
चंडीगढ़: पंजाब के राजनीतिक दलों ने ईंधन की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी को लेकर सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा और उन्होंने इसे महंगाई से जूझ रहे आम नागरिकों पर एक और कठोर प्रहार बताया। सोमवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में क्रमश? 2.61 और 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई। यह दो हफ्तों से भी कम समय में चौथी बार है जब सरकारी तेल कंपनियों ने बढ़ोतरी की है। इससे महंगाई और परिवहन लागत बढ़ने की ंिचताएं गहरी हो गई हैं।
इस बढ़ोतरी पर प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल ंिसह चीमा ने कहा कि केंद्र ने आम जनता को एक और ”झटका” दिया है।
उन्होंने कहा, ”लगता है कि भाजपा सरकार को मुश्किलों से जूझ रहे परिवारों की कोई ंिचता नहीं है। जहां दुनिया के कई देश अपने नागरिकों को वैश्विक ईंधन संकट से बचा रहे हैं, वहीं भारत में लोगों को अकेले यह संकट झेलने के लिए छोड़ दिया गया है। क्या यही है वह ‘अमृत काल’ जिसका वादा लोगों से किया गया था?” चीमा ने भाजपा नीत केंद्र सरकार पर आर्थिक प्रबंधन में नाकाम रहने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ”रुपया भी गिर रहा है… पेट्रोल 100 रुपये पार कर रहा है, सोने पर शुल्क 15 प्रतिशत तक बढ़ाया गया है और इस सबके ऊपर केंद्र सरकार ने अमेरिका का सामान आयात करने की प्रतिबद्धता जताई है, जो किसानों की आमदनी को बुरी तरह चोट पहुंचा सकती है।” पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रताप ंिसह बाजवा ने भी ईंधन मूल्य वृद्धि की कड़ी ंिनदा की।
उन्होंने कहा, ”पेट्रोल के दाम फिर बढ़े, डॉलर के मुकाबले रुपया लुढकता जा रहा है और आम भारतीयों के लिए जीवन मुहाल होता जा रहा है।” उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”सच यह है कि हर आर्थिक बोझ सीधा आम नागरिक पर डाला जा रहा है।” शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर ंिसह बादल ने भी इस बढ़ोतरी की आलोचना करते हुए कहा कि महज 10 दिनों में यह पेट्रोल और डीजल की चौथी बढ़ोतरी है।
उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ”पहले से ही जरूरी वस्तुओं की आसमान छूती कीमतों से जूझ रहे आम आदमी पर यह एक और कठोर प्रहार है। इससे कृषि क्षेत्र मंदी की चपेट में आ जाएगा, मध्यम वर्ग तबाह हो जाएगा और गरीबों की तकलीफें और बढ़ेंगी।” अकाली दल प्रमुख ने मांग की कि केंद्र सरकार महंगाई से राहत देने के लिए ईंधन और जरूरी वस्तुओं पर वस्तु एवं सेवा कर तथा अन्य करों में तत्काल कटौती करे।



