जब भी आतंकवाद उसके नागरिकों के लिए खतरा बनेगा, भारत पूरी ताकत से जवाब देगा: सरकार

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 20 Aug 2025 10:30 PM
जब भी आतंकवाद उसके नागरिकों के लिए खतरा बनेगा, भारत पूरी ताकत से जवाब देगा: सरकार
ऑडियो सुनें

नयी दिल्ली. सरकार ने बुधवार को कहा कि भारत के भविष्य के रक्षा कार्यक्रम, ‘सुदर्शन चक्र मिशन’ के संदर्भ में, ”पूर्वानुमानित प्रौद्योगिकियों” के माध्यम से भविष्य के युद्ध परिदृश्यों का पूर्वानुमान लगाना और जवाबी कार्रवाई के लिए सटीक, लक्षित प्रणालियां बनाना, तीन-स्तरीय लक्ष्यों में से एक है.

देश के सुरक्षा परिदृश्य के व्यापक सारांश में, पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) ने बुधवार को कुछ आंकड़े और पिछले 11 वर्षों में विभिन्न रक्षा-संबंधी विकासों की रूपरेखा साझा की, जिसका शीर्षक था ‘भारत की रक्षा और आंतरिक सुरक्षा स्थिति में परिवर्तन’. इसमें कहा गया है, ”अतीत के विपरीत, वर्तमान सरकार के अंतर्गत भारत एक वैश्विक शक्ति बन गया है, एक ऐसा राष्ट्र जो मुद्दों पर दृढ़ता के साथ बोलता है.” सरकार ने कहा कि भारत ने सीमापार आतंकवाद के प्रति दृढ़ एवं स्पष्ट दृष्टिकोण अपनाया है तथा पिछले दशक में कार्रवाई का स्वरूप इस नीति को प्रतिबिंबित करता है.

इसमें कहा गया है कि सबसे हालिया और निर्णायक कार्रवाई मई 2025 में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के रूप में हुई. इसमें कहा गया है कि पहलगाम में नागरिकों की हत्या के जवाब में, ”भारत ने अपने सशस्त्र बलों को कार्रवाई की पूरी आजादी दी.” इसमें कहा गया है कि ड्रोन और सटीक हथियारों का इस्तेमाल करते हुए, उन्होंने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकवादी शिविरों पर हमला किया. इसमें कहा गया है कि 100 से ज्यादा आतंकवादियों का सफाया कर दिया गया, जिनमें आईसी814 अपहरण और पुलवामा हमले से जुड़े लोग भी शामिल थे.

इसमें कहा गया है कि पाकिस्तान ने ड्रोन और मिसाइलों से जवाबी हमले करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय ड्रोन-रोधी प्रणालियों ने उन्हें नाकाम कर दिया. रूपरेखा में कहा गया है कि अपने 79वें स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्पष्ट किया कि ”जब भी आतंकवाद उसके नागरिकों के लिए खतरा बनेगा, भारत पूरी ताकत से जवाब देगा.” सरकार ने कहा कि मोदी सरकार तात्कालिक प्रतिक्रियाओं से आगे बढ़कर ”दीर्घकालिक खतरों” के लिए भी तैयारी कर रही है. अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण में मोदी ने भविष्योन्मुखी रक्षा कार्यक्रम, ‘सुदर्शन चक्र मिशन’ की घोषणा की थी.

इसमें कहा गया है, ”इसके तीन लक्ष्य हैं – यह सुनिश्चित करना कि संपूर्ण प्रणाली का अनुसंधान, विकास और निर्माण भारत में ही हो; पूर्वानुमानित प्रौद्योगिकियों के माध्यम से भविष्य के युद्ध परिदृश्यों का पूर्वानुमान लगाना; और जवाबी कार्रवाई के लिए सटीक, लक्षित प्रणालियां बनाना. वर्ष 2035 तक, इसका उद्देश्य सामरिक और नागरिक दोनों प्रकार की संपत्तियों के लिए एक व्यापक राष्ट्रीय सुरक्षा कवच प्रदान करना है.” रूपरेखा में कहा गया है कि पिछले ग्यारह वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी की सरकार के तहत भारत की रक्षा और आंतरिक सुरक्षा स्थिति में ”काफी बदलाव” आया है.

इसमें कहा गया है कि इस सरकार ने लगातार इस बात पर जोर दिया है कि ”राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता”, और इस सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए भारत अपनी क्षमता और तैयारी स्वयं विकसित करेगा. पीआईबी की रूपरेखा में कहा गया है, ”वर्तमान सरकार के तहत भारत का रक्षा व्यय लगातार बढ़ा है, जो 2013-14 में 2.53 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में 6.81 लाख करोड़ रुपये हो गया है.” इसमें कहा गया है, ”अब ध्यान केवल हथियार हासिल करने पर ही नहीं, बल्कि घरेलू क्षमता निर्माण पर भी है. वर्ष 2024-25 में रक्षा उत्पादन रिकॉर्ड 1.50 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो 2014-15 के स्तर से तीन गुणा अधिक है.”

सरकार ने कहा कि लड़ाकू विमान, मिसाइल प्रणालियां, तोपखाना प्रणालियां, युद्धपोत, नौसैनिक पोत, विमानवाहक पोत और बहुत कुछ अब भारत में बनाया जा रहा है, जो इस बात को रेखांकित करता है कि किस तरह ”आत्मनिर्भरता राष्ट्रीय सुरक्षा की आधारशिला बन गई है.” इसने कहा कि पिछले दशक में रक्षा निर्यात चौंतीस गुणा बढ़कर 2024-25 में 23,622 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. इसने कहा है कि भारतीय उपकरण अब अमेरिका, फ्रांस और आर्मेनिया समेत 100 से ज्यादा देशों को निर्यात किए जाते हैं. रूपरेखा में स्वदेशीकरण प्रयासों से संबंधित आंकड़े भी साझा किये गये.

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu