असम में कुछ ‘अजीब’ लोग आ रहे हैं, ‘सीमा लांघी’ तो होंगे गिरफ्तार: मुख्यमंत्री

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 19 Aug 2025 07:07 PM
असम में कुछ ‘अजीब’ लोग आ रहे हैं, ‘सीमा लांघी’ तो होंगे गिरफ्तार: मुख्यमंत्री
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गुवाहाटी. असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने दावा किया कि देश के विभिन्न हिस्सों से कुछ ”अजीब लोग” राज्य में आ रहे हैं और अगर उन्होंने ”सीमा लांघी” तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच) में शर्मा ने पत्रकारों से कहा कि ये लोग मुंबई और केरल से आए वकील हैं. मुख्यमंत्री सोमवार रात को एक नवजात शिशु की मौत के बाद जीएमसीएच आए थे.

उन्होंने कहा, ”हम उन पर नजर रख रहे हैं. वे तब भी आए थे जब राज्य में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) को अद्यतन किया जा रहा था और उन्होंने पूरी प्रक्रिया को बिगाड़ दिया था. एनआरसी प्रक्रिया के दौरान सरकार ने इन लोगों पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया, लेकिन अब हम उनमें से हर एक पर नजर रख रहे हैं और अगर वे नियमों के विरुद्ध जाकर अपनी सीमा पार करते हैं तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा.” उन्होंने कहा, ”हम किसी भी कट्टरपंथी गतिविधि या संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति बर्दाश्त नहीं करेंगे, चाहे वे केरल, मुंबई या दिल्ली से ही क्यों न आए हों. ये कट्टरपंथी लोग हैं जो कुछ खास वर्गों की गतिविधियों को बढ़ावा देते हैं और उनकी रक्षा करते हैं.”

जीएमसीएच में सोमवार सुबह एक शिशु की मौत हो गई थी जो नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) के अंदर एक चिकित्सा उपकरण के तारों से लटका पाया गया था. नवजात शिशु के परिजनों द्वारा ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाए जाने के बाद राज्य सरकार ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं. शर्मा ने कहा कि यह लापरवाही का मामला है और दोषियों के खिलाफ कड़ी और प्रभावी कार्रवाई के लिए एक जांच समिति गठित की गई है.

इस बीच, मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि एनआरसी प्रक्रिया के दौरान ”इन लोगों” ने एक ही नाम के लोगों का फायदा उठाकर और उन लोगों के नाम दर्ज करके झूठे रिकॉर्ड बनाए जो सूची में शामिल होने के योग्य नहीं थे. उन्होंने दावा किया कि राज्य में पहले से रह रहे लोगों के ”फर्जी रिश्तेदार” बनाए गए जो ”सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर जैसे कुछ लोगों के दिमाग” की उपज है.

उन्होंने कहा, ”ये मुद्दे अब सामने आए हैं. पिछले पांच साल में हमें ऐसी कई विसंगतियां मिली हैं और अब हम इन्हें उच्चतम न्यायालय में प्रस्तुत करने के लिए तैयार हैं.” शर्मा ने कहा कि ‘बीबीसी’ की एक टीम ने उरियमघाट का दौरा किया था जहां हाल में सबसे बड़ा अतिक्रमण रोधी अभियान चलाया गया था, लेकिन ”हमने उन्हें वन क्षेत्र में घुसने की इजाजत नही दी”.

उन्होंने कहा, ”हमने यह बिल्कुल स्पष्ट कर दिया था कि जंगल में प्रवेश करने के लिए पूर्व अनुमति लेनी होगी. इस बार हम सख्ती से कदम उठा रहे हैं और किसी भी व्यक्ति या समूह को इन मुद्दों का फायदा उठाने की अनुमति नहीं देंगे.” कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई का सीधे तौर पर नाम लिए बिना शर्मा ने आरोप लगाया कि उनके ‘फार्म2फूड एनजीओ’ (गैर सरकारी संगठन) का हंगरी-अमेरिकी मूल के निवेशक जॉर्ज सोरोस ने वित्तपोषण किया था. उन्होंने कहा कि मेघालय के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (यूएसटीएम) के लिए शुरुआती वित्तपोषण की भी जांच होनी चाहिए.

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