धार्मिक स्थलों पर बुलडोजर चलाने से ईश्वरीय प्रकोप बढ़ेगा: पूर्व सांसद एसटी हसन

मुरादाबाद/बलिया. समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व सांसद एसटी हसन ने उत्तराखंड में आई प्राकृतिक आपदा पर प्रतिक्रिया देते हुए रविवार को आगाह किया कि अहंकार में आकर धार्मिक स्थलों को गिराने से हम सबके ”पालनहार” खफा होंगे और प्राकृतिक आपदाओं में वृद्धि होगी.

एसटी हसन ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा, ”भारत एक धार्मिक देश है जहां सभी धर्मों के लोग हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई मानते हैं कि उनके जीवन की घटनाएं ऊपर वाले द्वारा तय होती हैं.” हसन ने कहा, ”हमने मंदिरों, मस्जिदों और दरगाहों – जहां उनका (ईश्वर) नाम लिया जाता है और जहां उनकी अराधना की जाती है, उन पर बुलडोजर चलाकर उन्हें नाराज किया है.” पूर्व सांसद ने कहा, ”अगर हम अहंकार में आकर ऐसे स्थानों को नष्ट कर देंगे, तो उनकी दया हम पर नहीं रहेगी, आपदाएं और बढ़ेंगी.” हसन ने कहा कि संकट के समय सभी समुदाय अपने-अपने अराधना स्थलों की ओर रुख करते हैं. उन्होंने कहा, ”हिंदू मंदिरों में जाते हैं और भगवान से रक्षा की प्रार्थना करते हैं. मुसलमान मस्जिदों में जाते हैं और अल्लाह से रहम की भीख मांगते हैं….” उन्होंने कहा कि ऐसे पवित्र स्थलों के साथ छेड़छाड़ आध्यात्मिक संतुलन को बिगाड़ती है.

उन्होंने कहा, ”अगर हम उन स्थलों पर बुलडोजर चलाएंगे जहां उस सृजनकर्ता का नाम लिया जाता है, जिसने पूरे ब्रह्मांड की रचना की है तो जाहिर है कि उनका दुआ हम पर नहीं रहेगी.” मुरादाबाद के पूर्व सांसद ने प्राकृतिक आपदाओं के बिगड़ते स्वरूप को पर्यावरणीय विनाश से भी जोड़ा. उन्होंने कहा, ”हमने पेड़ों को अंधाधुंध काटकर पारिस्थितिकी तंत्र को नष्ट कर दिया है. इस पारिस्थितिक असंतुलन के कारण प्राकृतिक आपदाओं में वृद्धि हुई है.” इस बीच, उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने रविवार को सपा के पूर्व सांसद एसटी हसन को उत्तराखंड में आई आपदा के मद्देनजर प्रभावित परिवारों के प्रति सहानुभूति दिखाने और मदद मुहैया कराने की सलाह दी.

सिंह ने बलिया में पीटीआई-भाषा से कहा, ”यह एक प्राकृतिक आपदा है, प्रभावित परिवारों के प्रति सहानुभूति होनी चाहिए. ये देखना चाहिए कि उनकी मदद कैसे की जाए और हम उनका दुख कैसे बांटें. यह इस तरह के राजनीतिक बयानों का समय नहीं है.” सपा प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा चुनाव आयोग पर किए गए हमले को लेकर दयाशंकर सिंह ने कहा कि जब वे जीतते हैं तो चुनाव आयोग को पसंद करते हैं और जब हारते हैं तो उस पर आरोप लगाते हैं. उन्होंने सपा प्रमुख द्वारा भाजपा को भ्रष्टाचार का विश्वविद्यालय बताए जाने के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि जनता ऐसे नेताओं को नकार चुकी है.

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