केंद्र ने खाद्य सुरक्षा अधिनियम के लाभार्थिंयों की संख्या नहीं घटायी, केवल समीक्षा के लिए कहा: जोशी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 24 Aug 2025 10:50 PM
केंद्र ने खाद्य सुरक्षा अधिनियम के लाभार्थिंयों की संख्या नहीं घटायी, केवल समीक्षा के लिए कहा: जोशी
ऑडियो सुनें

नयी दिल्ली/होशियारपुर. खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि केंद्र ने पंजाब में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत स्वीकृत 1.41 करोड़ लाभार्थियों में एक भी लाभार्थी को कम नहीं किया है, बल्कि राज्य सरकार से केवल समावेश मानदंडों के आधार पर लाभार्थियों की दोबारा जांच करने को कहा है ताकि पात्र दावेदारों को लाभ मिल सके.

जोशी ने यह बात पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के दावे के बाद शनिवार को कही. मुख्यमंत्री ने कहा था कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार एनएफएसए के तहत राज्य में आठ लाख से ज्यादा राशन कार्ड धारकों के नाम हटाना चाहती है, लेकिन उनकी सरकार ऐसा नहीं होने देगी.

जोशी ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर लिखा, ”भगवंत मान को तथ्यों को सही से समझने की जरूरत है.” उन्होंने स्पष्ट किया कि लाभार्थियों के लिए अनिवार्य ई-केवाईसी का निर्देश उच्चतम न्यायालय ने दिया था और केंद्र केवल राज्यों से इसे लागू करने के लिए कह रहा है. मंत्री ने कहा कि पंजाब को इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए कई बार समय-सीमा बढ़ाई गई है.

जोशी ने कहा कि कि एनएफएसए 2013 के तहत, पात्र लाभार्थियों की पहचान करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है और इसके लिए उनके अपने मानदंड हैं. इस प्रक्रिया में केंद्र सरकार की कोई भूमिका नहीं है. उन्होंने कहा, ”केंद्र सरकार ने केवल पंजाब सरकार के समावेश मानदंडों के आधार पर लाभार्थियों की दोबारा जांच करने को कहा है. इस तरह, इस योजना से नहीं जुड़े पात्र लाभार्थी को जोड़ा जा सकेगा.” जोशी ने कहा कि सभी 1.41 करोड़ लाभार्थियों को मुफ्त अनाज मिलता रहेगा.

इससे पहले, चंडीगढ़ में मीडिया को संबोधित करते हुए, मान ने दावा किया था कि उनकी सरकार को केंद्र से एक रिपोर्ट मिली है, जिसमें पंजाब में 8,02,493 राशन कार्ड धारकों के नाम काटने की बात कही गई है क्योंकि वे अब पात्र नहीं हैं. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार एक भी राशन कार्ड को नहीं हटाने देगी. मान ने कहा कि पंजाब में एनएफएसए के तहत 1.53 करोड़ लाभार्थी हैं, जिन्हें गेहूं मिलता है. आप सरकार हमेशा गरीबों के साथ खड़ी है.

केंद्र ने आठ लाख परिवारों के राशनकार्ड रद्द करने की साजिश रची: पंजाब के मंत्री

पंजाब सरकार में मंत्री रवजोत सिंह ने रविवार को केंद्र पर आरोप लगाया कि वह करीब आठ लाख परिवारों के राशन कार्ड रद्द करके और लगभग 32 लाख लाभार्थियों को उनके मूल अधिकारों से वंचित करके राज्य के गरीबों के खिलाफ ”साजिश रच रही है.” सिंह ने यहां प्रेसवार्ता में कहा कि 2022 के बाद से, जब पंजाब के लोगों ने आम आदमी पार्टी (आप) को ऐतिहासिक जनादेश दिया, राज्य में भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने किसानों, मजदूरों, गरीबों और आम आदमी के हितों की रक्षा के लिए कई जन-हितैषी फैसले किए हैं.

उन्होंने कहा, ”इसके विपरीत, भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने हमेशा पंजाब के प्रति भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया है. चाहे किसानों का मुद्दा हो या अन्य मामले, केंद्र पंजाब को निशाना बनाने के तरीके ढूंढते रहता है.” मंत्री ने दावा किया कि राशन कार्ड रद्द करने का नवीनतम कदम केंद्र सरकार की गरीब-विरोधी मानसिकता को ‘उजागर’ करता है, क्योंकि ये कार्ड वास्तव में जरूरतमंद परिवारों को जारी किए गए हैं. देश के प्रति पंजाब के योगदान पर प्रकाश डालते हुए सिंह ने कहा कि राज्य हमेशा संकट के समय अग्रिम पंक्ति में खड़ा रहा है-चाहे वह युद्ध हो या खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना.

उन्होंने आरोप लगाया, ”पंजाब देश का 40 प्रतिशत गेहूं और 26 प्रतिशत चावल पैदा करता है, फिर भी केंद्र पंजाब के साथ अन्यायपूर्ण व्यवहार कर रहा है.” इस बीच, ‘आप’ ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और केंद्र पंजाब के लोगों एवं किसानों को ‘परेशान’ करने के लिए मुफ्त राशन वितरण बंद करने की ‘साजिश’ रच रहे हैं.

पार्टी ने एक बयान में कहा, ”लेकिन हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे और एक भी पंजाबी का नाम मुफ्त राशन सूची से नहीं हटने देंगे.” राज्य में सत्तारूढ. पार्टी ने आरोप लगाया कि ई-केवाईसी के बहाने केंद्र ने जुलाई में 23 लाख पंजाबियों का राशन बंद कर दिया. उसने कहा कि अब केंद्र सरकार 30 सितंबर से 32 लाख और लोगों का राशन रोकने की धमकी दे रही है.

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को दावा किया था कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राज्य में आठ लाख से अधिक राशन कार्ड धारकों के नाम हटाना चाहती है, लेकिन उनकी सरकार ऐसा नहीं होने देगी. हालांकि, केंद्र सरकार ने रविवार को कहा कि उसने पंजाब में खाद्य कानून के तहत एक भी लाभार्थी का नाम नहीं हटाया है और न ही खाद्यान्न कोटा कम किया है. केंद्र ने राज्य की ‘आप’ सरकार से कहा कि वह आंकड़ों को दुरुस्त करे, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि केवल पात्र गरीबों को ही राशन मिले.

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu