
नयी दिल्ली/पटना/लखनऊ. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बिहार में कांग्रेस नेता की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की माताजी के लिए कथित तौर पर अभद्र भाषा के इस्तेमाल के लिए राहुल गांधी को बृहस्पतिवार को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि राज्य के लोग विपक्षी दल को उसकी ‘अपशब्दों की राजनीति’ के लिए करारा जवाब देंगे. यह बयान सोशल मीडिया पर एक वीडियो क्लिप के सामने आने बाद आया है जिसमें कुछ अज्ञात लोगों को यात्रा के दौरान मंच से मोदी के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए दिखाया गया है.
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो कथित तौर पर दरभंगा जिले का है, जहां से बुधवार सुबह यात्रा शुरू हुई थी, जब राहुल गांधी, उनकी बहन और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव मोटरसाइकिल पर मुजफ्फरपुर के लिए रवाना हुए थे.
‘पीटीआई-भाषा’ इस वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता. भाजपा ने आरोप लगाया कि बिहार में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की अगुवाई में ”वोटर अधिकार यात्रा” अपमान, घृणा और स्तरहीनता की सारी हदें पार कर चुकी है और उसने दावा किया कि इसमें प्रधानमंत्री मोदी की दिवंगत माताजी के लिए बेहद अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया. भाजपा सांसद एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने मोदी के खिलाफ कथित तौर पर अपशब्दों के इस्तेमाल के लिए राहुल गांधी को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि कांग्रेस, जो अक्सर खुद को स्वतंत्रता संग्राम से जोड़ती है, एक ह्लगली वाली पार्टीह्व बन गई है क्योंकि गांधी परिवार सत्ता में वापस नहीं आ पा रहा है.
पात्रा ने कहा, ”कांग्रेस की गलियों की दुकान सील होगी, और इसकी शुरुआत बिहार से होगी.” उन्होंने कहा, ”आज दरभंगा में मोदी जी और उनकी दिवंगत मां के लिए जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया है… अगर कोई इसका जनक है, तो वह राहुल गांधी हैं, कोई और नहीं. राहुल गांधी ने हाल में जो भाषण दिए हैं, उन्हें सुनें और उनका विश्लेषण करें.” पात्रा ने कहा कि पिछले पांच-छह दिन से राहुल गांधी अपने भाषण में प्रधानमंत्री को संबोधित करने के लिए ह्लतूह्व शब्द का इस्तेमाल कर रहे हैं. भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस ”गाली-गलौज की राजनीति” कर रही है और किसी को नहीं बख्श रही है, क्योंकि गांधी परिवार सत्ता में वापसी नहीं कर पा रहा है.
उन्होंने आरोप लगाया, ”अगर उन्हें गद्दी नहीं मिली तो वे लोकतांत्रिक तरीके से निर्वाचित प्रधानमंत्री को भी गाली दे सकते हैं.” भाजपा नेता ने कहा, ”राहुल गांधी, हम आपसे माफी की उम्मीद नहीं कर रहे हैं क्योंकि आपको प्रधानमंत्री मोदी को गाली देकर आनंद मिल रहा है. लेकिन लोगों को इसमें मजा नहीं आ रहा. बिहार की जनता इसका करारा जवाब देगी.” इससे पहले भाजपा ने ‘एक्स’ पर कहा, ”तेजस्वी यादव और राहुल ने अपने मंच से इतनी गंदी भाषा का प्रयोग कराया है कि उसे सार्वजनिक मंच पर दोहराना भी संभव नहीं…राजनीति में ऐसी नीचता पहले कभी नहीं देखी गयी. यह यात्रा अपमान, घृणा और स्तरहीनता की सारी हदें पार कर चुकी है.”
सत्तारूढ़ पार्टी ने दावा किया कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की दिवंगत माताजी के खिलाफ बेहद अभद्र भाषा का प्रयोग किया.
उसने दावा किया कि प्रधानमंत्री की मां के लिए ऐसी अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना विपक्ष की हताशा को दिखाता है. उसने कहा कि तेजस्वी और राहुल ने पहले बिहार के लोगों का अपमान करने वाले तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी जैसे नेताओं को अपनी यात्रा में बुलाया.
