रामराज्य की अवधारणा पर आधारित होगा 2047 का उत्तर प्रदेश : CM योगी आदित्यनाथ

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि विधानमंडल में चर्चा का केंद्र बना ‘यूपी विजन डॉक्यूमेंट 2047’ उत्तर प्रदेश को रामराज्य की अवधारणा पर आधारित एक आदर्श राज्य के रूप में स्थापित करेगा. मुख्यमंत्री ने विधानमंडल के मानसून सत्र के चौथे दिन ‘यूपी विजन डॉक्यूमेंट 2047’ का विस्तृत खाका पेश करते हुए कहा, ”विजन डॉक्यूमेंट 2047 में उत्तर प्रदेश को न केवल आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने का लक्ष्य है बल्कि यह इसे रामराज्य की अवधारणा पर आधारित एक आदर्श राज्य के रूप में भी स्थापित करेगा.”

उन्होंने कहा, ”इस विजन में आध्यात्मिक और आधुनिक विकास का एक अनूठा संगम होगा जो गंगा एवं यमुना की तरह प्रदेश की सांस्कृतिक और प्रगतिशील पहचान को दर्शाएगा. यह विजन केवल आंकड़ों, परियोजनाओं और नीतियों तक सीमित नहीं रहेगा. यह उस किसान की आशा है जो अपने खेत में सुनहरे भविष्य की फसल बो रहा है, उस छात्र की आकांक्षा है जो किताबों में अपने सपनों को देख रहा है और उस मजदूर की मेहनत है जो अपने पसीने से विकास की नींव रख रहा है. 2047 सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि हमारे सपनों का गंतव्य है.” आदित्यनाथ ने कहा कि जब 25 करोड़ लोग एक संकल्प के साथ एक दिशा में कार्य करेंगे, तो इतिहास बदलेगा. उनका कहना था कि ‘यूपी विजन डॉक्यूमेंट 2047’ के तहत उत्तर प्रदेश को न केवल भारत का सबसे समृद्ध और सशक्त राज्य बनाया जाएगा बल्कि इसे वैश्विक स्तर पर विकास, संस्कृति और मानवीय मूल्यों के आदर्श के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा.

मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘विजन डॉक्यूमेंट’ को तैयार करने में जनप्रतिनिधियों के सुझावों को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया जा रहा है तथा इसके लिए एक संवाद सत्र भी आयोजित किया जाएगा जिसमें सभी हितधारकों की राय ली जाएगी. आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि ‘विजन डॉक्यूमेंट 2047’ फिलहाल एक प्रस्ताव है और इसे अंतिम रूप विशेषज्ञों, नीति आयोग और प्रदेश की जनता की राय के आधार पर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि पिछले आठ वर्षों की उपलब्धियों के आधार पर सरकार ने आगामी लक्ष्यों को तय किया है. उनका कहना था कि 2030 तक उत्तर प्रदेश को एक हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने और अगले पांच वर्षों में विकास दर को 14-15प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा 2047 तक भारत को 30 हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प के अनुरूप उत्तर प्रदेश भी एक से छह हजार अरब डॉलर की ओर बढ़ने का रोडमैप बना रहा है. उन्होंने कहा,” सरकार का उद्देश्य विकसित भारत – विकसित उत्तर प्रदेश और आत्मनिर्भर भारत – आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के संकल्प को मूर्त रूप देना है. इसके लिए तीन मुख्य थीम अर्थशक्ति, सृजन शक्ति और जीवन शक्ति तय की गई हैं. इनमें 12 क्षेत्रों को समाहित किया गया है. ”

आदित्यनाथ ने अपने वक्तव्य में अल्पकालिक (2029-30), मध्यमकालिक (2035-36) और दीर्घकालिक (2046-47) लक्ष्यों को विस्तार से सदन के सामने रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के 15 विश्वविद्यालयों को अगले पांच वर्षों में एनआईआरएफ की शीर्ष 100 सूची में शामिल करने का लक्ष्य है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष, कृषि, खेल, और वानिकी जैसे थीम आधारित विश्वविद्यालय स्थापित किए जाएंगे तथा नए आईआईटी और आईआईएम के साथ-साथ वैश्विक विश्वविद्यालयों के साथ शिक्षक-छात्र विनिमय कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे. मुख्यमंत्री ने ‘यूपी विजन डॉक्यूमेंट 2047’ के लिए जनता से आह्वान किया कि हर परिवार कम से कम एक सुझाव दे . उन्होंने कहा कि उपयोगी सुझावों को जनपद और प्रदेश स्तर पर चयनित कर पुरस्कृत करने की योजना भी बनाई गई है.

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