वडोदरा जिले के पुलिस अधीक्षक रोहन आनंद ने बताया, ”अब तक 16 शव बरामद किए जा चुके हैं जबकि तीन. चार लोग अब भी लापता हैं.” उन्होंने बताया, ”तलाश एवं बचाव अभियान अब भी जारी है.” वडोदरा के जिलाधिकारी अनिल धमेलिया के अनुसार कम से कम तीन व्यक्ति अब भी लापता हैं. उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम नदी में जीवित बचे लोगों या शवों की तलाश कर रही हैं.

धमेलिया ने घटनास्थल पर संवाददाताओं से कहा, ”एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम नदी में चार किलोमीटर नीचे तक तलाश अभियान चला रही हैं. लोग अन्य लापता व्यक्तियों के बारे में जानकारी देने के लिए हमारे नियंत्रण कक्ष पर कॉल कर सकते हैं.” जिलाधिकारी ने कहा, ”बारिश और नदी में गहरे दलदल के कारण बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण हो गया है क्योंकि ऐसी स्थिति में कोई भी मशीन काम नहीं कर रही है. नदी के बीचोंबीच डूबे वाहनों के पास पहुंचने के लिए किनारे पर एक विशेष पुल का निर्माण किया जा रहा है.”

अधिकारियों के अनुसार, मध्य गुजरात को राज्य के सौराष्ट्र से जोड़ने वाले गंभीरा-मुजपुर पुल का एक स्लैब बुधवार सुबह करीब सात बजे ढह गया जिससे पुल से गुजर रहे वाहन नदी में गिर गए. वडोदरा जिले के पुलिस अधीक्षक रोहन आनंद ने इससे पहले बताया था कि बचाए गए नौ लोगों में से पांच लोग घायल हैं और उनका वडोदरा के एसएसजी (सर सैयाजीराव जनरल) अस्पताल में इलाज किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि घायलों में से किसी की भी हालत गंभीर नहीं है.

पुल की ‘खतरनाक’ स्थिति को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता ने तीन साल पहले आगाह किया था

गुजरात के वडोदरा जिले में महिसागर नदी पर बना पुल ढहने से 15 लोगों की मौत के मामले में, तीन साल पहले एक कार्यकर्ता ने सरकारी अधिकारी को पुल की “खतरनाक स्थिति” के बारे में आगाह किया था, जिसके बाद अधिकारी ने भी स्वीकार किया था कि यह पुल “लंबे समय तक नहीं टिक पाएगा.” ‘युवा सेना’ नामक संगठन के प्रमुख व सामाजिक कार्यकर्ता लखन दरबार ने कहा कि उन्होंने अगस्त 2022 में एक सरकारी अधिकारी के साथ बातचीत के दौरान पुल के संबंध में चिंताएं जाहिर की थीं.

उन्होंने कहा कि पुल की खतरनाक स्थिति के बावजूद, जिम्मेदार एजेंसियों ने समय पर कार्रवाई नहीं की, जिसके कारण यह घटना हुई.
बुधवार सुबह वडोदरा के पादरा कस्बे से सटे गंभीरा गांव के पास आणंद और वडोदरा जिलों को जोड़ने वाले चार दशक पुराने पुल का एक हिस्सा ढह जाने से कई वाहन महिसागर नदी में गिर गए. इस हादसे में मरने वालों की संख्या 15 हो गई है. घटना के बाद लखन दरबार और सरकारी अधिकारी के बीच अगस्त 2022 में हुई बातचीत का एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.

ऑडियो क्लिप में, लखन दरबार को राज्य सड़क एवं भवन विभाग के अधिकारी से पुल की मरम्मत कराने या नया पुल बनाने का आग्रह करते सुना जा सकता है. कार्यकर्ता ने अधिकारी को बताया था कि वडोदरा जिला पंचायत सदस्य हर्षद सिंह परमार ने भी विभाग को एक पत्र लिखकर चार दशक पहले बने इस पुल की हालत पर चिंता व्यक्त की थी.

ऑडियो क्लिप में लखन दरबार कह रहे हैं, “सर, पुल खतरनाक हालत में है और परमार ने हाल ही में आर एंड बी विभाग को इस बारे में एक पत्र भी लिखा था. मैं कुछ समय से आपसे इस बारे में बात करने की कोशिश कर रहा हूं. लोगों की जान खतरे में है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. अगर कोई कदम नहीं उठाया गया तो हम अनशन पर बैठेंगे.” अपने जवाब में, अधिकारी को यह स्वीकार करते हुए सुना जा सकता है कि एक निजी सलाहकार द्वारा किए गए सर्वेक्षण से संकेत मिलता है कि पुल ज्यादा समय तक नहीं टिक पाएगा.

अधिकारी ने उस समय दरबार से कहा था, “हमारा भी मानना है कि यह पुल ज्यादा समय तक नहीं टिक पाएगा… लेकिन हम इसे बंद कैसे कर सकते हैं? मैंने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को इस बारे में बता दिया है. नया पुल बनाने या मौजूदा पुल को मजबूत करने का प्रस्ताव भी उन्हें भेज दिया गया है. हमारी डिजाइन टीम पुल का दौरा करके तय करेगी कि यह ठीक है या नहीं.” बुधवार को पुल के ढहने के बाद, दरबार मौके पर पहुंचे और पत्रकारों को बताया कि आर एंड बी विभाग ने यह जानते हुए भी कि यह खतरनाक है, इसे वाहनों के लिए बंद नहीं किया.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button