
बोकारो/रांची. झारखंड के बोकारो जिले में बुधवार सुबह हुई मुठभेड़ में पांच लाख रुपये का इनामी नक्सली मारा गया और इस दौरान केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एक जवान की भी जान चली गई. पुलिस ने यह जानकारी दी. मुठभेड़ के दौरान एक आम नागरिक की भी मौत हो गई. पुलिस ने पहले उसकी पहचान एक अन्य नक्सली के रूप में की थी.
पुलिस ने बताया कि गोमिया थाना क्षेत्र के बिरहोर डेरा जंगल में सुबह करीब साढ़े पांच बजे सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ शुरू हुई. झारखंड के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग गुप्ता ने बताया कि गोपनीय सूचना पर कार्रवाई करते हुए सीआरपीएफ और जिला पुलिस ने जंगल में छापेमारी की.
उन्होंने कहा, ”नक्सलियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई मुठभेड़ में पांच लाख रुपये का इनामी नक्सली कुंवर मांझी मारा गया. उसके सिर पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था.” गुप्ता ने बताया कि मुठभेड़ में जान गंवाने वाले सीआरपीएफ के जवान की पहचान असम के कोकराझार निवासी प्रानेश्वर कोच के रूप में हुई है. उन्होंने बताया कि घटनास्थल से एक एके-47 राइफल बरामद की गई है और तलाश अभियान अब भी जारी है. गुप्ता ने कहा कि झारखंड में नक्सल की 95 प्रतिशत समस्या समाप्त की जा चुकी है.
उन्होंने कहा, ”जनवरी से अब तक 20 से अधिक शीर्ष नक्सली या तो मारे गए हैं या गिरफ्तार किए गए हैं या फिर उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया है.” सीआरपीएफ जवान का पार्थिव शरीर रांची लाया गया और जवान को पुष्पांजलि अर्पित की गई.
झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्य सचिव अलका तिवारी समेत राज्य के शीर्ष अधिकारियों ने रांची में स्थित सीआरपीएफ की 133 बटालियन के मुख्यालय में जवान के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की.
राज्यपाल ने कहा, ”एक बहादुर जवान ने अपने प्राणों की आहुति दी है. हम जवान के परिवार के साथ हैं.” गंगवार ने कहा, ”झारखंड में इस तरह की घटनाओं में कमी आई है और हमने इस साल तक इसे पूरी तरह से खत्म करने का फैसला किया है.” झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जवान की मौत पर शोक व्यक्त किया.
उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ”आज गोमिया के ललपनिया क्षेत्र में तलाश अभियान के दौरान सीआरपीएफ 209 कोबरा बटालियन के कांस्टेबल प्रानेश्वर कोच जी के शहीद होने की दु?खद खबर से मन आहत है. मरांग बुरु दिवगंत शहीद की आत्मा को शांति प्रदान कर शोकाकुल परिजनों को दु:ख की घड़ी सहन करने की शक्ति दे.” पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि अब पार्थिव शरीर जवान के घर भेजा जाएगा.
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने भी सीआरपीएफ जवान की जान जाने पर शोक व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि असम के लोग उनके बलिदान को नमन करते हैं. उन्होंने कहा, ”हम उनके (परिवार) समर्थन के लिए हमेशा मौजूद रहेंगे और यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा क्योंकि हमारे जवान धरती से नक्सलवाद को खत्म करने के लिए अपनी शक्ति का इस्तेमाल कर रहे हैं.”



