वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने श्रीनगर हवाई अड्डे पर चार कर्मचारियों से मारपीट की; FIR दर्ज: स्पाइसजेट

श्रीनगर/नयी दिल्ली. पुलिस ने पिछले हफ्ते श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक निजी एयरलाइन के चार कर्मचारियों पर कथित तौर पर हमला करने और उन्हें घायल करने के आरोप में एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज किया है. हमले में एक कर्मचारी की रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया है. अधिकारियों ने रविवार को यहां यह जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि 26 जुलाई को सेना अधिकारी द्वारा अतिरिक्त सामान शुल्क के भुगतान को लेकर हुए विवाद के बाद स्पाइसजेट एयरलाइन के कर्मचारियों पर हमला करने के आरोप में लेफ्टिनेंट कर्नल आर के सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115 के तहत मामला दर्ज किया गया है. बीएनएस की धारा 115 किसी अन्य व्यक्ति को स्वेच्छा से चोट पहुंचाने के अपराध से संबंधित है.

वर्तमान में बारामूला जिले के गुलमर्ग स्थित सेना के हाई एल्टीट्यूड वारफेयर स्कूल (एचएडब्ल्यूएस) में तैनात लेफ्टिनेंट कर्नल सिंह, स्पाइसजेट की दिल्ली जाने वाली उड़ान में सवार होने वाले थे, जब यह घटना घटी. घटना के बारे में पूछे जाने पर, सेना के अधिकारियों ने कहा कि प्राधिकारियों को पूर्ण सहयोग दिया जा रहा है. वे लंबित जांच के निष्कर्ष का इंतजार कर रहे हैं और सेना देश भर के सभी नागरिक स्थानों पर अनुशासन और आपसी सम्मान बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.

श्रीनगर के जनसंपर्क अधिकारी (रक्षा) ने एक बयान में कहा कि सेना अनुशासन और आचरण के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और सभी आरोपों को गंभीरता से लेती है. यह घटना कैमरे में कैद हो गई और सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में गुस्साए सैन्य अधिकारी को कई एयरलाइन कर्मचारियों को लोहे के स्टैंड से पीटते हुए दिखाया गया है. एयरलाइन ने घटना के बारे में एक विस्तृत बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि हमले के चार पीड़ितों में से एक को रीढ़ की हड्डी में चोट आई है.

एयरलाइन ने यह भी कहा कि उसने नागर विमानन नियमों के अनुसार यात्री को नो-फ्लाई सूची में डालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
स्पाइसजेट ने बयान में कहा, “छब्बीस जुलाई, 2025 को श्रीनगर से दिल्ली जाने वाली उड़ान संख्या एसजी-386 के बोर्डिंग गेट पर एक यात्री ने स्पाइसजेट के चार कर्मचारियों पर गंभीर हमला किया. घूंसे, बार-बार लात मारने और कतार वाले स्टैंड के हमले से हमारे कर्मचारियों की रीढ़ की हड्डी टूट गई और जबड़े में गंभीर चोटें आईं.” एयरलाइन के अनुसार, एक कर्मचारी बेहोश होकर ज.मीन पर गिर पड़ा, लेकिन यात्री उसे लात-घूंसों से पीटता रहा.

कंपनी ने कहा, “एक अन्य कर्मचारी के जबड़े पर ज.ोरदार लात लगने से उसकी नाक और मुंह से खून बहने लगा, जब वह बेहोश हुए अपने सहकर्मी की मदद के लिए नीचे झुका था.” स्पाइसजेट ने कहा कि यात्री, जो एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी था, दो केबिन बैगेज ले जा रहा था, जिनका कुल वज.न 16 किलोग्राम था, जो सात किलोग्राम की अनुमत सीमा से दोगुना से भी ज़्यादा था.

बयान के अनुसार, “जब यात्री को विनम्रतापूर्वक अतिरिक्त सामान के बारे में बताया गया और लागू शुल्क का भुगतान करने के लिए कहा गया, तो उसने इनकार कर दिया और बिना बोर्डिंग प्रक्रिया पूरी किए ही ज.बरदस्ती एयरोब्रिज में घुस गया – जो विमानन सुरक्षा प्रोटोकॉल का स्पष्ट उल्लंघन था. सीआईएसएफ के एक अधिकारी ने उसे वापस गेट तक पहुंचाया.” एयरलाइन ने कहा कि गेट पर यात्री का व्यवहार और भी आक्रामक हो गया. फिलहाल यह पता नहीं चल सका कि घटना के बाद यात्री को हवाई अड्डे पर हिरासत में लिया गया था या नहीं.

बयान में कहा गया है कि स्थानीय पुलिस में एक प्राथमिकी दर्ज की गई है और एयरलाइन ने नागर विमानन नियमों के अनुसार यात्री को नो-फ्लाई सूची में डालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. स्पाइसजेट ने नागर विमानन मंत्रालय को भी पत्र लिखकर “अपने कर्मचारियों पर हुए जानलेवा हमले के बारे में जानकारी दी है और यात्री के खिलाफ उचित कार्रवाई का अनुरोध किया है.” एयरलाइन ने कहा कि उसने हवाईअड्डा अधिकारियों से घटना की सीसीटीवी फुटेज हासिल कर ली है और उसे पुलिस को सौंप दिया है.

सेना के अधिकारियों ने कहा कि यह मामला भारतीय सेना के संज्ञान में आया है और ‘हम लंबित जांच के निष्कर्ष की प्रतीक्षा कर रहे हैं.” श्रीनगर के जनसंपर्क अधिकारी (रक्षा) ने एक बयान में कहा, “छब्बीस जुलाई, 2025 को श्रीनगर हवाई अड्डे पर एक सैन्यकर्मी और एयरलाइन कर्मचारी के बीच कथित विवाद का मामला भारतीय सेना के संज्ञान में आया है. भारतीय सेना अनुशासन और आचरण के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और सभी आरोपों को गंभीरता से लेती है. मामले की जांच में अधिकारियों को पूरा सहयोग दिया जा रहा है.”

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button