राउत का दावा-महाराष्ट्र के चार मंत्री ‘हनीट्रैप’ में फंसे; भाजपा ने सबूत देने को कहा

मुंबई. शिवसेना (उबाठा) सांसद संजय राउत ने सोमवार को आरोप लगाया कि महाराष्ट्र के चार मंत्रियों और कई सरकारी अधिकारियों को ”मोहपाश” (हनीट्रैप) में फंसाया गया है. हालांकि, महाराष्ट्र मंत्रिमंडल के सदस्य चंद्रशेखर बावनकुले ने इस दावे का खंडन करते हुए राउत से सबूत सार्वजनिक करने को कहा.

राउत ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दावा किया कि तत्कालीन अविभाजित शिवसेना के चार युवा सांसदों को ‘हनीट्रैप’ में फंसाया गया था, जिसके कारण वे पाला बदलकर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए. राउत ने किसी का नाम लिए बगैर कहा, ”चार मंत्री और कई अधिकारी ‘हनीट्रैप’ में फंसाए गए हैं.” पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में कहा था कि राज्य में ‘हनीट्रैप’ के जरिये ब्लैकमेलिंग का कोई मामला सामने नहीं आया है. सोमवार को राउत ने आरोप लगाया कि फडणवीस ने सदन में झूठ बोला और उन्हें पता है कि चार मंत्री “हनीट्रैप” में फंसे हैं.

राउत ने नयी दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए दावा किया, “(अविभाजित शिवसेना) छोड़ने वाले सांसदों में से चार ‘हनीट्रैप’ में फंसे थे और उन पर दबाव डाला गया और भाजपा से हाथ मिलाने के बाद वे बेदाग हो गए.” पिछले सप्ताह, कांग्रेस विधायक नाना पटोले ने मांग की थी कि सरकार ठाणे, नासिक और मुंबई स्थित मंत्रालय (सचिवालय) में तैनात राज्य के अधिकारियों को निशाना बनाकर चलाए जा रहे कथित “हनीट्रैप” गिरोह पर विधानसभा में औपचारिक बयान दे. पटोले ने दावा किया था कि उनके पास एक पेन ड्राइव में आरोपों से जुड़े सबूत मौजूद हैं.

राउत के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और राज्य के राजस्व मंत्री बावनकुले ने कहा, ”उन्हें डरना नहीं चाहिए. अगर उनके पास ‘हनीट्रैप’ के दावों से जुड़ी कोई सामग्री है, तो उन्हें आगे आकर उसे दिखाना चाहिए.” बावनकुले ने पत्रकारों से कहा, “यह सुर्खियों में बने रहने की एक घटिया कोशिश के अलावा और कुछ नहीं है.” मंत्री ने दावा किया कि सत्ता गंवाने के बाद विपक्षी गठबंधन महा विकास आघाडी (एमवीए) के नेता जनता को गुमराह करने के लिए “सरासर झूठ” फैला रहे हैं. उन्होंने कहा, “एमवीए नेता अपने विधायकों और सांसदों को भी नहीं बचा पाए. अब वे झूठ का सहारा ले रहे हैं.”

बावनकुले ने राउत के इस दावे का भी खंडन किया कि नासिक के “हनीट्रैप” मामले में कथित रूप से शामिल राज्य के एक मौजूदा मंत्री, 2022 के विद्रोह के दौरान शिवसेना के कई नेताओं के असम शहर जाने के चार दिन बाद गुवाहाटी गए थे, जिसके कारण पार्टी में फूट पड़ गई थी. मुख्यमंत्री फडणवीस की पिछली टिप्पणियों को दोहराते हुए बावनकुले ने कहा, “अगर विपक्ष के पास कोई सबूत है, तो उन्हें जनता के सामने पेश करना चाहिए. उन्हें किसी से डरना नहीं चाहिए.”

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