सुदर्शन रेड्डी होंगे उपराष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष के उम्मीदवार; राधाकृष्णन को देंगे चुनौती

Author: navabharat digital
UPDATED: Tue, 19 Aug 2025 07:33 PM
सुदर्शन रेड्डी होंगे उपराष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष के उम्मीदवार; राधाकृष्णन को देंगे चुनौती
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नई दिल्ली: पूर्व न्यायाधीश जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी उपराष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष के उम्मीदवार होंगे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इनके नाम का एलान किया। उन्होंने बताया कि विपक्ष ने एकमत होकर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश के नाम पर सहमति जताई है। इससे पहले विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के नेताओं ने उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के नाम पर फैसला लेने और उसकी घोषणा करने के लिए 10 राजाजी मार्ग पर बैठक की थी। बैठक के बाद विपक्ष ने उनके नाम का एलान किया। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी 21 अगस्त को अपना नामांकन दाखिल करेंगे।

मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, ‘बी. सुदर्शन रेड्डी भारत के सबसे प्रतिष्ठित और प्रगतिशील न्यायविदों में से एक हैं। उनका एक लंबा और प्रतिष्ठित कानूनी करियर रहा है। वे आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, गौहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में काम कर चुके हैं। वे सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय के एक निरंतर और साहसी समर्थक रहे हैं। वे एक गरीब हितैषी व्यक्ति हैं। यदि आप उनके कई फैसले पढ़ेंगे, तो आपको पता चलेगा कि उन्होंने कैसे गरीबों का पक्ष लिया और संविधान व मौलिक अधिकारों की रक्षा की।’

राजग के सीपी राधाकृष्णन से मुकाबला
पूर्व न्यायाधीश जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी का मुकाबला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन से होगा। विपक्षी गठबंधन की ओर से अपने नाम का एलान किए जाने के बाद उन्होंने कहा कि मैं सभी दलों से समर्थन की अपील करता हूं।

कौन हैं जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी?
जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी का जन्म 8 जुलाई, 1946 को अकुला मायलाराम गांव, पूर्व इब्राहिमपट्टनम तालुका, रंगारेड्डी (आंध्र प्रदेश) में हुआ था। उनका नाता वर्तमान में कंदुकुर राजस्व मंडल के तहत आने वाले गांव के एक कृषक परिवार से रहा। उन्होंने हैदराबाद में पढ़ाई की और 1971 में उस्मानिया विश्वविद्यालय, हैदराबाद से कानून की डिग्री प्राप्त की। उन्होंने 1971 में ही अधिवक्ता के रूप में अपनी पहचान बना ली। इसके बाद वे वरिष्ठ अधिवक्ता के. प्रताप रेड्डी के चैंबर में शामिल हुए।

उन्होंने हैदराबाद के नगर दीवानी न्यायालयों के साथ-साथ आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में कई मामलों का निपटारा किया। वे 8 अगस्त, 1988 को आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में सरकारी वकील के रूप में नियुक्त हुए। वे राजस्व विभाग के प्रभारी भी रहे और 8 जनवरी, 1990 तक इस पद पर बने रहे। इसके बाद वे कुछ समय के लिए केंद्र सरकार के अतिरिक्त स्थायी वकील के रूप में भी नियुक्त हुए।

जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी एवी एजुकेशन सोसाइटी की ओर से संचालित शैक्षणिक संस्थानों के सचिव और संवाददाता भी रहे। 1993-94 के लिए आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष चुने गए। 8 जनवरी, 1993 को उस्मानिया विश्वविद्यालय, हैदराबाद के कानूनी सलाहकार और स्थायी वकील नियुक्त किए गए। 2 मई, 1995 से आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश नियुक्त किए गए। उन्हें 2005 में गौहाटी हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। 2007 में उन्हें सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश नियुक्त हुए। वे 2011 में सेवानिवृत्त हुए।

संवैधानिक अदालतों में सेवाएं दे चुके हैं उपराष्ट्रपति पद के विपक्ष के उम्मीदवार न्यायमूर्ति रेड्डी

विपक्षी दलों के ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस) गठबंधन ने उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी को उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया है जो 16 साल से अधिक समय तक संवैधानिक अदालतों में सेवाएं दे चुके हैं.

जुलाई 1946 में जन्मे न्यायमूर्ति रेड्डी को दो मई, 1995 को आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय का स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किया गया और बाद में पांच दिसंबर, 2005 को वह गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किए गए. वह 12 जनवरी, 2007 को उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश बने और आठ जुलाई, 2011 को सेवानिवृत्त हुए. न्यायमूर्ति रेड्डी 27 दिसंबर, 1971 को हैदराबाद में आंध्र प्रदेश बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में पंजीकृत हुए.

उन्होंने 1988 से 1990 के दौरान उच्च न्यायालय में सरकारी वकील के रूप में और 1990 के दौरान छह महीने के लिए केंद्र सरकार के अतिरिक्त स्थायी अधिवक्ता के रूप में भी काम किया. उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश उस्मानिया विश्वविद्यालय के कानूनी सलाहकार और स्थायी वकील भी रह चुके हैं. न्यायमूर्ति रेड्डी मार्च 2013 में गोवा के पहले लोकायुक्त बने थे, लेकिन सात महीने के भीतर ही निजी कारणों का हवाला देते हुए उन्होंने इस्तीफा दे दिया.

वह हैदराबाद स्थित अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता एवं मध्यस्थता केंद्र के न्यासी बोर्ड के सदस्य भी हैं. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को घोषणा की कि न्यायमूर्ति रेड्डी उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्षी दलों के संयुक्त उम्मीदवार होंगे. खरगे ने कहा, ” ‘इंडिया’ गठबंधन के सभी दलों ने एक साझा उम्मीदवार खड़ा करने का फैसला किया है. यह फैसला सर्वसम्मति से लिया गया है. मुझे खुशी है कि सभी विपक्षी दल एक नाम पर सहमत हुए हैं. यह लोकतंत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है.”

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