
बदायूं. बदायूं में नीलकंठ महादेव मंदिर बनाम शम्सी जामा मस्जिद के मुकदमे में सुनवाई बृहस्पतिवार को टल गई. दीवानी न्यायाधीश (सीनियर डिविजन) सुमन तिवारी के अवकाश पर रहने की वजह से मामले की सुनवाई स्थगित की गई है. इस मामले के एक वकील ने बताया कि सुनवाई की अगली तारीख 24 जुलाई तय की गई है. अदालत बृहस्पतिवार को यह निर्णय देती कि निचली अदालत में यह वाद पोषणीय (सुनवाई योग्य) है या नहीं. पिछली तारीख पर अदालत ने शम्सी जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी के अधिवक्ता अनवार आलम का पक्ष सुना था.
उन्होंने यह दलील दी थी कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के मुताबिक, निचली अदालतें इस तरह के धार्मिक ढांचों के विवाद पर सुनवाई के लिए अधिकृत नहीं हैं और इस वाद को सिरे से खारिज किया जाना चाहिए. नीलकंठ महादेव मंदिर पक्ष के अधिवक्ता वेद प्रकाश साहू ने कहा कि 17 जुलाई को यह निर्णय आना था कि इस तरह के मामले निचली अदालत में सुने जा सकते हैं अथवा नहीं. मंदिर पक्ष के अन्य वकील विवेक कुमार रेंडर ने दलील दी कि उच्चतम न्यायालय के आदेश में पहले से जारी वाद में सुनवाई पर रोक नहीं है.
उल्लेखनीय है कि वकीलों के अनुपस्थित रहने, अदालत में अवकाश रहने और न्यायाधीश के तबादले की वजह से फरवरी से इस मामले में सुनवाई टल रही है. न्यायाधीश अमित कुमार का तबादला भदोही होने के बाद इस मामले की फाइल फास्ट ट्रैक अदालत से न्यायाधीश सुमन तिवारी की अदालत में स्थानांतरित कर दी गई.
न्यायाधीश तिवारी ने 28 मई को इस मामले की फाइल का अवलोकन किया और दोनों पक्षों को अगली सुनवाई पर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया. हालांकि, मस्जिद कमेटी ने सुनवाई टालने का अनुरोध किया क्योंकि उनके वकील असरार अहमद हज पर गए थे. फिर न्यायाधीश ने नियमित सुनवाई के लिए पांच जुलाई की तिथि तय की और दोनों पक्षों को पूरी तैयारी के साथ पेश होने को कहा गया.