भाजपा की दरभंगा जिला इकाई के प्रमुख आदित्य नारायण झा ‘मन्ना’ ने कहा, ”हम इस अपमान को बर्दाश्त नहीं करेंगे. हमने राहुल और तेजस्वी के पुतले जलाए हैं और पुलिस में शिकायत दर्ज कराकर उन लोगों के खिलाफ जांच और कार्रवाई की मांग करेंगे जो अपशब्द कहने में शामिल थे.” कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, ”हम यह नहीं बता सकते कि वीडियो में किन लोगों की आवाज है. इस यात्रा में कम से कम छह पार्टियों के कार्यकर्ता हिस्सा ले रहे हैं.” बिहार में विपक्षी ‘महागठबंधन’ में राजद और कांग्रेस के अलावा तीन वामपंथी दल और पूर्व राज्य मंत्री मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी भी शामिल हैं.
प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ कथित अपशब्दों को मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने ‘राजनीतिक पतन’ बताया
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को बिहार में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व वाली ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत माँ के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र भाषा के इस्तेमाल की निंदा की और इसे “राजनीतिक पतन” का संकेत बताया.
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ”कांग्रेस और राजद (राष्ट्रीय जनता दल) के मंच से आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के लिए प्रयुक्त अभद्र भाषा अत्यंत निंदनीय एवं राजनीतिक मर्यादा का पतन है.” उन्होंने कहा कि ‘इंडी’ गठबंधन के नेताओं द्वारा किया गया यह कृत्य सिर्फ प्रधानमंत्री का नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतवासियों की भावनाओं का अपमान है.
मुख्यमंत्री ने कहा, ”याद रहे, एक साधारण माँ ने अपने संघर्षों और संस्कारों से ऐसे पुत्र को गढ़ा, जिसने स्वयं को राष्ट्र सेवा के लिए सर्मिपत कर दिया और आज विश्व के सबसे लोकप्रिय नेता के रूप में जन-जन के मन में बसते हैं.” उन्होंने कहा कि बिहार की जनता निश्चित ही इस घृणित राजनीति का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी और भारतीय संस्कृति व लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करेगी.
प्रधान ने अभद्र भाषा के इस्तेमाल को लेकर राहुल, तेजस्वी पर निशाना साधा
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बिहार में राहुल गांधी के नेतृत्व वाली ”वोटर अधिकार यात्रा” के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दिवंगत माताजी के लिए कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किये जाने को लेकर कांग्रेस नेता और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव पर बृहस्पतिवार को निशाना साधा. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आरोप लगाया कि बिहार में ”वोटर अधिकार यात्रा” के दौरान ”अपमान, घृणा और स्तरहीनता” की सारी हदें पार की जा चुकी हैं.
भाजपा ने ‘एक्स’ पर अपने हैंडल से इस घटना का वीडियो पोस्ट नहीं किया लेकिन कुछ हैंडल द्वारा ऑनलाइन साझा की गयी सामग्री में कुछ अज्ञात लोगों को यात्रा के दौरान मंच से मोदी के लिए हिंदी में अपशब्द का इस्तेमाल करते हुए दिखाया गया है. ‘पीटीआई-भाषा’ स्वतंत्र रूप से वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं कर सकती.
प्रधान ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी की दिवंगत माताजी के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल बहुत ही शर्मनाक एवं निंदनीय है. यह भाषा राहुल गांधी और तेजस्वी यादव समेत पूरे ‘इंडी’ गठबंधन द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के प्रति नफरत की पराकाष्ठा को दर्शाती है. राजद-कांग्रेस के चुनावी मंच से आई यह घृणित टिप्पणी बिहार और देशभर के हर उस भारतीय का अपमान है जो अपनी मां को भगवान के समान मानता है.” उन्होंने कहा, ”बिहार का अपमान करने वालों को बढ़ावा देने के बाद, व्यक्तिगत द्वेष और घृणा से प्रधानमंत्री की दिवंगत माताजी के खिलाफ ऐसी भाषा का इस्तेमाल करना इन नेताओं और दलों की खोखली मानसिकता और घोर निराशा का प्रमाण है.” प्रधान ने कहा, ”जनता का आशीर्वाद और समर्थन न मिलने की हताशा अब इन नेताओं की भाषा और आचरण में साफ दिखाई दे रही है. बिहार की जनता सब देख रही है. पहले बिहार का अपमान और अब प्रधानमंत्री की माताजी के लिए यह असंवेदनशील और अमर्यादित व्यवहार – जनता अपने वोट की चोट से इसका जवाब देगी.”



